panchayattantra24.-सक्ती। जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर लिमिटेड प्लांट में हुए भीषण हादसे को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ने 14 अप्रैल 2026 को हुए इस हादसे की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार बॉयलर यूनिट-1 में स्टीम पाइप की वॉटर सप्लाई पाइप जॉइंट में तकनीकी खराबी के चलते यह दुर्घटना हुई, जिसमें कुल 36 लोग गंभीर रूप से झुलसे थे, जिनमें से 18 घायलों का उपचार फिलहाल विभिन्न अस्पतालों में जारी है। इलाज के दौरान दम तोड़ने वाले मजदूरों के साथ इस दुर्घटना में मरने वालों की कुल संख्या अब 17 तक पहुंच गई है। जबकि घायलों का इलाज रायगढ़ के विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 196 के तहत जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) डभरा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें घटना के सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर 30 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
जांच के दायरे में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल किए गए हैं, जिनमें घटना के समय और कारण, मौके पर मौजूद श्रमिकों की जानकारी, मृतक और घायलों का विवरण, दुर्घटना के पीछे तकनीकी या मानवीय कारण, सुरक्षा मानकों का पालन, निरीक्षण में पाई गई खामियां और जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान शामिल है। इसके अलावा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुझाव भी मांगे गए हैं।
प्रशासन के इस कदम से यह साफ है कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है और लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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