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panchayattantra24.-बस्तर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित जिला स्तरीय…

 

panchayattantra24.- बस्तर। छग शासन द्वारा पारंपरिक खेलों को प्रोत्साहित करने, बस्तर संभाग के जनजातीय बहुल एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं की खेल प्रतिभा को पहचानने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘बस्तर ओलंपिक 2025’ का आयोजन किया जा रहा है। जिसका नारायणपुर के सुदूर वनांचल ग्राम कच्चापाल में शुभारंभ आज उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। इस अवसर पर ईरकभट्टी और कच्चापाल की ग्रामीण महिलाओं के मध्य रस्साकसी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें ईरकभट्टी के महिलाओं ने बाजी मारी।उपमुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर सभी का उत्साहवर्धन भी किया। उन्होंने खिलाड़ियों में उत्साह को देखते हुए सभी को बस्तर ओलंपिक 2025 की टीशर्ट का वितरण किया। यह प्रतियोगिता विकासखंड, जिला और संभाग स्तर पर तीन चरणों में आयोजित होगी। बस्तर ओलंपिक 2025 में बस्तर संभाग में 03 लाख 80 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने भाग ले रहे हैं, जिसमें नारायणपुर में 47 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं। 
 इस कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल नहीं है यह बस्तर की समरसता, बंधुत्व, विश्वास और एकता का प्रतीक भी है। यह ओलंपिक बस्तर के युवाओं को अपनी नैसर्गिक प्रतिभा के प्रदर्शन का एक मंच प्रदान करने के साथ उनमें आत्मविश्वास जगाने और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का एक माध्यम भी है। हमें पूरा भरोसा है कि इस ओलंपिक के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी प्रदेश को मिलेंगे जो प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में बस्तर का नाम ऊंचा करेंगे। 
उल्लेखनीय है कि बस्तर ओलंपिक का आयोजन 25 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक विकासखंड स्तर, जिला स्तर एवं संभाग पर किया जाएगा। जिसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, कराटे, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, रस्साकसी, हॉकी और वेटलिफ्टिंग जैसी खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। जहां जूनियर वर्ग (14 से 17 वर्ष) और सीनियर वर्ग (17 वर्ष से अधिक) के साथ दिव्यांग खिलाड़ी और आत्मसमर्पित नक्सली भी सीधे संभाग स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे।
 

 
panchayattantra24.-बस्तर। बस्तर में सरेंडर किए नक्सलियों को अब रायपुर घुमाने के लिए ले जाया जाएगा। शहर की बड़ी इमारतें, चमचमाती सड़क से लेकर सदन तक दिखाया जाएगा। शहर में तेजी से हो रहे विकास और टेक्नोलॉजी को नक्सलियों को दिखाएंगे। वहीं सरकार सरेंडर नक्सलियों के स्किल डेवलपमेंट की भी कोशिश करेगी। पुनर्वास केंद्रों में रह रहे सरेंडर नक्सली अपने परिजनों से बात कर सकें इसके लिए सरकार हर एक सरेंडर नक्सली को फ्री में मोबाइल भी देगी। गृहमंत्री विजय शर्मा ने जल्द ही फोन उपलब्ध कराने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। गृहमंत्री शर्मा ने कहा कि हथियार छोड़े आए नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की यह एक कोशिश है। 
 गृहमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने, परिजनों से मिलने की तिथि तय करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। यदि उनके परिवारजन किसी जेल में बंद हैं, तो उनसे मिलने की व्यवस्था करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सभी पुनर्वासित व्यक्तियों को कम से कम एक बार रायपुर भ्रमण (एक्सपोजर विजिट) पर ले जाया जाए, ताकि वे समाज और विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। दरअसल, गृहमंत्री विजय शर्मा जगदलपुर, बीजापुर और सुकमा के दौरे पर हैं। उन्होंने पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों से बातचीत की। साथ ही अलग-अलग जगह जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों से भी रूबरू हुए।
 

