panchayattantra24.- रायपुर। खनिज संपदा, इस्पात उद्योग और बिजली उत्पादन के लिए देशभर में पहचान रखने वाला छत्तीसगढ़ अब कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। प्रदेश की नई राजधानी नवा रायपुर में पहली कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकाई स्थापित होने जा रही है। इस परियोजना के जरिए न केवल औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की कोशिश की जा रही है, बल्कि हजारों युवाओं को अपने ही प्रदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की उम्मीद भी जगी है।
16 अक्टूबर 2026 को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में नवा रायपुर में यश फैन्स एंड एप्लायंसेज लिमिटेड की प्रस्तावित औद्योगिक इकाई का भूमिपूजन किया गया। लगभग 152.74 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित होने वाली इस फैक्ट्री में करीब 3,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है। परियोजना को छत्तीसगढ़ की पहली कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकाई बताया गया है।
छत्तीसगढ़ में तैयार होंगे बड़े ब्रांडों के पंखे और घरेलू उपकरण
इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ में अब ऐसे उत्पाद तैयार किए जाने की योजना है, जिनका उपयोग देश के लाखों घरों में होता है। हैदराबाद स्थित यश फैन्स एंड एप्लायंसेज लिमिटेड इलेक्ट्रिक पंखों और रसोई में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के निर्माण से जुड़ी कंपनी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कंपनी क्रॉम्पटन, हैवेल्स, उषा और मिल्टन जैसे ब्रांडों के लिए भी उत्पाद बनाती है। नवा रायपुर की नई इकाई में इन ब्रांडों के लिए उत्पादन करने की योजना है। हालांकि, कौन-कौन से उत्पाद किस मात्रा में बनाए जाएंगे, इसकी विस्तृत जानकारी उत्पादन शुरू होने पर स्पष्ट होगी।
इस पहल का महत्व केवल एक फैक्ट्री तक सीमित नहीं है। अब तक राज्य की औद्योगिक अर्थव्यवस्था में कच्चे माल और भारी उद्योगों की प्रमुख भूमिका रही है। नई परियोजना तैयार उपभोक्ता उत्पादों के निर्माण की दिशा में एक अलग संभावना पेश करती है।
3,500 नौकरियों की उम्मीद, स्थानीय युवाओं के लिए बड़ा अवसर
प्रस्तावित संयंत्र से करीब 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। यह संख्या इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि मैन्युफैक्चरिंग उद्योग में तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों तरह के कर्मचारियों की जरूरत होती है।
उत्पादन शुरू होने के बाद मशीन संचालन, असेंबली, उत्पाद परीक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग, भंडारण और प्रबंधन जैसे कामों में रोजगार के अवसर विकसित हो सकते हैं। इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए भी संभावनाएं बन सकती हैं। आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग संस्थानों से पढ़ाई पूरी करने वाले युवाओं के लिए यह परियोजना विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है।
स्थानीय स्टील और एल्युमिनियम को मिल सकता है नया बाजार
छत्तीसगढ़ देश के प्रमुख इस्पात उत्पादक राज्यों में शामिल है। यहां उपलब्ध औद्योगिक संसाधनों का इस्तेमाल यदि तैयार इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल उत्पादों में किया जाता है, तो स्थानीय मूल्य संवर्धन की नई संभावनाएं विकसित हो सकती हैं। रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित संयंत्र में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध स्टील और एल्युमिनियम के उपयोग की संभावना है। पंखों और घरेलू उपकरणों के निर्माण में धातु के हिस्से, मोटर, बॉडी और दूसरे कई पुर्जों की आवश्यकता होती है। यदि इनकी आपूर्ति आसपास के उद्योगों से होती है, तो छोटे और मध्यम उद्यमों को भी नया बाजार मिल सकता है। इससे राज्य में केवल कच्चा माल बेचने के बजाय उसके माध्यम से अधिक मूल्य वाले तैयार उत्पाद बनाने की दिशा में प्रगति संभव है।
नवा रायपुर ही क्यों चुना गया? कंपनी ने बताई बड़ी वजह
यश फैन्स के चेयरमैन रितेश नरेडी के अनुसार, छत्तीसगढ़ में स्टील और एल्युमिनियम जैसे कच्चे माल की उपलब्धता, देश के मध्य में इसकी भौगोलिक स्थिति और मानव संसाधन उद्योग विस्तार के लिए महत्वपूर्ण हैं। कंपनी वर्तमान में हैदराबाद और हिमाचल प्रदेश में कुल 12 विनिर्माण इकाइयों का संचालन कर रही है। नवा रायपुर में बनने वाला संयंत्र छत्तीसगढ़ में कंपनी की पहली इकाई होगा। नवा रायपुर का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है क्योंकि नई राजधानी में औद्योगिक निवेश बढ़ने से संबंधित सेवाओं, परिवहन और व्यावसायिक गतिविधियों को विस्तार मिल सकता है। यदि परियोजना निर्धारित समय पर पूरी होती है, तो दूसरे निवेशकों के लिए भी यहां विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
छोटे कारोबारियों के लिए भी खुल सकते हैं कमाई के रास्ते
किसी बड़े उद्योग के स्थापित होने का असर केवल उसकी चारदीवारी तक सीमित नहीं रहता। उसके आसपास कई तरह की व्यावसायिक गतिविधियां विकसित होती हैं। नई इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री के संचालन से पैकेजिंग सामग्री, औद्योगिक उपकरण, मशीनों की मरम्मत, माल परिवहन, भंडारण और अन्य सेवाओं की मांग बढ़ सकती है। इससे रायपुर, अभनपुर और आसपास के क्षेत्रों के छोटे उद्यमियों को कारोबार बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी भूमिपूजन कार्यक्रम में इस परियोजना से स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला तथा सहायक व्यवसायों के विस्तार की संभावना जताई थी।
औद्योगिक विकास नीति 2024-30 से जुड़ी है सरकार की योजना
छत्तीसगढ़ सरकार की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने वाले उद्योगों को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भूमिपूजन कार्यक्रम में कहा कि प्रदेश के युवाओं को राज्य के भीतर रोजगार के अधिक अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने परियोजना को जल्द धरातल पर उतारने और उत्पादन शुरू कराने के लिए सहयोग का भरोसा भी दिलाया। सरकार इस निवेश को ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के अनुरूप छत्तीसगढ़ में तैयार उत्पादों के निर्माण को प्रोत्साहित करने की दिशा में देख रही है। मुख्यमंत्री ने भविष्य में ‘मेड इन छत्तीसगढ़’ उत्पादों को देशभर के घरों तक पहुंचाने का लक्ष्य भी सामने रखा।
छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक पहचान बनने की संभावना
नवा रायपुर में प्रस्तावित यह फैक्ट्री छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास में विविधता लाने का अवसर प्रस्तुत करती है। अब तक राज्य की पहचान मुख्य रूप से खनिज आधारित उद्योगों से रही है। उपभोक्ता उपकरणों का निर्माण शुरू होने पर तैयार उत्पादों के क्षेत्र में भी राज्य की भूमिका बढ़ सकती है। 152.74 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश और 3,500 प्रत्यक्ष रोजगार का लक्ष्य प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है।
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