
रायपुर । लंबे समय के बाद छत्तीसगढ़ में सीएम जनदर्शन का कार्यक्रम बुधवार से शुरू हुआ। फरियादी राज्य भर से अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के आवास पर पहुंचे, लेकिन इस बार उन्हें एक नई तरह की व्यवस्था देखने को मिली। सीएम हाउस में एक रस्सी टंगी हुई थी, जिसमें लोगों के गमछे और पगडिय़ां लटकी नजर आईं। लोगों को निर्देश दिया गया कि फरियाद लेकर सीएम तक पहुंचने वाले अपनी पगड़ी और गमछा उतार कर अंदर जाएं। लोगों के लिए यह व्यवस्था बेहद अतार्किक थी।
वाह मुख्यमंत्री जी! छत्तीसगढ़ के मान-सम्मान का प्रतीक है दुपट्टा-पगड़ी, लेकिन जन चौपाल में आपसे मिलने आए लोगों की शिकायतें सुनने से पहले उनके गमछे-पगड़ी को सीएम हाऊस में उतरवाकर यूं टांग दिया!
दुपट्टा-पगड़ी से भी आपकी सुरक्षा को खतरा है क्या? : फिर भी फरियाद लेकर आए लोगों ने इसका विरोध नहीं किया, क्योंकि उन्हें अपनी मूल समस्याओं से मुक्ती की आस थी। प्रदेश भाजपा ने अपने ट्विटर पेज पर सीएम हाउस के इस दृष्य की तस्वीर पोस्ट की और इस व्यवस्था की आलोचना की है। भाजपा के ट्विट में लिखा गया है कि जिस राज्य में पगड़ी-दुपट्टा लोगों के मान सम्मान का प्रतीक माना जाता है, उसे जन चौपाल में आने वाले लोगों से उतरवा कर यूं क्यों टांग दिया गया। ट्विट में मुख्यमंत्री से सवाल किया गया है कि क्या लोगों के दुपट्टे और पगड़ी से भी सीएम को खतरा है।
भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनके अफसरों ने ऐसा करके आम छत्तीसगढ़वासी के मान-सम्मान को चोट पहुंचाई है। श्रीवास्तव ने कहा कि गमछा-दुपट्टा और पगड़ी तो छत्तीसगढ़ के लोकजीवन में आत्मसम्मान के प्रतीक हैं। छत्तीसगढ़ के सम्मान की डींगे हांकने वाले मुख्यमंत्री ने अपने जन चौपाल कार्यक्रम में इसी सम्मान के साथ घिनौना खिलावाड़ सुरक्षा के नाम पर होने दिया जो मुख्यमंत्री के दोहरे राजनीतिक मापदंडों का परिचायक है। छत्तीसगढ़ के कोने-कोने से अपनी बात कहने राजधानी पहुंचे लोगों के गमछे-पगड़ी से मुख्यमंत्री की सुरक्षा को कौन-सा खतरा नजर आ रहा था।
गमछा उतरवाने पर कांग्रेस ने सुरक्षाकर्मियों को जिम्मेदार ठहराया
मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जन चौपाल में पहुंचे फरियादियों के गमछे, दुपट्टे उतरवाने के मामले में कांग्रेस बैकफुट पर है। कांग्रेस ने अपनी गलती मानते हुए कहा कि जैसे ही सूचना मिली दुपट्टी-पगड़ी उतरवाना बंद कर दिया गया है। हम गलतियों को तत्काल सुधारते हैं। कांग्रेस ने इस गलती के लिए सुरक्षाकर्मियों को जिम्मेदार ठहराया है। दरअसल सरकार बनने के बाद सीएम भूपेश बघेल ने अपने मुख्यमंत्री निवास में पहला जन-चौपाल रखा था। जिसमें प्रदेश भर से लोग अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के पास फरियाद लेकर पहुंचे थे। लेकिन सीएम हाउस में दाखिल होने से पहले ही उनका गमछा-दुपट्टा और पगड़ी उतरवा ली गई। मीडिया में खबर आने और भाजपा द्वारा ट्वीट कर इसे छत्तीसगढ़ के सम्मान का मुद्दा बनाते हुए ट्वीट किया था। चूंकि मामला मुख्यमंत्री से जुड़ा था इसलिए इसे राजनीतिक रंग लेता देख कांग्रेस ने भी बगैर समय गंवाए ट्वीट कर गलती मान ली। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भाजपा के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा, जैसे ही सूचना मिली, दुपट्टा-पगड़ी उतरवाना बंद कर दिया। हम ग़लतियों को तत्काल सुधारते ह। सुरक्षाकर्मियों ने एहतियात के नाम पर गलती की। जनता और जनप्रतिनिधि के बीच का यह खूबसूरत रिश्ता प्यार और विश्वास पर कायम होता है।
