रायपुर । चिटफंड कंपनियों में निवेश करने वालों को जल्द ही उनका पैसा वापस मिलेगा. डीआईजी एचआर मनहर के नेतृत्व में महाराष्ट्र गई चार सदस्यीय दल अध्ययन करने के बाद वापस लौट आया है. अध्ययन दल महाराष्ट्र सरकार के कानून एवं वहां अपनाई जा रही विधि एवं प्रक्रिया का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय के माध्यम से शासन को सौंपी है, जिस पर कार्यवाही जारी है ।
वित्तीय अनियमित कंपनियों के निक्षेपकों के धन वापसी की कार्यवाही भी छत्तीसगढ़ राज्य के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम-2005, नियम-2015 के प्रावधानों के अनुसार गंभीरता पूर्वक की जा रही है. इसके तहत अब तक 03 प्रकरणों में माननीय न्यायालय द्वारा संबंधित अनियमित वित्तीय कंपनियों के संपत्ति की कुर्की के अंतिम आदेश जारी किये गये हैं. 25 प्रकरणों में जिला दण्डाधिकारी द्वारा संबंधित कंपनियों के संपत्ति की कुर्की के अंतःकालीन आदेश जारी ये गये हैं एवं 19 प्रकरणों में पुलिस अधीक्षक द्वारा अनयिमित वित्तीय कंपनियों के संपत्ति का ब्यौरा प्राप्त कर कुर्क आदेश जारी करने के प्रतिवेदन जिला दण्डाधिकारी को प्रेषित किये गये हैं. इस तरह कुल 50 प्रकरणों में संबंधित कंपनियों की परिसंपत्ति कुर्की कर निक्षेपकों के धन वापसी की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है ।
आपको बता दें कि चिटफंड कंपनियों में निवेशकों का पैसा लौटाने के मामले में 5 फरवरी को कैबिनेट की बैठक हुई थी जिसमें एडीजी के नेतृत्व में 4 सदस्यीय दल को महाराष्ट्र भेजने का निर्णय लिया गया था. दल द्वारा महाराष्ट्र में चिटफंड कंपनियों द्वारा ठगी के शिकार बनाए गए लोगों का पैसा किस तरह से लौटाया जा रहा है उसके अध्ययन के लिए भेजा गया था ।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
