
पंचायत तंत्र- रायपुर । विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने मोदी सरकार के आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत किसानों,मजदूरों के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा जारी किए गए राहत पैकेज का स्वागत किया है।
इस राहत पैकेज से 67 करोड़ गरीबों,8 करोड़ प्रवासी मजदूरों, 5.5करोड़ किसानों, 50 लाख सड़क कारोबारी,37 लाख छोटे कारोबारी को निश्चित फायदा मिलेगा। बृजमोहन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व वाली केंद्र की सरकार संवेदनशील है। किसानों मजदूरों के दर्द को महसूस करते हुए उनके हित में, उनकी बेहतरी के लिए निरंतर निर्णय ले रही है।
छोटे किसानों को मिल रहे चार लाख करोड़ के कर्ज पर 31 मई तक छूट की घोषणा, नाबार्ड के 90 हज़ार करोड़ के अलावा 3 करोड़ किसानों के लिए 30 हज़ार करोड़ अतरिक्त फंड की व्यवस्था सरकार की किसान हितैषी सोंच का ही परिणाम है। बृजमोहन ने कहा कि 2 महीने के लिए प्रवासी मजदूरों को बिना कार्ड के मुफ्त चावल,गेहूं और चना देने के लिए केंद्र सरकार 35 सौ करोड रुपए खर्च करेगी अब राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि उन मजदूरों तक राहत पहुंचे। लगभग 8 करोड मजदूर इस योजना से लाभान्वित होंगे।
बृजमोहन ने कहा कि जो मजदूर शहरों से अपने घर लौट रहे हैं उन्हें अलग-अलग मंत्रालयों के जरिए मनरेगा में रजिस्टर किया जा रहा है। मनरेगा एक्ट के तहत उन्हें अपने राज्य में ही काम दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को सीधे काम के लिए बुलाया
जा सकेगा।
बृजमोहन ने सड़क पर व्यापार करने वाले व गुमटी चलाने वाले 50 लाख लोगों के लिए 5 हज़ार करोड़, प्रवासी मजदूरों के लिए किराए के मकान की योजना का अभिनंदन किया है साथ ही उन्होंने 67 करोड़ गरीबों को एक देश एक राशनकार्ड की योजना को अच्छा कदम बताया है।
टोकनधारी किसानों का नहीं खरीदा
जा रहा धान, सीएम को लिखा पत्र
पूर्व मंत्री एवं विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर टोकन प्राप्त किसानों से धान नहीं खरीदे जाने की जानकारी दी. उन्होंने बाधाओं को दूर कर इन किसानों से धान खरीदने का निर्देश जारी करने की मांग की। बृजमोहन अग्रवाल ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कहा कि मुंगेली जिले के लोरमी तहसील के ग्राम डिंडौरी, चंदली, अखरार, गुरूवाईन डबरी, झाफल के सैकड़ों किसानों को 19 फरवरी को टोकन जारी हुआ है, लेकिन आज तक इनका धान नहीं खरीदा जा सका। यही नहीं किसानों को धान खरीदी केंद्रों के प्रबंधक धान खरीदी की कोई निश्चित तारीख नहीं बता रहे हैं, और बार-बार किसानों का धान को लौटाया जा रहा है। भाजपा नेता ने कहा कि किसान आज झुब्ध व परेशान हैं। किसानों को अपना धान लादकर रोज धान खरीदी केन्द्र जाकर वापस घर आना पड़ रहा हैं, इससे उनका श्रम व समय दोनों बर्बाद हो रहा है। धान खरीदी नहीं होने से वे केसीसी से लिये कर्ज भी अदा नहीं कर पा रहे हैं, और आर्थिक रूप से कमजोर हो रहे हैं।
