
रायपुर । राजधानी समेत पूरे देश में नौ दिनों तक नवरात्रि में देवी की आराधना करने के बाद दशमी यानी कल रावण दहन कर दशहरा मनाने की परंपरा है.असत्य पर सत्य की जीत का जश्न मानते हुए शहर के सभी दशहरा मैदानो में इसकी तैयारी जोर-शोर से चल रही है। वही इस बार शहर में अलग- अलग थीम पर दशहरा मनाया जायेगा,इसके लिए समितियों द्वारा रावण मेघनाथ और कुम्भकरण के पुतले के साथ आतिशबाजी कर इसे खास बनाने की तैयारी भी किया जा रहा है। वही हर साल की तरह इस साल भी रावणभांटा सहित डब्लूआरएस कॉलोनी, स्प्रे शाला मैदान, चौबे कालोनी, बीटीआई मैदान व् अन्य क्षेत्रो में रावण दहन को लेकर विशेष साज सज्जा के साथ कारीगरों द्वारा पुतलो को तैयार किया जा रहा है. इसी बीच शहर के सबसे पुराने दशहरा मैदान रावणभांटा में प्लास्टिक मुहीम को ध्यान में रखते हुए रावण का पुतला विशेष रहेगा जिसे दिल्ली के कारीगर बना रहे है।
छोड़बो प्लास्टिक थीम पर रायपुर सहित चार बड़े शहरों में रावण दहन : दशहरा के दिन शहर के रावणभांटा में रावण दहन किया जायेगा। वहां के स्थानीय पार्षद और आयोजक मनोज वर्मा ने बताया कि ,इस बार रावण दहन के लिए पारम्परिक तौर पर जो पुतले बनाये जा रहे है उसमे मेघनाथ और कुम्भकरण के 50 -50 फ़ीट के पुतले बनाये जा रहे है वही 60 फ़ीट का रावण का पुतला रहेगा लेकिन इस वर्ष पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए और प्लास्टिक के उपयोग से क्षति पहुंच रही पर्यावरण को बचाने के उद्देश्य से दिल्ली की वर्टीकल कंपनी इस बार यहाँ एक प्लास्टिक का 20 फ़ीट रावण बना रही है जिसे दशहरा के दिन जलाया नहीं जायेगा बल्कि आधे घंटे का शो दिखाकर लोगो को प्लास्टिक मुक्त अभियान के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूक किया जायेगा। इतना ही नहीं प्लास्टिक के रावण की थीम पर दिल्ली से आयी टीम ने बताया की पहली बार यह प्रयोग राजधानी समेत अन्य चार बड़े शहर दिल्ली ,नोयडा ,लखनऊ ,अहमदाबाद में किया जा रहा है।
दशहरा में रामलीला के मंचन से छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक
शहर के हृदय स्थल में बसे कालीबाड़ी स्थित माधव राव स्प्रे स्कूल में दशहरा को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है। यहाँ सुबह से पतंगबाजी का कार्यक्रम रखा गया है जिसके बाद रामलीला के माध्यम से छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक में प्रस्तुत किया जायेगा। इसके साथ ही यहाँ 45 फ़ीट के लंकेश और 40-40 फ़ीट के मेघनाथ कुम्भकरण का पुतला बनाया गया है।
इतना ही नहीं यहाँ 45 मिन तक आतिशबाजियां की जाएगी जो दर्शको के आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके साथ ही शहर के बीटीआई ग्राउंड में दशहरा को लेकर 20 प्रकार की आतिशबाजियो के साथ लंकेश का दहन शाम आठ बजे किया जायेगा ।
500 जवानो के बल और बड़े कलाकारो के बीच डब्लूआरएस में रावण दहन
डब्लूआरएस कॉलोनी में इस दशहरा 50 वर्ष पुरे होजाएंगे।वही हर बार की तरह इस वर्ष यहाँ दशहरा के रावण दहन से लेकर अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम खास रहेंगे।दशहरा समिति के अध्यक्ष राधेश्याम विभार ने बताया कि ,इस वर्ष 101 फ़ीट की रावण का पुतला और 85 -85 फ़ीट के मेघनाथ और कुम्भकरण के पुतले दहन किये जायेंगे। इतना ही नहीं इस वर्ष पिछले साल पंजाब के अमृतसर में दशहरा के दौरान रेलवे ट्रैक में हुए हादसे को ध्यान में रखते हुए इस साल रेलवे अधिकारियोंने पहले से ही वहां से गुजरने वाली ट्रेन की स्पीड तय कर दी है इसके साथ जी आरपीएफ और जिला पुलिस बल के 500 जवानो के कड़े सुरक्षा निगरानी में रावण दहन किया जायेगा। इतना ही नहीं शाम 5 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम से शुरू होगा जिसमे सारेगमापा टॉप फाइनलिस्ट रही ऐश्वर्या पंडित अपनी सुरीली गानो से समां बंधेगी वही आशाराय एवं आर्यन डांस ग्रुप द्वारा कई डांस परफॉर्मन्स दिए जायेंगे। वही आतिशबाजी के लिए रायपुर,मुंबई और कोलकाता के कलाकारों को बुलाया गया है। इस तरह से यहाँ दशहरा मनाया जायेगा।
