Close Menu
Panchayat Tantra 24
  • Home
  • संपादकीय
    • रायपुर
    • दुर्ग
    • बस्तर
    • बिलासपुर
    • सरगुजा
  • राष्ट्रीय
    • दिल्ली
    • छत्तीसगढ़
    • मध्य प्रदेश
  • अंतरराष्ट्रीय
  • एंटरटेनमेंट
  • खेल
  • धर्म आध्यात्म
  • बिज़नेस
  • Contact Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति को मिलेगी नई रफ्तार, सिंगापुर की कंपनी लगाएगी ₹41,750 करोड़

October 5, 2026

मिट्टी की दीवारों से पक्के आशियाने तक पहुंचा राजा राम का परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली जिंदगी

October 5, 2026

जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाना सुनिश्चित करें-कलेक्टर

October 5, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Tuesday, October 6
  • Home
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact Us
Panchayat Tantra 24
  • Home
  • संपादकीय
    • रायपुर
    • दुर्ग
    • बस्तर
    • बिलासपुर
    • सरगुजा
  • राष्ट्रीय
    • दिल्ली
    • छत्तीसगढ़
    • मध्य प्रदेश
  • अंतरराष्ट्रीय
  • एंटरटेनमेंट
  • खेल
  • धर्म आध्यात्म
  • बिज़नेस
  • Contact Us
Panchayat Tantra 24
Home » रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना: अपेक्षाओं की धज्जियाँ और जनता का भरोसा टूटा
रायपुर

रायपुर स्मार्ट सिटी परियोजना: अपेक्षाओं की धज्जियाँ और जनता का भरोसा टूटा

adminBy adminSeptember 2, 2025No Comments5 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Share
WhatsApp Telegram Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