 

panchayattantra24.-बस्तर। मां दंतेश्वरी की पूजा अर्चना करने के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह राज महल गए। यहां बस्तर राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव समेत परिवार से मुलाकात की।जगदलपुर में शाह की सभा में लोगों की भीड़ जुट गई है। थोड़ी देर बाद शाह मुरिया दरबार में शामिल होंगे। बस्तर राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव के अनुसार, अमित शाह देश के पहले गृहमंत्री हैं, जो बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शिरकत कर रहे हैं। इससे पहले केवल राज्य के मुख्यमंत्री ही इस परंपरा में शामिल होते थे। मुरिया दरबार में केंद्रीय मंत्री मांझी, चालकी, मेंबर और मेंबरीन समुदायों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं भी सुनेंगे। 
 दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचने पर अमित शाह का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव सिंह ने स्वागत किया था। इस दौरान वहां मंत्री केदार कश्यप और लता उसेंडी भी मौजूद रहे।
 

 

panchayattantra24.-बस्तर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का 4 अक्टूबर को बस्तर दौरा लगभग तय माना जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने जगदलपुर के लाल बाग मैदान में तैयारी शुरू कर दी है। अमित शाह बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में शामिल होंगे। साथ ही वे लाल बाग मैदान में भी आम सभा को संबोधित करेंगे। दरअसल, बस्तर सांसद और दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप समेत अन्य सदस्यों ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को दशहरा में शामिल होने न्योता दिया था। शाह ने इस पर्व में आने की हामी भरी थी। अब प्रशासन भी तैयारियों में जुट चुका है। हालांकि, बस्तर में शाह का और कौन-कौन सा कार्यक्रम होगा ये अभी स्पष्ट नहीं है। 
लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि वे नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों और सरेंडर्ड नक्सलियों से मिल सकते हैं। अंदरूनी इलाके के कुछ ग्रामीणों से भी मुलाकात कर सकते हैं। शाह के अलावा छत्तीसगढ़ के CM समेत कई मंत्री, विधायक और सांसद भी बस्तर दशहरा में शामिल हो सकते हैं। अमित शाह ने ‘एक्स’ पर लिखा नक्सलवाद से मुक्त और शांति की ओर अग्रसर बस्तर अपने पर्व-त्योहार धूम-धाम से मना रहा है। आदिवासी संस्कृति और विरासत का प्रमाण 75 दिनों तक मनाया जाने वाला बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में आने का निमंत्रण मिला है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उत्सुक हूं।
 

 

panchayattantra24.-बस्तर। बस्तर दशहरा की सबसे महत्वपूर्ण काछनगादी की रस्म 21 सितंबर की शाम निभाई गई है। 10 साल की बालिका पीहू दास पर काछनदेवी सवार हुईं। फिर बस्तर राजपरिवार के सदस्यों को बेल के कांटों से बने झूले पर झूलकर दशहरा मनाने की अनुमति दीं। करीब 617 साल से चली आ रही परंपरा को निभाया गया। दरअसल, जगदलपुर के भंगाराम चौक में स्थित काछनगुड़ी में रस्म को निभाया गया है। रविवार शाम बस्तर राज परिवार के सदस्य कमलचंद भंजदेव समेत अन्य सदस्य काछनगुड़ी पहुंचे थे। यहां पीहू पर काछन​देवी सवार हुईं। फिर परंपरा अनुसार बेल के कांटों से बने झूले पर सवार होकर उन्होंने आशीर्वाद स्वरूप कमलचंद भंजदेव को फूल देकर पर्व मनाने अनुमति दीं। 
कमलचंद भंजदेव ने कहा कि, काछन और रैला माता दोनों राजघराने की बेटियां थीं, जिन्होंने आत्म हत्या कर ली थी। उनकी पवित्र आत्मा यहीं पर विराजती हैं। काछन माता और रैला माता एक छोटी कन्या पर आती हैं।सालों से यह परंपरा चली आ रही है कि पितृ पक्ष के आखिरी दिन राज परिवार के सदस्य खुद आशीर्वाद लेने आते हैं। माता फूल के रूप में आशीर्वाद दीं हैं। जिससे बस्तर दशहरा निर्विघ्न संपन्न हो।
 

