
मिनीमाता की स्मृति में छत्तीसगढ़ में 11 कन्या छात्रावासों के लिए अगले बजट में दी जाएगी स्वीकृति
रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जातियों को उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण देने की व्यवस्था बहुत जल्द की जाएगी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की प्रथम महिला सांसद मिनीमाता जी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित समारोह में यह घोषणा की। समारोह का आयोजन राजधानी रायपुर के नया बस स्टैंड स्थित मिनीमाता उद्यान में किया गया।
मुख्यमंत्री ने मिनीमाता की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी। श्री बघेल ने इस अवसर पर सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली और तपोभूमि गिरौदपुरी धाम को उसकी गरिमा के अनुसार विकसित करने के लिए हर संभव सहयोग की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने मिनीमाता की स्मृति में छत्तीसगढ़ में 11 कन्या आश्रम प्रारंभ करने की मांग को राज्य सरकार के आगामी बजट में शामिल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने मिनीमाता गृह निर्माण सहकारी समिति को नया रायपुर में जमीन आवंटित करने की मांग पर भी सहानुभूति पूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में गुरूघासीदास साहित्य एवं संस्कृति समिति के अध्यक्ष श्री के.पी. खाण्डे ने मांग पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि प्रदेश में अनुसूचित जातियों को 12 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है जबकि जनगणना के अनुसार छत्तीसगढ़ अनुसूचित जातियों की जनसंख्या 12.8 प्रतिशत है। स्व. मिनीमाता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास ने समाज के कमजोर वर्गों के सामाजिक उत्थान के लिए जो कार्य प्रारंभ किए, उन्हें कानूनी जामा पहनाने का काम सांसद के रूप में स्वर्गीय मिनीमाता ने पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के साथ मिलकर संसद में किया।
संसद में अस्पृश्यता निवारण कानून पारित कराने में उनका महत्वपूर्ण योगदान था। उन्होंने कहा कि मिनीमाता ने अपना पूरा जीवन समाज के लिए समर्पित कर दिया। मिनीमाता हर समाज के लिए संसद में आवाज बुलंद करती थी और उन्हें न्याय दिलाने का भरसक प्रयास करती थी। छत्तीसगढ़ के लिए उनके किए गए कार्यों को हमेशा याद रखा जाएगा। कार्यक्रम में विधायक मोहन मरकाम, विधायक और पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, राज्यसभा सांसद श्रीमती छाया वर्मा, नगर निगम रायपुर के महापौर प्रमोद दुबे ने भी अपने विचार प्रकट किए करते हुए मिनीमाता को श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति समिति के अध्यक्ष के पी खंडे ने मांग पत्र प्रस्तुत किया।
सुंदर लाल जोगी, डॉ. जेआर सोनी सहित समाज के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन नगर निगम रायपुर द्वारा किया गया।
मुख्यमंत्री पहुंचे 100 साल पुराने शिक्षा एक्सप्रेस में, हजारों छात्रों को लक्ष्य तक पहुंचाया
मुख्यमंत्री दुर्ग जिले के विकासखण्ड पाटन के ग्राम सेलूद के प्राथमिक शाला शताब्दी समारोह में शामिल हुए। उन्होंने वहां बालक उच्चतर माध्यमिक भवन का भूमिपूजन भी किया। साथ ही मिनीमाता की मूर्ति का अनावरण किया। समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ण स्कूल ने इस साल अपने स्थापना के 100 बरस पूरे कर लिए हैं। 100 सालों में इसने हजारों छात्र-छात्राओं को उनके लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अनमोल शिक्षा प्रदान की है। एक तरह से यह शिक्षा एक्सप्रेस की तरह है। इसलिए ही स्कूल प्रबंधन ने यहां के प्रवेश द्वार और चहारदीवारी को ट्रेन की तरह का स्वरूप दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। दुर्ग जिले के विकासखंड पाटन के ग्राम सेलूद प्राइमरी स्कूल 100 साल पूरे कर चुका है। इसके स्थापना वर्ष पर हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी शिरकत की। इस स्कूल में अब तक 6 हजार से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर चुके हैं। पुराने लोग इसे शिक्षा एक्सप्रेस कहते थे क्योंकि सैकड़ों लोग यहां से शिक्षित होकर आगे बढ़े।
इसके चलते इसके प्रवेश द्वार को शिक्षा एक्सप्रेस का रूप दिया गया। मुख्यमंत्री ने यहां अपनी तस्वीरें खिंचाई। इसके पहले मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय उदयराम एवं अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की प्रतिमा में पुष्पांजलि भी अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने समारोह में कहा कि सेलूद इस अंचल में आजादी की लड़ाई का केंद्रबिंदु था। स्वर्गीय उदयराम ने यहीं से शिक्षा आंदोलन का शुभारंभ किया फिर गांव-गांव में स्कूल स्थापित हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पुरखों को प्रणाम करता हूँ। उन्होंने इतनी अच्छी नींव रखी जिसकी बुनियाद पर अंचल में शिक्षा की ठोस व्यवस्था कायम हो पाई है। हमारा फोकस पूरी तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर है। इसके लिए हमने डिजिटल शिक्षा के अनेक प्रयोग आरम्भ किये हैं। हमारी शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जिससे हमारे विद्यार्थी देश भर के प्रतिस्पर्धी माहौल में भी अपनी विशेष जगह बना पाएं। इसके लिए ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अनेक कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा आरम्भ किये जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेलूद स्कूल की दीवारों पर मैंने देखा, कहीं सौर मंडल बना है। कहीं वन्य जीवन का चित्रण है। यह बहुत अच्छा प्रयोग है। यह भी अच्छा लगा कि स्थानीयता भी इनमें है। एक जगह मैंने तीरी पासा देखा। हम दुनिया भी देखें और जमीन से भी जुड़े रहें। ऐसी शिक्षा के लिए यहां काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस स्कूल को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी संसाधन मुहैया कराए जाएंगे। डिजि क्लास रूम के लिए 15 लाख रुपये तथा अन्य जरूरतों के लिए साढ़े चार लाख रुपये दिए जाएंगे। बरसात में स्कूल मैदान में पानी नहीं भरे, इसके लिए पैबर ब्लॉक लगाए जाएंगे तथा अन्य कार्य किये जायेंगे। इसके लिए उन्होंने आठ लाख रुपये की घोषणा की।
कार्यक्रम में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्रकुमार ने कहा कि आज सेलूद स्कूल के शताब्दी वर्ष में आप लोगों के बीच आकर मुझे बहुत खुशी हो रही है। गुरु घासीदास का संदेश था, मनखे मनखे एक समान। स्वर्गीय मिनी माता ने इस सूत्र वाक्य के साथ जीवन भर काम किया। वे लोगों की बेहतरी के लिए हमेशा समर्पित रहीं। समाज मे छुआछूत को दूर करने में भी उन्होंने बड़ा काम किया। सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि सेलूद स्कूल के शताब्दी वर्ष के आयोजन में शामिल होकर बहुत अच्छा लग रहा है। यहां शिक्षा की ज्योत को जलाए रखने अनेक विभूतियों ने कार्य किया। बहुत से लोगों ने श्रमदान किया, स्वेच्छानुदान दिया। उन्होंने इस अवसर पर स्वर्गीय मिनी माता का स्मरण भी किया। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट किये।
