panchayattantra24.-अंबिकापुर। सरगुजा जिले में कृषि विभाग की टीम ने अवैध रूप से भंडारित बीजों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दरिमा मोड़ स्थित मां महामाया कोल्ड स्टोरेज में निरीक्षण कर विभिन्न फसलों के बीज जब्त किए हैं। यह कार्रवाई कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन और उप संचालक कृषि के निर्देशन में की गई। निरीक्षण के दौरान कोल्ड स्टोरेज परिसर में अलग-अलग कंपनियों के मक्का, धान और सरसों के बीज अवैध रूप से भंडारित पाए गए, जिससे विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बीजों को जब्त कर लिया। कृषि विभाग के बीज निरीक्षक सोहन लाल भगत एवं उनकी टीम ने मंगलवार को कोल्ड स्टोरेज में विस्तृत जांच की। जांच के दौरान यह सामने आया कि बड़ी मात्रा में बीज बिना वैध दस्तावेजों और आवश्यक अनुमति के भंडारित किए गए थे। अधिकारियों ने पाया कि भंडारित बीजों में कुछ बीज एक्सपायरी डेट के थे, जो किसानों के हितों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, एक्सपायरी बीजों का वितरण होने से फसल उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
भारी भरकम कर्मचारियों से भरा पड़ा बीज विकास निगम राज्य सरकार के लिए सफ़ेद हाथी साबित हो रहा है. ग़ौरतलब है कि विगत कुछ सालों से बीज विकास निगम जो छत्तीगढ़ के गऱीब और मूल निवासियों के लिए बीज वितरण हेतु गठित किया गया था लेकिन दुर्भाग्य की बात है बीज विकास निगम के पास किसी भी प्रकार का कोई भी किसी संबंधित कार्य नहीं के बराबर अधिकारी कर्मचारी निठल्ले बैठकर सरकारी धन तोड़ रहे हैं। ताज़ातरीन घटना 15 करोड़ रुपया की मक्के के बीजों का वितरण होना था जो बीज विकास निगम नहीं कर पाया और किसानों को DBT किया गया सरकार की मजबूरी थी लेकिन किसानों को दलालों के चंगुल से बचाएगा कौन DBT की रक़म किसान के खाते में डालना फिर उसका भी विड्रोल अधिकारी और दलालों के कारण संभव भी नहीं है। कमीशन के बिना किसान अपनी रक़म जो DBT मैं उसे मिली है निकाल भी नहीं सकता जब बीज विकास निगम प्रदेश में भारी भरकम विभागीय स्टॉफ के साथ कार्य कर रहा है तो फिर किस कारण से अलग अलग जि़लों में जैम पोर्टल के माध्यम से बीज की खऱीदी की गई ये एक सोचनीय बातें जैम पोर्टल में हर जि़ले में अलग अलग रेट में एक ही चीज़ को खऱीदा जाना ये भी जनता के पैसे के साथ खिलवाड़ है। हर जि़ले में जैम पोर्टल में अलग अलग रेट में बीज खऱीदा गया जैम पोर्टल से खऱीदी होने के कारण सरकार को जनता को ठगा जा रहा है. स्पष्ट रूप से हर जि़ले में एक ही चीज़ अलग अलग रेट में सरकार को प्राप्त हो रही है वह भी भारी कमीशन के कारण गुणवत्ता और क्वालिटी बिलकुल बेकार है कृषि मंत्रालय के कृषि विस्तार अधिकारियों से बात करने पर किसी भी प्रकार का जि़ मेदारी वाला जवाब किसानों को भी और जनता को भी और पत्रकारों को भी नहीं मिलता अब सवाल ये उठता है के बीज विकास निगम का अस्तित्व क्यों बनाया हुआ है जब बीज विकास निगम के माध्यम से कुछ कुछ भी कि़स्म के बीजों का वितरण किसानों को नहीं करना या खऱीदी नहीं करना तो बीज विकास निगम का बनाए रखना क्या उचित है. लाखों करोड़ों रुपया तनखा कर्मचारियों को बीज विकास निगम को माध्यम से देना जनता के साथ धोखा नहीं है क्या जबकि कृषि विभाग को किसी भी प्रकार के फंड की कमी नहीं है केंद्र की मोदी सरकार ने और विष्णुदेव साय की सरकार ने किसी प्रकार की कृषि विभाग को राशि देने में कंजूसी नहीं की और अधिक से अधिक बजट आवंटन किया है बजट का अधिकांश हिस्सा ख़र्च के हिसाब से कृषि विभाग प्रदेश में सभी विभागों से अच्छा परफॉर्मेंस कर रहा है.
निरीक्षण के दौरान कोल्ड स्टोरेज के संचालक ने टीम को जानकारी दी कि उक्त बीज विभिन्न बीज कंपनियों और दुकानदारों द्वारा भंडारण के लिए रखे गए हैं। हालांकि, भंडारण से संबंधित पर्याप्त दस्तावेज और अनुमति प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इस पर कृषि विभाग ने अवैध रूप से भंडारित समस्त बीजों को जब्त कर लिया। जब्त किए गए बीजों को नियमानुसार अभीरक्षा (कस्टडी) में रखते हुए कोल्ड स्टोरेज संचालक रुपेश अग्रवाल के सुपुर्द किया गया है। कृषि विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कोल्ड स्टोरेज संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में भंडारित बीजों के संबंध में विस्तृत जानकारी मांगी गई है, जिसमें यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि बीज किस कंपनी और किस व्यवसायी के हैं। विभाग ने संचालक को निर्देशित किया है कि निर्धारित समयावधि में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं, अन्यथा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अधिकारियों का कहना है कि बीजों की गुणवत्ता और वैधता सुनिश्चित करना किसानों के हितों की रक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। अवैध या एक्सपायरी बीजों का उपयोग फसल की उत्पादकता को प्रभावित कर सकता है, जिससे कृषि क्षेत्र में व्यापक नुकसान की संभावना रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण और निगरानी की कार्रवाई की जा रही है। कृषि विभाग ने सभी बीज विक्रेताओं, कंपनियों और भंडारण इकाइयों को नियमों का स ती से पालन करने की चेतावनी दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही किसानों से भी अपील की गई है कि बीज खरीदते समय वैधता, गुणवत्ता और एक्सपायरी डेट की जांच अवश्य करें।
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