 
 तत्कालीन मेयर सहित स्मार्ट सिटी के तत्कालीन अधिकारी भी शामिल
 भ्रष्टाचार उजागर होने के बावजूद शासन कार्रवाई क्यों नहीं कर रही
 panchayattantra24.-रायपुर। स्मार्ट वहीं होता है जो सब कुछ पचा जाए, और बिना डकार के अरबों को पानी की तरह गटक जाए। रायपुर को भी अभिशाप है कि जब शहर को सजाने संवारने और सुंदर बनाने की सोच धरातल पर उतरेगी और फंड जारी होते ही सत्ता धारी दल के नेता और अधिकारी उस पर गिद्ध की तरह टूट पड़ेंगे। पिछले 25 सालों से राजधानी का तमगा लगाए रायपुर देश दुनिया को बता रहा है है कि मैं सबसे स्मार्ट हो गया हूं। यह आइना निगम के तत्कालीन सत्ताधारी दल के नेता और तत्कालीन अधिकारी शहर की जनता में यह भ्रम फैला कर राजनीति करने की सबसे निम्न स्तरीय सोच की साजिश की हिस्सा है। रायपुर का जो भी मेयर बना वह काजल की कोठरी बनी स्मार्ट सिटी की कालिख से बच नहीं पाया है। शहर में बने चौक -चौराहे स्मार्ट टायलेट, पिंक टाय़लेट और अन्य विकास कार्य अपनी बेबसी पर आंसू बहा रहे न कोई जनआंदोलन हो रहा न ही अधिकारी और नेता इस विषय पर कुछ बोलना पंसद कर रहे है स्मार्ट सिटी के पैसों को जमकर दुरूपयोग औऱ दोहन किया गया । नगर निगम प्रशासन और राज्य सासन को इस मामले को संज्ञान में लेकर तत्तकाल कार्रवाई करने से कई अधिकारी और नेता जेल की शोभा बढ़ा सकते है। 
 2023 के पहले तत्कालीन विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा में स्मार्ट सिटी को लेकर विधानसभा में सवाल उठाया था कि रायपुर कों स्नू-पावडर लगाने के लिए केंद्र सरकार से 10 करोड़ का फंड मिला था उसे कहां खर्च किया गया तथा रायपुर को स्मार्ट बनाने के कितने काम हुए । इसके जवाब में तत्कालीन नगरीय निकाय मंत्री डा. शिवडहरिया ने विधानसभा में बताया था कि रायपुर को स्मार्ट बनाने कुल 9615 कार्य स्वीकृत हुए थे, जिसपर 1327करोड़ 39 लाख 32 हजार जिस पर खर्च किया गया।
10 हजार करोड़ स्मार्ट सिटी के लिए मंजूरी अब तक हो चुकी है जिसमें 2000 तत्कालीन मेयर औऱ 8000 करोड़ अधिकारी स्मार्ट सिटी के तत्कालीन महाप्रबंधक, औऱ ठेकेदारों ने 10 हजार करोड़ कहा खचर् किए आज तक इसका हिसाब अनुत्तर है। पिछले 25 सालों से रायपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के नाम तरह-तरह के छल प्रपंच किया गया. इसका एक फायदा यह हुआ कि रायपुर भले ही स्मार्ट न हुआ हो लेकिन अधिकारियों औऱ सत्तादारी काबिज पार्टी की छवि जरूर स्मा्र्ट हो गई। स्मार्ट सिटी के नाम पर लूट की छूट का फायदा अधिकारियों ने भऱपूर उठाया । स्मार्ट सिटी द्वारा निर्मित स्मार्ट शौचालय जो रायपुर शहर में कबाड़ बन चुके थे। 
स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने एक और नया कारनामा कर दिखाया । जनता के करोड़ों रूपए से निर्मित स्मार्ट शौचालय को पहले तो निर्माण गैर जरूरी तरीके निर्माण किया अब उसके उपरांत उसको मेंटेन नहीं किया । मेंटेन करने के नाम पर किसी प्रकार के कोई रखरखाव के लिए न तो स्टाफ रखा न केयरटेकर की नियुक्ति की गई जिसकी वजह से करोड़ों रुपए के शौचालय रायपुर शहर में कबाड़ बन गए। अब स्मार्ट सिटी का नया करनामा सभी स्मार्ट शौचालय को टीना और ग्रिल लगाकर सील पैक कर दिया गया। अब सवाल उठता है कि जब इसका उपयोग होना ही नहीं था और तो इसका निर्णाण क्यों किय़ा गया। क्या सरकारी धन को इसी तरह बर्बाद करना स्मार्ट सिटी का आइडिया है। स्मार्ट का उपयोग जनता नहीं कर सकती ये कैसा स्मार्टनेस है। 
 रायपुर की जनता को स्मार्ट सुविधा देने के नाम पर करोड़ रूपया खर्च हो गया औऱ जनता उसका उपयोग न करें तो इस सुविधा का क्या औचित्य था। अधिकािरयों ने अपनी मनमानी का जो हठधर्मिता दिखाया उसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।इस तरह के स्मार्ट शौचालय का क्या औचित्य था करोड़ों रुपए बर्बाद हो गए शौचालय सील पैक कर दिया गया।अरबों रुपए खर्च कर राजधानी रायपुर को स्मार्ट टायलेट बनाने की कवायद भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया, जिसे छुपाने के लिए अब शहर में सार्वजनिक स्थलों में बनाए गए स्मार्ट टायलेट में खामियों के चलते उसे बंद कर दिया गया है। जनता के पैसों का किस तरह बर्बाद करते है इसका नमूना रायपुर में बनाए गए स्मार्ट टायलेट को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है। निगम में अरबों रुपए के फंड को देखकर स्मार्ट सिटी नामक कंपनी बनाकर स्मार्ट काम सडक़ गार्डन, तालाब के स्कूल के सौंदर्यीकरण के साथ जनता को सुविधा देने के नाम पर पांच साल तक लूट मचाया। अब निगम में सत्ता बदलने के साथ अपने काले कारनामे छुपाने के लिए सारे स्मार्ट शौचालय को बंद कर सुनियोजित पर्दा डाल दिया है ताकि कोई इस मामले को मुद्दा न बना सके और अधिकारियों के काले कारनामे हमेशा के लिए दफन हो जाए। 
इस मामले में केंद्र सरकार, नगर निगम और मु यमंत्री कार्यालय संज्ञान में लेकर उचित कार्रवाई करना चाहिए। तत्कालीन स्मार्ट सिटी के अधिकारी और तत्कालीन महापौर के खिलाफ अमानत में यानत का मामला जनता के पैसे की बर्बादी का मामला पहली नजर में बनता है। आवश्यक हुआ तो उच्च स्तरीय जांच करना भी जरूरी है । तत्कालीन महापौर ने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के साथ मिलकर इतना बड़ा कारनामा कर करोड़ की लूट जनता के पैसे की कर डाली। स्मार्ट सिटी के नाम पर कहीं पर भी शौचालय का निर्माण बिना सोचे समझे सिर्फ निगम के पैसों को वाट लगाने का तरीका अपनाया। ताकि जल्द से जल्द स्मार्ट सिटी के अधिकारी और तत्कालीन भ्रष्ट महापौर को तत्काल ठेकेदार से कमीशन मिल सके । अनाप-शनाप कहीं भी स्मार्ट सिटी की योजनाओं के नाम पर पैसा बर्बाद किया गया। इसका जीता जागता उदाहरण के स्मार्ट शौचालय जो सील पैक होकर बंद पड़े है। आखिर बंद करने का निर्णय किसने लिया क्या वर्तमान एमआईसी ने लिया या फिर पूर्व में तत्कालीन एमआईसी का निर्णय था। इसकी भा जांच होनी चाहिए तािक जनता को पता लगे कि जिसको हमने शहर की चाबी सौंपी वही लुटेरा निकला।
 

Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Copy Link Telegram Email
admin
  • Website

Related Posts

छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति को मिलेगी नई रफ्तार, सिंगापुर की कंपनी लगाएगी ₹41,750 करोड़

October 5, 2026

मिट्टी की दीवारों से पक्के आशियाने तक पहुंचा राजा राम का परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली जिंदगी

October 5, 2026

धुंधली नजर से साफ दुनिया तक पहुंची कृष्णा की जिंदगी, चिरायु ने समय पर पहचान कर दिलाया उपचार

October 5, 2026
Advertisement
× Popup Image


RO No. 13728/1

Recent Posts

  • छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति को मिलेगी नई रफ्तार, सिंगापुर की कंपनी लगाएगी ₹41,750 करोड़
  • मिट्टी की दीवारों से पक्के आशियाने तक पहुंचा राजा राम का परिवार, प्रधानमंत्री आवास योजना ने बदली जिंदगी
  • जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र नागरिक तक पहुंचाना सुनिश्चित करें-कलेक्टर
  • धुंधली नजर से साफ दुनिया तक पहुंची कृष्णा की जिंदगी, चिरायु ने समय पर पहचान कर दिलाया उपचार
  • सेवा ज्योति यात्रा 07 अक्टूबर को : बाइक रैली के साथ निकलेगी पदयात्रा, कलेक्टर ने तैयारियों की समीक्षा कर दिए आवश्यक निर्देश

Recent Comments

No comments to show.

 

Panchayat Tantra 24

panchayattantra24.com एक ऐसा न्यूज बेबसाईट है, जिसके माध्यम से विभिन्न दैनिक समाचार पत्र एवं अन्य पत्रिका को समाचार एवं फोटो फीचर की सेवायें न्यूनतम शुल्क में प्रदान किया जाता है। साथ ही लिंक के द्वारा भी अन्य पाठकों को फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब व अन्य संचार माध्यम से प्रतिदिन समय-समय पर न्यूज भेजा जाता है।

Email Us: panchayattantra24@gmail.com
Contact: +91 7000291426

Categories

  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • एंटरटेनमेंट
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • दिल्ली
  • दुर्ग
  • धर्म आध्यात्म
  • बस्तर
  • बिज़नेस
  • बिलासपुर
  • मध्य प्रदेश
  • रायपुर
  • राष्ट्रीय
  • संपादकीय
  • सरगुजा

Contact Details

Owner and Editor
Kanya Kumari pandey

Mobile No.
7000291426

Address
Subhas Nagar Near Jal Vihar Colony Raipur Chhatisgarh

© 2026 Designed by RT Internet Services.
  • Home
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.