
रायपुर । महापौर प्रमोद दुबे ने कहा है कि रायपुर को स्वच्छ बनाने के लिए उन्होंने काफी प्रयास किए हैं इसके परिणाम भी मिले हैं बावजूद हम राष्ट्रीय स्तर पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में पिछड़े इस पर मंथन की जरूरत हैं। उन्होंने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल में शहर के विकास के अनेक कार्य होने का दावा किया।
मुझे ऐसा लगता है कि 1-2 चीजों को छोड़कर जो नगर निगम रायपुर शहर पहले था और जो मेरे कार्यकाल के 4 सालों में रायपुर नगर निगम को देश के गिने चुने सुंदर और व्यवस्थित शहरों में गिना जाता है। इस बात का उदहारण यह हैं कि सुबह उठते ही लोगों को कर्णप्रिय गाने जैसे-मोर रायपुर मोर स्वच्छ रायपुर और गाड़ी वाला आया घर से कचरा निकाल ये एक बड़ी कार्ययोजना थी कि और लोगों ने भी हमें इसमें सहयोग दिया । रोज 300 गाड़ीवाले जो सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत जाते है, उन्हें कचरे निकाल कर देते हैं। इसके साथ ही हमने 7 नए गांव को नगर निगम से जोड़ा, सशर्त अलग-अलग पांच स्थानों में पांच हॉस्पिटल बनाया है। इसके अलावा मारवाड़ी श्मशान घाट से लेकर सभी श्मशान घाटों का जीर्णोद्धार किया। लोगों को साफ पानी मिले और गर्मी में भी दिक्कतों का सामना न करना पड़े इसलिए फि़ल्टर प्लांट अपडेट करने की दिशा में 80 एमएलडी के नए प्लांट लगाए गए। त्यौहारों में खासकर दुर्गा पूजा, गणेश विसर्जन ऐसे महत्वपूर्ण आयोजनों में शहर में ही विसर्जन कुंड बनाये गए, जिससे तालाबों का पानी गन्दा न हो। फिर देश का सबसे ऊँचा 82 मीटर का तिरंगा झंडा लगाया गया तेलीबांधा तालाब का सौंदर्यीकरण। मैंने ही सबसे पहले जनता की इच्छानुरूप मटरगश्ती (सेहतमंदी) शुरू किया। रात्रिकालीन हाइजनिक फूड सेंटर की शुरुआत के लिए नाइट चौपाटी एमजी रोड में शुरू किया। वही विद्यार्थियों के लिए सेंट्रल लाइब्रेरी,ओपन लाइब्रेरी ऑक्सीजोन और साथ में आनंद समाज जैसे लाइब्रेरी का निर्माण व नवीनीकरण। सुव्यस्थित वाहनों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग,साइकिल ट्रैक,प्रदूषण से बचने 150 ई-रिक्शा का संचालन,14 करोड़ की लागत में नेताजी सुभाष स्टेडियम,स्क्वेश कोर्ट,कचरे के निष्पादन के लिए एस.एल.आर.एम बनाया गया। सभी चौक चौराहों में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया। वाटर एटीएम जिससे लोगों को मात्र 1 रु में आर.ओ पानी मिले ,सबसे बड़ा काम हमने ऑनलाइन टैक्स का काम शुरू किया। तृतीय वर्ग ट्रांसजेंडर के लिए हमने एन.यू.एल.एम के तहत थर्ड जेंडर व सभी पढऩे वाले बच्चों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। इसके अलावा शहर के सभी वार्डो में 150 करोड़ के सड़क,10 नयी पानी टंकी,27 तालाबों का जीर्णोद्धार। हमारे कार्य में महिलाओ के लिए महिला जिम, मेडिटेशन सेण्टर योग सेण्टर 2.25 करोड़ की लागत में सेंट्रल लाइब्रेरी के पीछे बनाया गया। शहर के 300 दीवारों पर चित्रकारी के अलावा नगर निगम स्कूलों में टेबल -कुर्सी एवं पवार का कार्य। मोर जमीन मोर मकान के तहत 100 करोड़ की राशि प्रति गरीब परिवार को 2,30,000 के हिसाब से प्रदान किया गया। इस तरह और भी बहुत सारे काम मैंने किये हैं। सबसे महत्वपूर्ण देश के 500 शहरों में रायपुर शहर का चयन स्मार्ट सिटी के रूप में ये सबसे बड़ी सफलता हैं मेरे कार्यकाल के दौरान जो मैंने किया है।
