panchayattantra24.-रायगढ़। समय से पहले जन्मे, बेहद कम वजन और गंभीर स्थिति में भर्ती बच्चों को मातृ शिशु 100 बिस्तरीय अस्पताल की विशेषज्ञ टीम ने अथक प्रयासों से नया जीवन दिया। अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, निरंतर निगरानी और संवेदनशील देखभाल के बल पर इन नन्हे बच्चों ने न केवल कठिन दौर को पार किया, बल्कि अब स्वस्थ जीवन की ओर मजबूत कदम बढ़ा रहे हैं। जिला प्रशासन के निर्देश, सीएमएचओ डॉ. अनिल कुमार जगत तथा सिविल सर्जन सह अधीक्षक डॉ. दिनेश पटेल के मार्गदर्शन में जिले के 100 बिस्तरीय मातृ-शिशु अस्पताल में गंभीर बीमार नवजात बच्चों की देखभाल इकाई ने समय से पहले जन्मे बच्चों का सुरक्षित बचाव किया है। प्रभारी डॉ. अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि यहां की विशेष टीम डॉ. नवीन अग्रवाल, डॉ.जेनेविभा मिंज और डॉ.स्निग्धा दास कठिन परिस्थितियों में जन्म लेने वाले शिशुओं की देखभाल कर उन्हें स्वस्थ जीवन देने में सफल रही है।
इस माह अस्पताल में कई नवजात शिशु जिनका का जन्म 7 माह की गर्भावस्था में हुआ, गंभीर अवस्था में भर्ती किए गए शिशुओं मे 13 जनवरी 2026 को रूपा जैजैपुर जिनका प्रसव जी.एम.सी रायगढ़ में हुआ, उनके बच्चे का वजन 960 ग्राम था। इसी तरह 14 जनवरी को सुनिता के बच्चे का वजन 990 ग्राम था, 15 जनवरी को जगमती कुकरगांव पत्थलगांव के बच्चे का वजन 920 ग्राम और 26 जनवरी को सूरजमती जिनका प्रसव सिविल अस्पताल धरमजयगढ़ में हुआ था, उनके बच्चे का वजन 880 ग्राम था। सभी बच्चों का समय पर सुरक्षित बचाव किया गया और अब ये बच्चे स्वस्थ हैं।
डॉ. अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि यहां भर्ती होने वाले बच्चे अक्सर गंभीर अवस्था में होते हैं, लेकिन वेंटिलेटर, फोटोथैरेपी और गहन निगरानी की मदद से उन्हें जीवनदान दिया जाता है। जिले के 100 बिस्तरीय मातृ-शिशु अस्पताल में यह सुविधा निःशुल्क उपलब्ध है, जिससे माता-पिता पर कोई आर्थिक दबाव नहीं पड़ता। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जनसामान्य से अपील की है कि ऐसे गंभीर मामलों में बच्चों को इधर-उधर ले जाने की बजाय समय पर अस्पताल लाएं, ताकि विशेषज्ञ चिकित्सकों और समस्त स्टाफ की देखरेख में उनका सुरक्षित उपचार हो सके और नवजात शिशु स्वस्थ जीवन पा सकें।
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