
रायपुर । राजधानी के कुख्यात क्षेत्र कालीबाड़ी और ईरानी डेरा के गिरोहबाजों को खुलेआम उत्पात मचाना शुरी हो गया है। हत्या के प्रयास के मामले में गवाह को धमकाने को लेकर कालीबाली और ईरानी डेरे के गिरोहबाजों ने शुक्रवार को सुबह 7 बजे कालीबाड़ी के हिस्ट्रीशीटर मुकेश गुप्ता और उसके साथियों ने ईरानी डेरे के चार निगरानी बदमाशों की पिटाई कर दी। दोनों पक्षों के गिरोहबाज सड़क पर भिड़े फिर पुलिस के पहुंचने के बाद फरार हो गए। थोड़ी देर बाद कालीबाड़ी के बदमाश गिरोह ये अफवाह उड़ा दिए कि उन पर ईरानी डेरे के निगरानी बदमाशों ने फायरिंग कर दी है। पुलिस करीब एक घंटे इसकी पुष्टि में उलझी रही। इसी बीच 9 बजे कालीबाड़ी के बदमाशों ने गोंदवारा में ईरानी डेरे के बदमाशों से लिंक रखने वाले युवक की बेदम पिटाई के बाद चाकुओं से हमला कर दिया। युवक के शरीर में चार चाकू मारने के बाद आरोपी भाग निकले। पुलिस को खबर मिलने के बाद हड़कंप मचा। पुलिस ने मुकेश गुप्ता और उसके साथियों की तलाश में हर संभावित ठिकानों पर छापे मारे। हमलावर नहीं मिले। पुलिस को ये सूचना भी मिली कि आरोपी मौदहापारा में एक निगरानी बदमाश के ठिकाने पर छिपे हैं। पुलिस ने वहां भी छापा मारा, लेकिन निगरानी बदमाश के घरवालों ने मकान का दरवाजा ही नहीं खोला। एक घंटे बाद दरवाजा खोला गया। उसके बाद पुलिस ने जांच की लेकिन मुकेश गुप्ता और उसके साथ नहीं मिले। माना जा रहा है कि आरोपी वहां से भी भाग निकले। एक-एक आरोपियों की पहचान के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम को जोड़कर पड़ताल कर रही है। पूरे विवाद की जड़ मुकेश गुप्ता के पिता को चाकू मारने के केस से जुड़ी होने के संकेत मिल रहे हैं। मुकेश गुप्ता खुद हिस्ट्रीशीटर है। उस पर हत्या के दो केस दर्ज हो चुके हैं। उसे पिता पर दो माह पहले हमला हो गया था। उन्हें चाकू मारा गया था। हमले का प्रत्यक्षदर्शी उसका भाई है। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उसके भाई को ईरानी डेरे से संबंध रखने वाले बदमाशों ने धमकी दी और हमलावर के खिलाफ गवाही न देने के लिए धमकाया। मुकेश का भाई धमकी से डर गया। उसी के बाद से मुकेश ने ईरानी डेरे के गिरोहबाजों से खुन्नस पाल रखी है। शुक्रवार को सुबह ईरानी डेरे के गिरोहबाज कालीबाड़ी से गुजर रहे थे। मुकेश और उसके साथियों ने उन्हें देखा और घेरकर उनकी पिटाई की। उसके बाद खुद को बचाने के लिए ये हल्ला उड़ा दिया कि उन लोगों पर गोली चलायी गई है।
