panchayattantra24.-रायपुर। दिव्यांग बेटी को मिला सुरक्षित आश्रय, प्रशासन की संवेदनशील पहल से पुनर्वास केन्द्र में हुआ प्रवेशमुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के कल्याण और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जशपुर जिले की 24 वर्षीय दिव्यांग बालती बाई को जिला प्रशासन की संवेदनशील पहल से सुरक्षित आश्रय और समुचित देखभाल की सुविधा उपलब्ध हुई है।
जशपुर विकासखंड के ग्राम कोमडो निवासी बालती बाई 70 प्रतिशत सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित हैं। उनकी माता का पूर्व में निधन हो चुका है तथा बहन का विवाह हो जाने के कारण वे अपने वृद्ध पिता सुखराम उरांव के साथ रहती थीं। पिता के मजदूरी कार्य के लिए बाहर जाने पर बालती बाई को घर में अकेले रहना पड़ता था, जिससे उनकी सुरक्षा और दैनिक जीवन से जुड़ी आवश्यकताओं को लेकर गंभीर कठिनाइयां उत्पन्न हो रही थीं।
बालती बाई के पुनर्वास और सुरक्षित देखभाल के लिए उनके पिता ने कलेक्टर रोहित व्यास के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। समाज कल्याण विभाग ने सक्रिय पहल करते हुए विभिन्न पुनर्वास संस्थानों से संपर्क स्थापित किया। अम्बिकापुर स्थित केन्द्र में स्थान उपलब्ध नहीं होने पर विभाग ने मनेन्द्रगढ़ जिले से समन्वय कर रॉबर्ट कनान संस्था द्वारा संचालित घरौंदा पुनर्वास केन्द्र में प्रवेश की व्यवस्था सुनिश्चित की।
18 जून 2026 को बालती बाई का घरौंदा पुनर्वास केन्द्र, मनेन्द्रगढ़ में प्रवेश कराया गया, जहां उन्हें निःशुल्क आवास, भोजन, स्वास्थ्य देखभाल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। सुरक्षित वातावरण और बेहतर देखभाल मिलने से उनके जीवन में नई आशा का संचार हुआ है।
अपनी पुत्री को सुरक्षित आश्रय मिलने पर श्री सुखराम उरांव ने जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
