panchayattantra24.-रायपुर। आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम नहीं, बल्कि अपने हुनर और स्थानीय संसाधनों को नई पहचान देने का अवसर भी है। कोरबा जिले की महिला स्व सहायता समूह की दीदियां अपने परिश्रम, रचनात्मकता और नवाचार से इस दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं। बेला कछार, दोनद्रो पंचायत का प्रसन्न स्व सहायता समूह भी ऐसी ही प्रेरक पहल का उदाहरण है, जहां महिलाओं ने स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आकर्षक राखियां तैयार की हैं।
’2018 से बिहान से जुड़ा 22 सदस्यीय समूह’
प्रसन्न स्व सहायता समूह वर्ष 2018 से बिहान से जुड़कर महिला सशक्तिकरण और आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ा रहा है। समूह में कुल 22 सदस्य हैं। समूह की दीदियां मौसम और मांग के अनुरूप विभिन्न प्रकार के उत्पाद तैयार करती हैं। इनमें बाती, अगरबत्ती, कॉस्मेटिक सामग्री और कपड़ों से जुड़े कार्य प्रमुख हैं। समय के साथ समूह की महिलाओं ने अपने कार्यक्षेत्र में नए उत्पाद जोड़ते हुए अपनी आय के अवसरों को भी विस्तार दिया है।
रक्षाबंधन पर्व को ध्यान में रखते हुए समूह की दीदियों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए पारंपरिक राखियों को स्थानीयता से जोड़ा है। धान, बर्रे भाजी, साबूदाना और चावल जैसे स्थानीय एवं प्राकृतिक संसाधनों से तैयार की गई राखियां लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इन राखियों की खासियत सिर्फ उनकी खूबसूरती नहीं, बल्कि इनके पीछे छिपा महिलाओं का हुनर और स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग का विचार भी है। समूह की दीदियों द्वारा तैयार ये राखियां स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के साथ महिला उद्यमिता की भावना को भी मजबूत कर रही हैं।
समूह की दीदियों श्रीमती नीतू कर्ष एवं श्रीमती मीरा देवांगन ने कलेक्टोरेट परिसर में राखियों का स्टॉल लगाया। यहां उन्होंने अपने हाथों से तैयार विभिन्न प्रकार की राखियां प्रदर्शित कीं। स्टॉल पर पहुंचकर कलेक्टर कुणाल दुदावत ने भी राखियां खरीदीं और समूह की दीदियों के प्रयासों एवं हुनर की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। कलेक्टर दुदावत के प्रोत्साहन से दीदियों में अपने उत्पादों को और बेहतर बनाने तथा भविष्य में नई गतिविधियों को अपनाने का आत्मविश्वास बढ़ा है।
महतारी वंदन योजना बनी आर्थिक संबल
प्रसन्न स्व सहायता समूह की दीदियों ने बताया कि महतारी वंदन योजना से भी उन्हें आर्थिक संबल प्राप्त हो रहा है। योजना के तहत मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ अपने कार्यों और आजीविका संबंधी गतिविधियों में कर रही हैं। दीदियों ने बताया कि उन्हें अब तक योजना की 30 किश्तें प्राप्त हो चुकी हैं। नियमित रूप से मिलने वाली आर्थिक सहायता से उन्हें काफी राहत मिली है और अपने छोटे-बड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग मिल रहा है। योजना से प्राप्त राशि उनके लिए आर्थिक सहारे के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने का माध्यम भी बनी है।
रक्षाबंधन के इस अवसर पर समूह की दीदियों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के लिए विशेष राखी भी तैयार की है। दीदियों ने बताया कि महतारी वंदन योजना से उन्हें लगातार आर्थिक सहयोग मिल रहा है, जिसके लिए वे भैया मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करती हैं।
’हुनर, मेहनत और अवसर से आत्मनिर्भरता की राह’
प्रसन्न स्व सहायता समूह की कहानी यह दर्शाती है कि जब महिलाओं को संगठित होकर काम करने का अवसर, प्रशिक्षण एवं योजनाओं का सहयोग मिलता है, तो वे अपने हुनर को आजीविका का मजबूत माध्यम बना सकती हैं। स्थानीय संसाधनों से तैयार राखियों से लेकर अन्य उत्पादों तक, समूह की दीदियां अपने परिश्रम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दे रही हैं।
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