
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने खाद्य विभाग की समीक्षा की। इस दौरान खाद्य मंत्री मोहम्मद अकबर भी मौजूद थे। बैठक में मुख्यमंत्री ने खाद्य आपूर्ति के साथ-साथ फूड फार आल स्कीम के तहत हर परिवार के लिए बनने वाले राशन कार्ड बनाने की कार्ययोजना पर चर्चा की गयी।
मुख्यमत्री ने अफसरों को स्पष्ट कहा है कि कार्ड हर परिवार का बनना है और इसमें किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। मुख्यमंत्री ने आज सार्वभौम सार्वजिनक वितरण प्रणाली लागू किये जाने किये जाने की समीक्षा की। बैठक में इस बात का निर्देश दिया गया कि वर्तमान में प्रचलित सभी राशन कार्डों का नवीनीकरण किया जायेगा।
राशन कार्ड के नवीनीकरण के लिये पंचायतों और नगरीय निकायों में विशेष अभियान चलेगा। नए राशनकार्ड के लिए लिए आवेदन मंगाये जायेंगे। वहीं राशनकार्ड बनाने में किसी हाल में गड़बड़ी न हो,राशन कार्ड फर्जी नही बने इसका भी ख्याल रखने को कहा है। सचिव खाद्य ने बताया कि राशनकार्ड बनाते समय आधार, एसएससी और वोटर लिस्ट से मिलान किया जाएगा ताकि फर्जीवाड़े की गुंजाईश नहीं हो। एपीएल का भी राशन कार्ड बनेगा वहीं मुख्यमंत्री ने अनुसूचित और गैर अनुसूचित क्षेत्र में, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रो में, मिट्टी तेल के वितरण पर जोर दिया। खाद्य मंत्री ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गुड़ वितरण के विकल्प पर भी विचार किया जाए। इससे गन्ना प्रोसेसिंग वाले कारखाने सशक्त होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्राथमिकता राशनकार्ड में एक सदस्य होने पर 10 किलोग्राम चावल, दो सदस्य होने पर 20 किलो चावल और 3 से 5 सदस्य होने पर 35 किलो चावल प्रति माह प्रदाय किया जाएगा। परिवार में पांच से अधिक सदस्य होने पर प्रति यूनिट की दर से सात-सात किलो चावल अतिरिक्त प्रदाय किया जाएगा। इसी तरह एपीएल राशनकार्ड धारियों को एक सदस्य होने पर प्रतिमाह 10 किलोग्राम चावल, दो सदस्य होने पर 20 किलो चावल और 3 या 3 से अधिक सदस्य होने पर 35 किलो चावल प्रदाय किया जाएगा। यह चावल दस रूपए प्रति किलोग्राम की दर से प्रदाय किया जाएगा। इसी तरह निराश्रित एवं निशक्तजनों को हर माह दस-दस किलो चावल निशुल्क मिलता रहेगा।
उल्लेखनीय है कि राज्य में सार्वभौम सार्वजनिक वितरण प्रणाली के क्रियान्वयन के लिए समयबद्ध कार्ययोजना प्रस्तावित की गई है। वर्तमान में राज्य में प्रचलित सभी राशन कार्डों का नवीनीकरण किया जाएगा। वर्तमान के सभी राशनकार्ड धारियों को मान्य करते हुए उनसे सामान्य आवेदन तथा सभी सदस्यों के आधार कार्ड की प्रति, बैंक खाता और मोबाईल नम्बर की जानकारी प्राप्त की जाएगी। इसके लिए सभी पंचायत और नगरीय निकायों में वार्ड में जुलाई एवं अगस्त माह में विशेष अभियान चलाए जाएगा। नवीन राशनकार्डो के बनाने की कार्रवाई सितम्बर माह के अंत तक पूर्ण
की जाएगी।
पुराने राशनकार्ड के नवीनीकरण का कार्य पहले चरण में किया जाएगा इसके उपरांत नए राशनकार्ड बनाएं जाएंगे। इसी तरह सार्वभौम सार्वजनिक वितरण प्रणाली अब गरीबों के रेखा ऊपर के परिवार भी अपना राशनकार्ड बना सकेंगे। इसके लिए आधार कार्ड जरूरी होगा जिससे भारत सरकार की खाद्य सब्सिडी की राशि प्राप्त होते रहे। राशनकार्डो के निर्माण एवं वितरण की समय सीमा 30 सितम्बर निर्धारित की गयी है। सार्वभौम सार्वजनिक वितरण प्रणाली का क्रियान्वयन दो अक्टूबर से किया जाना प्रस्तावित है।
कौशल विकास के १4 संस्थाओं के पंजीयन व 40 बैंचों का प्रशिक्षण निरस्त
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कौशल विकास परियोजना की समीक्षा बैठक के दौरान अनियमितता बरतने वाले 14 संस्थाओं का वीटीपी पंजीयन और 40 बैचों का प्रशिक्षण निरस्त करने के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि प्राधिकरण द्वारा मोबाइल एप्लीकेशन एप तैयार किया जाए, जिसमें ड्रायवर, क्लीनर सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण रिपेयर, प्लंबर, रेफ्रिजरेटर मैकेनिक, मेडिकल और नर्सिंंग सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षित युवाओं की जानकारी उनके मोबाइल नंबर सहित जन सामान्य के अवलोकन के लिए उपलब्ध हों, इससे नागरिकों को विभिन्न ट्रेण्ड के प्रशिक्षित युवाओं को खोजने में आसानी होगी और युवाओं को भी रोजगार के अच्छे अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं को सही मायने में कौशल विकास के माध्यम से प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार व स्व-रोजगार से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने राज्य के युवाओं को ऐसे ट्रेड में प्रशिक्षण देने पर जोर दिया, जिनकी अच्छी मांग है। जनशक्ति नियोजन मंत्री उमेश पटेल ने ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के उद्देश्यों की जानकारी दी। इस प्रस्ताव को अनुपूरक बजट में शामिल करने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव सुनील कुजूर और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी भी उपस्थित थे।