मुझे इस बात की ख़ुशी हैं कि मैंने अपने कार्यकाल के दौरान जितने भी काम किया उसकी लम्बी फेहरिस्त हैं। नहीं तो पहले नगर निगम अपने कार्यकाल में 2-3 प्रोजेक्ट या काम बता दे तो बड़ी बात हुआ करती थी। लेकिन मेरे कार्यकाल में हमने सब काम मुमकिन किया और शहर को व्यवस्थित शहर बनाने का प्रयास किया और हम उस पर काफी हद तक सफल भी हुए। वैसे तो लगभग सभी प्रोजेक्ट्स सफल रहे हैं मगर कुछ प्रोजेक्ट हैं जिसमें मैंने ईमानदारी से शारदा चौक से लेकर तात्यापारा चौक ,घड़ीचौक तक चौड़ीकरण करने का प्रयास था जिसमें मैं असफल हो गया। शासन ने वहां स्काईवाक बनाने का आदेश दिया। मेरा ऐसा मानना था कि चौड़ीकरण का काम जो 50 करोड़ में हो जाता तो शासन के राजस्व से 30 करोड़ बचते क्योंकि स्काई वाक का प्रोजेक्ट 80 करोड़ का था और नतीजन आज स्काईवाक अधूरा पड़ा हुआ।
हाँ, मैंने अपना काम ईमानदारी से किया हैं और जो भी कुछ नया करने की कोशिश की वह सब जनता के लिए किया हैं। अब आप इस बात से अंदाज़ा लगा सकते हैं कि पुजारी पार्क के बाजू से निकली एक सड़क जो दशकों खराब थी बच्चे स्कूल जाते वक्त हादसों के शिकार भी हुए हैं। उस सड़क को मैंने अपने कार्यकाल में बनाया है और आज वहां से कितने राहगीरों के लिए अब वो रास्ता आसान हो गया है। दूसरा,बूढ़ापारा स्थित शीतलमंदिर से महामाया मंदिर तक जो सब्जी व्यापारियों से पूरा भरा हुआ है। वहां इमरजेंसी में एम्बुलेंस भी नहीं जा सकती ऐसे में हमने राहगीरों और व्यापरियों को देखते हुए महाराजबंध तालाब के कैचमेंट को छुए बिना वहां जितना संभव हुआ हमने उतनी जगह पर रोड बनाया है जिससे लोगों को परेशानी न हो सके। लेकिन एनजीटी के तरफ से अभी रोक लगाने के आदेश है इस वजह से उस सड़क पर डामरीकरण बचा हुआ है।
देखिये ऐसा है कि,नगर निगम रायपुर की अपनी पूरी कोशिश रहती हैं कि सब काम जल्दी और अच्छे से करे जिससे आमजनता को समस्याओं का सामना न करना पड़े, लेकिन मुझे इस बात का दु:ख हैं कि कुछ विभाग हैं जिनकी वजह से नगर निगम को खामियाजा भुगतना पड़ता है। अब देखिये उसमें पीडब्लूडी ,हाउसिंग बोर्ड, रायपुर डेवलपमेंट अथॉर्टी,एन.एच जैसे विभाग है, जो नगर निगम के अधिकारियों को कम आंकते है और उनसे तालमेल नहीं बिठाकर चलते और फिर नगर निगम को लोग दोष देते है यह कितना उचित हैं। अब जैसे जियो केबल बिछाने का काम शासन ने उनके अधिकारियों को दिया और जिसके चलते रास्ते को खोदकर केबल बिछाते हुए पाइप लाइन को नुकसान पहुंचाया, कभी कुछ और जिससे निगम को दो चार होना पड़ा हैं।
एक दो कार्य हैं जो शासन के तरफ से राशि कम मिलने के वजह से अटके पड़े हुए है। जिसमें पंडरी कपड़ा मार्केट से लेकर देवेंद्र नगर तक मार्ग है जिसे चौड़ीकरण करना हैं पर मुवाअजे के लिए पर्याप्त राशि न होने की वजह से रुका हुआ हैं यदि वहां पर हो जाता है चौड़ीकरण तो यातायात के सबसे बड़ी समस्या हल हो जायेगी। इसके साथ ही फाफाडीह स्थित पीली बिल्डिंग के सामने मुख्य जो मार्ग हैं वह भी मुवाअजे की वजह से अटका पड़ा हुआ हैं।
जी, इस चीज़ को आपको मानना पड़ेगा कि 3 लाख लोग बाहर से यहां काम करने आते हैं। जिसका खामियाजा शहर को भुगतना पड़ता है। तीन लाख लोग भी यहां कचरा करते हैं। नगर निगम रायपुर के संसाधन के अलावा जबतक लोग जागरूक नहीं होंगे तब तक कुछ नहीं हो सकता । इसका उदाहरण-लोग रात के 12 बजे तेलीबांधा के तालाब में केक काटते हैं और कचरे को तालाब में डाल देते है, अब आप ऐसे लोगों को क्या कहेंगे। सामने डस्टबिन होने के बावजूद आमजनता ऐसा कार्य करती हैं। शहर को सुंदर बनाना है तो हमें यह खुद से करना होगा। इस शहर को अपना घर समझकर अपने अंदर आत्मसात करना होगा और अपने आस पास के लोगों को जागरूक करना पड़ेगा । तब जाकर कही यह शहर व्यवस्थित और सुंदर बनेगा। आपके माध्यम से मैं कहना चाहता हू कि आम जनता नगर निगम के द्वारा किये गए विकास कार्य को सरकारी काम न समझे, इसके लिए स्वयं जागरूक होना पड़ेगा। मैं लोगो से कहना चाहूंगा की इस शहर को सुंदर बनाने में यदि जनता को कही लगता हैं कि उनका योगदान की जरुरत है तो आगे आकर करें। बस इस शहर को आमजन अपना घर समझे और इसके लिए हर प्रयास करे जिससे ये नारा सफल हो सके मोर रायपुर स्वच्छ रायपुर।