 

panchayattantra24.-बस्तर। जगदलपुर-बीजापुर नेशनल हाईवे 63 पर कार और बोलेरो की टक्कर हो गई। हादसा इतना जबरदस्त था की कार में आग लग गई और इसमें सवार 2 युवक जिंदा जल गए हैं। वहीं बोलेरो में सवार कुछ युवक घायल हैं। घटना किलेपाल के पास हुई है। मामला कोडेनार थाना क्षेत्र का है। फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो पाई है।
सुकमा जिले के छिंदगढ़ थाना क्षेत्र में छोटे भाई ने अपने ही बड़े भाई को कुल्हाड़ी मारकर मौत के घाट उतार दिया। हत्या की इस वारदात को जब उसने अंजाम दिया, बड़ा भाई सो रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। छिंदगढ़ टीआई रंजीत प्रताप ने बताया कि हफ्तेभर पहले सोमा अपने छोटे भाई सुकालू के बाड़े से बांस काटकर ले आया था। इसी बात से सुकालू काफी नाराज था। बुधवार शाम सोमा छिंदगढ़ बाजार से सामान खरीदने के बाद अपने घर जा रहा था। इस बीच किसी बात पर उसने सुकालू को एक थप्पड़ मार दिया। उसने अपने घर से कुल्हाड़ी निकाली और सोमा पर सोते वक्त ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
 

 
 panchayattantra24.-बस्तर। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर दशहरा में शामिल होने न्योता दिया है। इस दौरान गृहमंत्री ने भी न्योता स्वीकार किया और कहा कि वे बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार की रस्म में शामिल होने बस्तर जरूर आएंगे। दरअसल, पिछले करीब 618 साल से बस्तर दशहरा पर्व मनाया जा रहा है। खास बात है कि यह पर्व करीब 75 दिनों तक चलता है और यहां रावण का दहन नहीं होता है, बल्कि रथ की परिक्रमा करवाई जाती है। यही इसकी प्रसिद्धि की सबसे बड़ी वजह है। 
इसके साथ ही दशहरा समिति के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री और अन्य सांसदों को भी न्योता दिया। रायपुर में CM विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अरुण साव, कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, जांजगीर-चांपा सांसद कमलेश जांगड़े, बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, भाजपा प्रदेश महामंत्री रामू रोहरा को विशेष आमंत्रण दिया है।
 

 

panchayattantra24.-बस्तर/दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन से बुरी तरह प्रभावित उत्तर भारत के कई राज्यों का दौरा करने वाले हैं। इस दौरान वो बाढ़ प्रभावित राज्यों में स्थिति की समीक्षा करेंगे। पीएम मोदी का यह दौरा लगातार बारिश से हुई तबाही के बीच हो रहा है, जिसने सैकड़ों लोगों की जान ले ली है और बुनियादी ढांचे और कृषि को भारी नुकसान पहुंचाया है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण इस मौसम में 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पिछले दो दिनों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और मकान ढहने से दर्जनों लोगों की जान चली गई है। राजमार्ग अवरुद्ध हैं, नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं और हजारों लोग फंसे हुए हैं क्योंकि यह क्षेत्र दशकों में सबसे खराब मौसम आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। हिमाचल प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में से एक बना हुआ है, जहां मानसून की शुरुआत से अब तक 360 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार, 1,087 सड़कें अभी भी अवरुद्ध हैं, जबकि 2,838 बिजली आपूर्ति लाइनें और 509 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। 
 अनुमान के मुताबिक 3,979.52 करोड़ रुपये से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ है, जिससे सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए हैं। वहीं पंजाब में बाढ़ ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। राज्य के 23 जिलों के 1,900 से ज्यादा गांव जलमग्न हो गए हैं, जिसके परिणामस्वरूप 43 लोगों की मौत हो गई है। लगभग 1.71 लाख हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो गई हैं, जिसके कारण राज्य सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए केंद्र से विशेष वित्तीय पैकेज की मांग की है। जम्मू-कश्मीर में स्थिति में सुधार के संकेत दिख रहे हैं। कई दिनों की भारी बारिश के बाद झेलम नदी और अन्य जलाशयों का जलस्तर कम होने लगा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों में क्षेत्र में शुष्क मौसम रहने और केवल कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने का अनुमान लगाया है। उत्तराखंड और अन्य उत्तर भारतीय क्षेत्रों में भी भीषण बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं, जिससे व्यापक संपत्ति का नुकसान हुआ है और दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। फिलहाल राहत कार्य जारी हैं। राज्य और केंद्रीय दोनों एजेंसियां बचाव कार्यों का समन्वय कर रही हैं और प्रभावित लोगों को आवश्यक सामग्री वितरित कर रही हैं।