रायपुर । सुहागिन महिलाओं ने सोमवार को वट सावित्री का व्रत रखा. इस दौरान सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष को कच्चे धागे का रक्षा सूत्र बांधकर अपने पति की लंबी उम्र की कामना की. परिक्रमा के पश्चात महिलाओं ने वट सावित्री व्रत की कथा सुनी और बांस की टोकरी में वस्त्र, फल, मिठाई रखकर दान किया। पौराणिक कथा के अनुसार, ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की अमावस्या के दिन ही सावित्री अपनी दृढ़ संकल्प की बदौलत यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस हासिल कर लिया था. हिन्दू धर्म के अन्य व्रत और त्योहार की तरह वट सावित्री व्रत का भी प्रकृति से सीधा संबंध है. हिन्दू धर्म में सबसे पवित्र वट या बरगद के पेड़ को माना जाता है. पुराणों की मानें तो वट वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु व महेश तीनों का वास होता है ।
