नक्सलवाद के प्रभाव से निकलकर शांति और विकास की राह पर बढ़ रहा बस्तर, जवानों के साहस और समर्पण को प्रधानमंत्री ने दिया सम्मान
panchayattantra24.-रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीपावली के अवसर पर बस्तर पहुंचकर सुरक्षा बलों के जवानों के साथ त्योहार मनाने को प्रदेश और विशेषकर बस्तर के लिए गौरव का विषय बताया है। उन्होंने कहा कि एक समय बस्तर नक्सलवाद से प्रभावित था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और जवानों के साहस के कारण अब क्षेत्र में शांति और विकास की नई धारा बह रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे समय में प्रधानमंत्री का जवानों के बीच पहुंचना उनके शौर्य, त्याग और समर्पण का सम्मान है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने
प्रधानमंत्री के बस्तर दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दीपावली जैसे पावन अवसर पर प्रधानमंत्री का जवानों के साथ समय बिताना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा में तैनात जवान अपने परिवारों से दूर रहकर सीमाओं और संवेदनशील क्षेत्रों में ड्यूटी करते हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री का उनके बीच पहुंचकर त्योहार मनाना जवानों के प्रति सम्मान और अपनत्व का प्रतीक है।
नक्सलवाद प्रभावित बस्तर में शांति और विकास की नई धारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर कभी नक्सलवाद की समस्या से गंभीर रूप से प्रभावित रहा है। क्षेत्र में हिंसा और अशांति के कारण विकास कार्यों को भी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब परिस्थितियों में बदलाव आया है। उन्होंने इस बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और सुरक्षा बलों के साहस तथा समर्पण को दिया। साय के मुताबिक, जवानों की मेहनत और बलिदान के कारण बस्तर में शांति का वातावरण तैयार हुआ है। अब क्षेत्र में विकास की गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का जवानों के बीच पहुंचना इस बदलाव और सुरक्षा बलों के योगदान को सम्मान देने का अवसर है।
‘जवानों के शौर्य का सम्मान है प्रधानमंत्री का बस्तर पहुंचना’
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली का त्योहार जवानों के साथ मनाकर उनके प्रति सम्मान और संवेदना व्यक्त की है। यह केवल एक पर्व मनाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों के योगदान को स्वीकार करने का संदेश भी है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों में काम किया है। उनके साहस और समर्पण के कारण ही बस्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। जवानों के बीच प्रधानमंत्री की उपस्थिति से उनके मनोबल को भी मजबूती मिलती है।
‘दिमागी नक्सलियों’ पर प्रधानमंत्री के बयान की चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर में जवानों को संबोधित करते हुए कहा था कि जंगलों में हथियारबंद नक्सलवाद के कमजोर होने के बावजूद खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कुछ संगठनों में सक्रिय ऐसे तत्वों का जिक्र करते हुए उन्हें ‘दिमागी नक्सली’ कहा था। प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ लोगों को उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए ऐसे लोगों को पहचानना और उनका मुकाबला करना जरूरी है। प्रधानमंत्री के इस बयान में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा अभियान के साथ वैचारिक स्तर पर सतर्कता बरतने का संदेश भी शामिल रहा।
बस्तर के बदलाव को बताया महत्वपूर्ण उपलब्धि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री के दौरे को बस्तर में आए बदलाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्र में अब शांति और विकास की गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं। जवानों का योगदान इस परिवर्तन में अहम है। उन्होंने प्रधानमंत्री के जवानों के साथ दीपावली मनाने को उनके साहस और बलिदान के प्रति सम्मान बताया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, बस्तर में शांति और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में सुरक्षा बलों की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
