
रायपुर । डॉ भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में ब्लड बैंक में कालाबाजारी की मिली शिकायत पर संज्ञान लेकर प्रबंधन ने ब्लड बैंक से जुड़े लोगों और सौदेबाजी में संलिप्त लोगों के खिलाफ एक्शन लिया है। मेडिकल सुपरिटेंडट ने कड़ा एक्शन लेते हुए संदिग्ध की सूची बनवाई और पूछताछ करनेपर यह तथ्य सामने आया है कि दलालों के माध्यम से ब्लड बैंक में काम करने वाले लोग ही गोरखधंधे में शामिल है। प्रबंधन ने साफ तौर पर हिदायत दी है कि जो भी स्टाफ और ब्लड डोनर के माध्यम से पैसा लेकर ब्लड मुहैया कराते है उन पर निगाह रखे और उनके खिलाफ एफआईआर करें।
रिकार्डिंग में संदिग्धों के नाम, पर नहीं हुई कार्रवाई : ब्लड बैंक स्टाफ और दलाल के माध्यम से मरीजों को ब्लड मुहैया कराने वालों से जिसकी वीडियो रिकार्डिंग भी मेकाहारा प्रबंधन को सुनाया गया, जिसमें सौदागरों के नाम और स्टाफ के नाम होने के बाद भी प्रबंधन ने अपने स्टाफ को बचाने के लिए सिर्फ संदिग्धों पर नजर रखने की हिदायत देकर बख्श दिया है।
पीडि़तों की मांग, दलालों से मुक्त हो मेकाहारा : मरीजों के पीडि़त परिवार के लोगों ने मेकाहारा प्रबंधन से मांग की है कि यहां हर काम के लिए दलाल सक्रिय है, सबसे पहले प्रबंधन को मेकाहारा परिसर से दलालों को खदेडऩा चाहिए जिससे मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध सुविधा आसानी से मुहैया हो सके। यहां तो दवाई खरीदी से लेकर एक्स-रे और ब्लड के लिए दलाल मरीजों की टोह लेकर फंसाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते।
मेकाहारा के दलालों ने कहा सभी जानते हैं मुझे : गरीबों से खून का डबल पैसा लेकर दलाल उन्हें बेवकूफ बनाते है जिसके बारे में अस्पताल प्रबंधन ने जानकारी नहीं होने की बात कही है, वहीं दलालों का कहना है कि मुझे सभी डाक्टर और स्टाफ जानता है । उनके कहे अनुसार ही मैं ब्लड डोनर उपलब्ध कराता हूं। जनता से रिश्ता ने हॉस्पिटल के अधिकारी से इस संबंध में बात की तो जिन्होंने बताया कि 2 महीनों से अस्पताल में शासन द्वारा यह नियम निकाला गया है कि खून मरीजों को नि:शुल्क दिया जाएगा, जो डीकेएस और मेकाहारा में लागू हो भी चुका है, खून के बदले खून दिया जाएगा, साथ ही यह भी बताया कि गर्भवती महिलाओं को जननी सुरक्षा के अंतर्गत महिलाओं को नि:शुल्क ब्लड दिया जाता है। अधिकारी ने बताया कि सभी प्रकार के खून को 30 दिन, आर बी सी 35 दिन,प्लेट्स 3 दिन, फ्रे श प्रोजेन प्लाज्मा ब्लड को लगभग 1 साल तक स्टोर कर के रखा जा सकता है, इसके अलावा गर्भवती और शिशुओं को जरूरत पडऩे पर आपातकालीन स्थिति में ब्लड देते हैं।
ब्लड की कालाबाजारी करने वाले ने खुद कबूला है कि वो दुर्ग-भिलाई से आदमी बुलाता है और डोनटेर को कुछ पैसे देता है उनसे ब्लड डोनेट करवाता है और 2500 रुपए लेता है। दलाल ने कहा कि मुझे सब मैडम जानते हैं सर जानते हैं।
