रायपुर । तेलीबांधा क्षेत्र के पॉश कोलोनियों में शामिल रिहयाशी कॉलोनी अवन्ति विहार में गंदगी का अंबार लगा हुआ है, सडांध और बदबू ने स्थानीय निवासियों का जीना दूभर कर दिया है, लोगों को घर के अंदर भी प्रदूषित दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड वासियों ने बताया कि इसका मुख्य कारण नालियों की महीनों से सफाई नहीं होने से नाली का पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर आ जाता है जिसके कारण सडऩ और दुर्गंध से वार्डवासी हलाकान है। यहां मौजूदा साफ-सफाई की व्यवस्था पूरी तरह गड़बड़ा गई है। यदि निगम ने शीघ्र ध्यान नहीं दिया तो यह कालोनी गंभीर बीमारी की चपेट में आ जाएगा।मामला राजधानी के आकर्षण का केंद्र कहे जाने वाले तेलीबांधा, मरीन ड्राइव का है। मरीन ड्राइव चौक से लेकर तेलीबांधा थाने जाने वाले रोड के लेफ्ट साइड में होटल, कपडे, लॉन्ड्री, स्टेशनरी, पोल्ट्री फॉर्म है और साथ ही रिहायशी क्षेत्र होने के कारण लोगों का घर भी है, इन दुकानों के सामने नाली बनाई गई है जो कि दो हिस्सों में है सबसे नीचे पाइप बिछाई गई है एवं उसके ऊपर गंदे पानी के लिए चेम्बर बनाया गया है इसी चेम्बर की सपाई नहीं होने से बदबू लगातार आती रहती है। बरसात के दिनों में यह बदबू और भी असहनीय हो जाती है, जिसके कारण हर मौसम में तेलीवांधा क्षेत्र पीलिया, डेंगू, मलेरिया जैसे मौसमी बीमारियों से ग्रसित रहता है। थोड़ा आगे चले तो चौक के पास ही स्थित स्वीट्स के दुकानदार ने बताया कि इस चेम्बर को कई महीनों से खोला भी नहीं गया है साथ ही निगम की टीम भी एक दो महीने बाद ही अपनी औपचारिता पूरी करने आ जाती है पर सफाई नहीं करती। स्थानीय निवासी जीतेन्द्र चंद्राकर ने बताया कि पिछले तीन सालों से यहां के रहवासी प्रदूषित बदबू का दंश झेल रहे है।
चपेट में अवंति विहार का डबरी तालाब
गंदी नालियों से लोगों की परेशानियां कम नहीं हुई बल्कि पास के तालाब को भी नालियों का पानी प्रदूषित कर रहा है। बहते नालियों का पानी अवन्ति विहार में मौजूद डबरी तालाब में मिल जाता है, जिससे तालाब पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है, यहां का पानी जीव जन्तुओं के पीने योग्य भी नहीं रहा । इस तालाब के आसपास रहने वाले स्थानीय निवासी प्रदूषित वातावरण में जीने के लिए मजबूर हैं।
इनसे फैल रही गंदगी
तेलीबांधा चौक से लेकर अवन्ति विहार जाने वाले रोड तक अनेक होटल, स्वीट्स एवं ड्राईक्लीनर के दुकानें मौजूद है जो अपने सारे वेस्टेजो को बेफिक्री से नाली में ही डाल देते हैं। यहाँ बहुत से बहुत से होटल और भोजनालय है, जिसमे हजारों लोगों का आना जाना लगा रहता हैं एवं इन होटल में बचे हुए खाने को कुछ होटल कर्मी नालियों में ही डाल दिया करते है । इसी तरह यहाँ दो से तीन स्वीट्स के दुकान मौजूद है जो कि अपने सारे खराब हुए सामग्रियों को नालियों द्वारा निकाल दिया करते हैं। इस रोड में दो से तीन पोल्ट्री की दुकान है जो कि वेस्टेजों को उचित स्थान में फेंकने के बजाए खुले एवं नालियों में ही डालते है। मारुती सुजुकी शो रूम का हाल-यहाँ दिन भर में लगभग सौ से दो सौ गाडिय़ों की मरम्मत कर, वाशिंग किया जाता है गाडिय़ों से निकलने वाली गंदगी को नालियों डाल दिया जाता हैं। यहां एक से दो ड्राईक्लीनर्स के दुकान है जो कि छह से साथ अलग अलग कैमिकल का प्रयोग करते है एवं इस पानी को नाली में बहाकर केमिकललोचा करते है। इस मामले की जानकारी लेने के लिए हमने वार्ड के पार्षद अजित कुकरेजा से (8982740000) फोन कॉल द्वारा सपर्क करने की कोशिश की लेकिन उन्हीने फोन नहीं उठाया।
