panchayattantra24.-रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित प्रेस क्लब में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के आंकड़ों और क्रियान्वयन को लेकर आयोजित खुली बहस के दौरान हाई-वोल्टेज सियासी ड्रामा देखने को मिला। कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले प्रेस क्लब परिसर के बाहर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर नारेबाजी और तीखी झड़प हुई, जिसके बाद पुलिस बल ने स्थिति को नियंत्रित किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अगली बार बहस के लिए किसी समझदार व्यक्ति को भेजना। मीडिया की मौजूदगी में इस मामले में राज्य की भाजपा सरकार की काफी किरकिरी हुई।
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के आवंटन और निर्माण के आंकड़ों को लेकर लंबे समय से चल रही सियासी बयानबाजी मंगलवार सीधी बहस में बदल गई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्य के डिप्टी सीएम विजय शर्मा के बीच रायपुर प्रेस क्लब में ‘ओपन डिबेट’ का आयोजन किया गया था। हालांकि, दोनों शीर्ष नेताओं के मंच पर पहुंचने से पहले ही माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया और प्रेस क्लब के मुख्य द्वार पर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई।
जैसे ही कांग्रेस और भाजपा के समर्थकों की भारी भीड़ प्रेस क्लब परिसर के बाहर जुटी, दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे की सरकारों के खिलाफ नारेबाजी शुरू हो गई। कांग्रेसी कार्यकर्ता पूर्व सीएम भूपेश बघेल के पक्ष में नारे लगा रहे थे, वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस शासन में पीएम आवास योजना रोकने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस बल ने सुरक्षा घेरा मजबूत किया और दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत कराया।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित इस डिबेट में करीब 1 घंटे 20 मिनट तक दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस चली। डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने केंद्र सरकार और साय सरकार के आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि साय सरकार ने सत्ता में आते ही 18 लाख आवासों को स्वीकृति दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार ने राजनीतिक विद्वेष के चलते केंद्र का पोर्टल अपडेट नहीं किया और गरीबों के मकान बनने से रोके।
दूसरी ओर, पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार के आंकड़ों को भ्रामक बताते हुए कहा कि उनकी सरकार के दौरान कोरोना काल जैसी गंभीर आर्थिक स्थिति और केंद्र से फंड न मिलने के बावजूद करीब 7 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे। उन्होंने कहा कि आरबीआई से लोन लेकर राज्य के निवासियों के लिए काम किया गया, लेकिन केंद्र ने समय पर फंड जारी नहीं किया।
डिबेट खत्म होने के बाद भी दोनों पक्षों के बीच तल्खी कम नहीं हुई। भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा कि ‘अगली बार किसी समझदार को भेजना’। उन्होंने कहा 2023 में नई BJP सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख नए घरों को मंज़ूरी देने का जो दावा किया था, वह झूठ है। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए बघेल ने कहा- विष्णु देव, प्रोपेगैंडा की आड़ लेना बंद कीजिए! ज़मीनी हकीकत देखिए और सच का सामना कीजिए। इस पर पलटवार करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ राजनीति करना जानती है और उसने 5 साल तक गरीबों के हक के मकानों को अटका कर रखा।
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