
रायपुर । प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा में जूनियरों डॉक्टरों की गुंडागर्दी किसी से छिपी नहीं है. एक बार फिर डॉक्टरों ने मरीज को देखने आए दो परिजनों की जमकर पिटाई की है. राजिम से आए कैलाश राव और विक्रम ठाकुर ने जब अस्पताल की अव्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाया तो वहां मौजूद जूनियर डॉक्टरों ने दोनों के साथ मारपीट की है ।
सूचना मिलने पर मौके पर मौदहापारा थाना की पुलिस अस्पताल पहुंची. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीड़ित मरीज को देखने मेकाहारा अस्पताल आए हुए थे इस दौरान वहां मरीज को स्ट्रेचर में खींचने के लिए वार्ड ब्यॉय मौजूद नहीं होने पर परिजनों ने सवाल उठाया तो उनको जवाब मिला आप ही खींच के ले जाओ. जिससे शिकायत करनी हो कर दो. सवाल का उल्टा जवाब पाकर परिजनों ने कहा कि इतने बड़े अस्पताल में एक ही वार्ड ब्वॉय हैं क्या, ये जो बोल रहे हो आप लोग मोबाइल ऑन करता हूँ उस पर बोल दो फिर हम शिकायत करेंगे. इतने में दोनों पक्षों के बीच झूमाझटकी हुई. बढ़ती भीड़ को देखते हुए सूचना के आधार पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्ष को समझाइश देकर छोड़ दिया है. इस मामले पर किसी तरह की कोई FIR दर्ज नहीं हुई है ।
जब इस बारें में मौदहापारा थाना प्रभारी राहुल तिवारी से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो वे नियम कानून का हवाला देते हुए बाइट देने के कतराते हुए नजर आए, उहोंने कहा कि सूचना मेरे पास आई थी वो बता दिया, उन्होंने कहा कि मैं कैमरे के सामने कुछ भी नहीं बोल सकता ।
बता दें कि अभी कुछ दिन पहले ही मेकाहारा अस्पताल के जूनियर डॉक्टर बंगाल में हुई डॉक्टरों के साथ मारपीट की वजह से हड़ताल पर थे लेकिन इस बार डॉक्टर जिन्हें भगवान का दर्जा दिया जाता है वो ही अब मरीजों के परिजनों के साथ मारपीट कर रहे हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इन डॉक्टरों पर कोई नियम कानून लागू नहीं होना चाहिए ।