रायपुर । दो बेरोजगार बेटियों को नौकरी लगवाने के लालच में गुढ़ियारी की एक महिला ठगी की शिकार हो गई। निजी स्कूल के संचालक ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिला से 4.50 लाख रुपये ठग लिए। शिकायत पर पुलिस ने चार सौ बीसी का अपराध कायम कर आरोपित की तलाश शुरू कर दी है।
गुढ़ियारी थाना प्रभारी सुशांतो बनर्जी के मुताबिक नवीन स्कूल के पास शुक्रवारी बाजार निवासी हेमलता तिवारी उर्फ हेमा (47) पति अंबिका की दो बेरोजगार बेटियां हैं। बड़ी बेटी बीबीए कर चुकी है और छोटी बेटी 12वीं पास है। दोनों नौकरी के लिए प्रयास कर रही थीं।
वर्ष 2016 में हेमलता को जानकारी मिली कि गुढ़ियारी, सतनामी पारा (साहूपारा) स्थित मां शारदा उमा शाला के संचालक श्याम अग्रवाल उर्फ श्याम सुंदर अग्रवाल नौकरी लगाने में मदद करते हैं। इस बारे में पति से बात कर श्याम अग्रवाल से मिलना तय किया। चूंकि श्याम अग्रवाल से पहले से परिचित थी, लिहाजा फोन पर बात हुई तो घर आकर बात करने को कहा।
फिर घर आकर बताया कि बैंक आफ बडौदा में बड़ी बेटी को पीओ पोस्ट और छोटी बेटी को मंत्रालय में लिपिक पद की नौकरी लगवा दूंगा। दोनों पदों पर नौकरी लगवाने के एवज में कुल सात लाख की मांग की। पहले आधा पैसा फिर नौकरी लगने के बाद शेष पैसा देने को कहा। इस दौरान वह बैंक व मंत्रालय का दस्तावेज देकर विश्वास जमाता रहा।
रिश्तेदार से उधार में लेकर दिए थे पैसे
आरोपित ने मेडिकल वेरीफिकेशन और ज्वाइनिंग का झांसा देकर पीड़िता से पैसा मांगा। हेमलता ने 6 जून 2016 को दो किस्तों में दो लाख, फिर भिलाई की रिश्तेदार रजनी मिश्रा से ढाई लाख रुपये उधार लेकर श्याम को दिया। लेकिन वह तीन साल तक लगातार यह कहकर घुमाता रहा कि जल्द ही नौकरी मिल जाएगी, थोड़ा सब्र रखो।
तीन साल गुजरने के बाद भी नौकरी नहीं लगी तो हेमलता ने पैसा वापस करने को कहा। तब श्याम ने पैसा एक परिचित को देने की बात कहते हुए कहा कि आपको जो करना है कर लो, मेरे पास पैसे नहीं हैं। ठगी का एहसास होने पर हेमलता ने गुरुवार रात को थाने में शिकायत दर्ज कराई।
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