
रायपुर । यह पहली सरकार है, जिसने आदिवासी की जमीन वापस की नहीं तो सिर्फ आदिवासी की जमीन छीनी गई है. जंगल अगर बचा है तो आदिवासी की कारण बचा है. वही उसका संरक्षण कर सकते हैं. यह बात विश्व आदिवासी दिवस पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कही।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के साथ अन्य वर्गों से उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में प्रति व्यक्ति आय बहुत अधिक है. एक लाख करोड़ का बजट है, पर फिर भी सबसे ज्यादा गरीबी है, कुपोषण है. छत्तीसगढ़ में उद्योग लगना चाहिए, जिससे कच्चे माल का यही सदुपयोग हो. आने वाले 2 अक्टूबर से अकांशी जिले में जितने भी एनीमिया ओर कुपोषण से पीड़ित हैं, उनको गर्म और भरपेट भोजन देंगे।
कश्मीर में 370 ओर 35-A के खत्म करने पर लोगों ने कहा सोशल मीडिया पर भी चल रहा है कश्मीर जाएंगे वहां जमीन लेंगे, वहां की नोनी से शादी करेंगे. पर हमने ऐसा कानून बनाया की आदिवासी की जमीन कोई और नही ख़रीद सकता सिर्फ आदिवासी ही ले सकता है. प्रमाण पत्र सरलीकरण होना चाहिए, चाहे वो किसी भी जाति का हो।
मंच से जोगी के ऊपर कटाक्ष कसते हुए उन्होंने कहा कि फर्जी प्रमाण पत्र बना हो तो त्वरित कार्यवाही करो, एक माह के अंदर कार्यवाही करो, जिससे न वो सरकारी नौकरी कर पाए न राजनीति. जिन्होंने फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाए हैं, उनके ऊपर कार्यवाही होनी चाहिए. आज पूरे प्रदेश में जश्न का माहौल है।
कार्यक्रम में आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि देश की आजादी के बाद छत्तीसगढ़ के आदिवासी लोगों को आजादी मिली है. नारा लगा के थक गए. डॉ. रमन सिंह ने 15 सालों में 15 दिन भी छुट्टी नहीं दी इसलिए उन्हें 15 सीटों में सिमटा दिया. 15 साल में 15 कुर्सी नहीं मिली. बस्तर के लोगों को बस्तर में सरगुजा के लोगों को सरगुजा में रोजगार मिलेगा. नरवा, गरवा, घुरवा अऊ बाड़ी के बारे में मुख्यमंत्री ने विचार किया. आज आदिवासी त्योहार पूरे प्रदेश में जोरों से मनाया जा रहा है।
खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि बहुत दिन बाद यह मुकाम आया कि आज हम आदिवासी दिवस को त्योहार मना रहे हैं. पहले भी आयोजन होता था, लेकिन आदिवासी समाज की भागीदारी महज औपचारिक होती थी. पिछले सरकार में आदिवासी नेताओं व मंत्रियों को बोलने का अधिकार भी नहीं था. पूर्ववर्ती सरकार में त्योहार का केवल नाम होता था. आज असली त्योहार मनाया जा रहा है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों का आदिवासियों का कर्ज माफ किया, तेंदूपत्ता का समर्थन 2500 से बढ़ाकर 4000 रुपये दिया।
