हिंदू धर्म में दीपावली से पहले रूप चौदस मनाई जाती है, जिसे काली चौदस के रूप में भी जाना जाता है। रूप चतुर्दशी का पर्व यमराज के प्रति दीप प्रज्वलित कर यम के प्रति आस्था प्रकट करने के लिए मनाया जाता है। रूप चौदस का त्यौहार बंगाल में विशेष रूप से पूरे उत्साह के साथ मनाया जाता है। बंगाल में मां काली के जन्मदिन के रूप में भी मनाया जाता है, जिसके कारण इस दिन को काली चौदस कहा जाता है। बंगाल में इस दिन मां काली की आराधना का विशेष महत्व होता है।
24 अक्टूबर को है काली चौदस
काली चौदस को देश में अलग-अलग नामों से भी मनाया जाता है। कुछ स्थानों पर काली चौदस को नरक चौदस या रूप चतुर्दशी के रूप में भी मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल नरक चतुर्दशी 24 अक्टूबर को मनाई जाएगी। हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर काली चौदस भी मनाई जाती है। काली चौदस मुहूर्त पर इस साल पूजा का मुहूर्त 23 अक्टूबर 2022, रात 11.42 मिनट से 24 अक्टूबर को रात में 12.33 मिनट तक रहेगा।
काली चौदस पर शक्ति की पूजा का भी महत्व
बंगाल में काली चौदस पर महाकाली या शक्ति की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि काली चौदस के दिन ही माता काली ने नरकासुर का वध किया था, इसलिए नरक-चतुर्दशी के रूप में भी जाना जाता है। काली चौदस आलस्य और बुराई को खत्म करने का दिन है जो हमारे जीवन में नरक पैदा करता है और जीवन पर प्रकाश डालता है।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.