
रायपुर । सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बैठाना आने वाले दिनों में कांग्रेस के लिए टेढ़ीखीर साबित हो सकता है. यहां एक अनार 100 बीमार वाली कहावत सिद्ध हो रही है. बड़े बहुमत के साथ सत्ता में वापसी के बाद सीएम भूपेश बघेल ने 1 मंत्री का पद छोड़कर मंत्री मंडल का गठन कर लिया था. मंत्रीमंडल के गठन के 6 महीने बाद अब कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की निगाहें निगम मंडलों पर टिकी हुई है।
लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद अब मंत्रीमंडल विस्तार और निगम मंडलों में नियुक्ति को लेकर इंतजार और अटकलों के बीच पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव का बयान आया है. सिंहदेव भी मान रहे हैं कि निगम मंडल में कार्यकर्ताओं और नेताओं को एडजस्ट करना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती है. सिंहदेव ने कहा कि 100 से कम पदों के लिए 1500 से ज्यादा दावेदार हैं. हर ब्लॉक से कम से कम 5-5 लोगों की मंशा है, कुछ लोगों को ही एडजेस्ट करना बड़ी चुनौती है, सब मिलकर सत्ता और संगठन के बीच तालमेल बैठाकर काम करेंगे ।