panchayattantra24.-बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेज पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में एडमिशन के पुराने अलॉटमेंट को रद्द कर दिया गया है। अब नई काउंसलिंग से ही सीट मिलेगी। हाईकोर्ट ने कहा कि, नियम बदले तो पुराना एडमिशन खत्म माना जाएगा। नियमों में बदलाव और काउंसलिंग रद्द होने से पुराना एडमिशन मान्य नहीं रह गया है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि, 2025 के नियम 11 में किए गए संशोधन के बाद किसी भी अभ्यर्थी के पास पहले से आवंटित सीट पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं रह जाता है। उन्होंने कहा कि, इस मुद्दे पर अब और कोई नई याचिका स्वीकार नहीं की जाएगी।दरअसल, भिलाई निवासी अनुष्का यादव ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिका में राज्य सरकार के 22 और 23 जनवरी 2026 के उन आदेशों को चुनौती दी थी। जिसके तहत पहले से पूरी हो चुकी काउंसलिंग और सीट आवंटन को अचानक रद्द कर दिया गया था।
तर्क दिया कि उसने मेरिट के आधार पर भिलाई के एक निजी मेडिकल कॉलेज में रेडियो डायग्नोसिस की सीट हासिल की थी। 10.79 लाख रुपए फीस समेत 10 लाख की बैंक गारंटी जमाकर जॉइन कर लिया था। याचिकाकर्ता का कहना था कि, एक बार प्रवेश की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे रद्द करना अनुचित है। याचिका में शासन के फैसले को अवैधानिक और मनमानीपूर्ण बताया गया। साथ ही कहा कि, इस प्रक्रिया से पहले प्रवेश पाने वाले छात्रों का भविष्य खराब हो रहा है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि, काउंसलिंग रद्द करने का निर्णय कोई मनमानी कार्रवाई नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट के डॉ. तन्वी बहल मामले में दिए गए आदेश के पालन में उठाया गया कदम था। इसके अलावा कहा कि डोमिसाइल आधारित आरक्षण पीजी मेडिकल पाठ्यक्रमों में असंवैधानिक है और केवल संस्थागत प्राथमिकता को ही एक सीमा तक अनुमति दी जा सकती है।
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