रायपुर । दंतेवाड़ा उपचुनाव के लिए आज शाम पांच बजे प्रचार थम जाएगा। अंतिम दौर के प्रचार के लिए कांग्रेस और भाजपा के तमाम आला-नेताओं और पदाधिकारियों ने दंतेवाड़ा में डेरा डाल रखा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शुक्रवार शाम से दंतेवाड़ा में प्रचार का कमान सम्भाल रहे हैं। आज उनकी दो चुनावी सभाएं होंगी। इसके अलावा कई मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी भी अलग-अलग जगहों पर सभा और विभिन्न् संगठनों के साथ बैठकें करने में लगे हैं। वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, नेता-प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक समेत कई दिग्गज नेताओं ने दंतेवाड़ा में डेरा डाल रखा है। विधानसभा क्षेत्र में अधिक से अधिक जगहों पर सभाएं हों, इसके लिए सभी ने स्थान बांट लिए हैं। दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में 23 सितंबर को मतदान होना है।कांग्रेस ने पूर्व विधायक देवती कर्मा को प्रत्याशी बनाया है। देवती पूर्व नेता-प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा की पत्नी हैं। 2013 में हुए झीरम कांड में महेंद्र कर्मा मारे गए थे। देवती के प्रचार के लिए मुख्यमंत्री बघेल एक दौर की सभाएं करके लौट आए थे। शुक्रवार को दोबारा गए। उन्होंने गीदम में रोड शो किया। गीदम धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र है, इसलिए रोड शो के दौरान केंद्रीय बल और पुलिस के जवाब भारी संख्या में तैनात थे। मुख्यमंत्री रात दंतेवाड़ा सर्किट हाउस में ही बिताएंगे, ताकि प्रचार के अंतिम दिन की रणनीति बनाई जा सके। प्रचार थमने के बाद किस तरह से वोटरों तक पहुंचना होगा और उन्हें कैसे संदेश दिया जाएगा, यह भी मुख्यमंत्री और पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम तय करेंगे। शनिवार को शाम पांच बजे से पहले मुख्यमंत्री बचेली और हीरानार (गीदम) में चुनाव सभा करेंगे। दंतेवाड़ा में कांग्रेस सरकार के मंत्री जयसिंह अग्रवाल, कवासी लखमा, बस्तर संभाग के सभी विधायक और सांसद दीपक बैज भी अलग-अलग टीम बनाकर चुनावी सभाएं और दौरा करने में व्यस्त हैं। भाजपा ने प्रचार के अंतिम दौर में आदिवासी नेताओं की फौज उतार दी है। शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम दंतेवाड़ा पहुंचे। प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, पूर्व मंत्री केदार कश्यप, पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, प्रदेश भाजपा संगठन महामंत्री पवन साय, वरिष्ठ नेता रामप्रताप सिंह, पूर्व मंत्री लता उसेंडी अलग-अलग स्थानों में चुनावी सभाएं और जनसंपर्क कर रहे हैं। प्रचार के अंतिम दिन भी भाजपा की यही रणनीति रहेगी। नेता-प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक पिछले कई दिनों से दंतेवाड़ा में ही व्यस्त हैं। पार्टी का बड़ा चेहरा डॉ. रमन सिंह हैं। उनका एक दौरा हुआ है, लेकिन प्रचार के अंतिम दौर पर रमन नजर नहीं आएंगे।
रायपुर पूर्व मंत्री राजेश मूणत गए थे, लेकिन वे लौट आए, जबकि पूर्व मंत्री और विधायक बृजमोहन अग्रवाल का अब तक दंतेवाड़ा का एक भी दौरा नहीं हुआ है।
कोई राष्ट्रीय स्तर का स्टार प्रचारक नहीं आया
भाजपाई चाहते थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह दंतेवाड़ा आएं, लेकिन पार्टी का एक भी राष्ट्रीय स्तर का स्टार प्रचार नहीं आया। ऐसा ही कांग्रेस के साथ हुआ। कांग्रेसियों को उम्मीद थी कि सोनिया गांधी या राहुल गांधी या प्रियंका गांधी आ सकती हैं। यहां तक कि हाईकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू, राज बब्बर तक को नहीं भेजा, जो विधानसभा चुनाव 2018 में आए थे।
