रायपुर । हिन्दू समाज में भगवान राम के जन्म स्थल के तौर पर अयोध्या का विशेष स्थान है. यहां श्रीराम की आरती अलग-अलग संप्रदाय अपने-अपने तरीके से करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि अयोध्या की तरह ही हमारे छत्तीसगढ़ के एक मंदिर में श्रीराम की आरती की जाती है. बात हो रही है बेमेतरा जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर स्थित चिल्फी के राम जानकी मंदिर की जहां वैष्णव परंपरा के अनुसार श्रीराम की आरती की जाती है ।
बेमेतरा-कवर्धा मार्ग पर स्थित उमरिया से दाढ़ी मार्ग पर स्थित चिल्फी में 1945 के दशक में श्रीराम जानकी मंदिर की स्थापना शीतला कुंवर ने कराई थी, जहां विराजमान राम, लक्ष्मण और सीता के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा वैष्णव परंपरा को मानने वाले रामानुजाचार्य सम्प्रदाय की है. मंदिर में श्रीराम की आरती अयोध्या में की जाने वाली परंपरा के अनुसार सप्त आरती सजाकर की जाती है. इसी बीच भगवान का आचमन कराने के बाद विशेष निराजन आरती की जाती है. इसमें थाली में एक दीया के साथ कपूर को जलाकर सातों आरती का जिक्र करते हुए आरती की जाती है ।
मंदिर के सरवराहकार चंद्रभूषण शुक्ला बताते हैं कि आरती की इस पूरी प्रक्रिया में 40-50 मिनट तक लगता है, लेकिन यह आरती विशेष अवसर रामनवमी एवं जन्माष्टमी पर किया जाता है. रामनवमी पर जहां दोपहर 12 बजे आरती की जाती है, वहीं जन्माष्टमी पर रात 12 बजे. सरवराहकार बताते हैं कि रामनवमी के बाद सातवें दिन छठी पर्व पर नए वस्त्र एवं षट् रस व्यंजन भगवान को भोग लगा कर आरती होती है, फिर ब्राह्मण भोजन कराया जाएगा, इसके साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे. गौरतलब है कि इसी परंपरा से शिवरीनारायण स्थित राम जानकी मंदिर में भी आरती की जाती है ।
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