panchayattantra24.-जगदलपुर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा छत्तीसगढ़ आना हमेशा मुझे घर जैसा लगता है। यहां की संस्कृति प्राचीन और सबसे मीठी है। बस्तर पडुंम को लोग उत्सव की तरह जीते हैं। यहां की सुंदरता और संस्कृति पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। पिछले 4 दशक से नक्सलवाद के कारण बस्तर के आदिवासियों को नुकसान हुआ। लेकिन अब बस्तर नक्सल मुक्त हो रहा है। बड़ी संख्या में नक्सली हथियार डाल रहे हैं। मुर्मू ने आगे कहा, हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटे लोगों का स्वागत करती हूं, जो लोग बरगला रहे हैं उनकी बातों में न आएं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ये बातें जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर पंडुम में कही। इस दौरान सीएम ने उन्हें ढोकरा आर्ट से बने कर्मा वृक्ष, कोसा शिल्प से तैयार गमछा भेंट किया। बस्तर पंडुम के तहत कई जनजातियों के पारंपरिक नृत्य, लोकगीत, वाद्ययंत्र, वेशभूषा और रीति-रिवाजों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी जा रही हैं।
राज्यपाल रमेन डेका बोले- आज बस्तर के 2026 के शुभारंभ मौके पर यहां मौजूद होना मेरे लिए गर्व की बात है। मैं इस भव्य आयोजन के लिए सभी को बधाई देता हूं। हमारे पारंपरिक व्यंजन, कल्चर सभी मिलकर बस्तर की पहचान विश्व स्तर पर दिखाते हैं।
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