राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को आसाराम बापू को जोरदार झटका दिया है। हाईकोर्ट ने आसाराम की उम्रकैद पर रोक लगाने की मांग करने वाली याचिका को खारिज करते हुए जमानत अर्जी भी रद्द कर ही है। नाबालिग छात्रा के यौन उत्पीड़न मामले में आसाराम बापू आजीव कारावास की सजा भुगत रहा है। खबरों से मिली जनकारी के मुताबिक सजा स्थगित करने की आसाराम की याचिका पर हाईकोर्ट के कड़े रूख से घबरा कर उनके वकीलों ने याचिका को वापस ले लिया है।
इससे पहले इस मामले में हाईकोर्ट दो सह आरोपियों की सजा को स्थगित कर चुका है। राजस्थान हाईकोर्ट में आज जज संदीप मेहता और जज वीरेन्द्र कुमार माथुर की खंडपीठ के समक्ष बलात्कारी आसाराम की याचिका पर सुनवाई शुरू हुई। इस दौरान खंडपीठ ने आसाराम के प्रति कड़ा रुख अख्तियार किया। जिस कारण आसाराम के वकील प्रदीप चौधरी ने याचिका खारिज होने के भय से बहस किए बगैर इसे वापस ले लिया।
अंतिम सांस तक जेल में रखने की सजा
जैसा की आप जातने है बलात्कार बाबा आसाराम 5 साल से अधिक वक्त समय से जोधपुर सेन्ट्रल जेल में बंद है। बीते वर्ष अप्रैल महीने में एससी-एसटी कोर्ट के जज मधुसुदन शर्मा ने आसाराम को जीवन की अंतिम सांस तक जेल में रखने की सजा सुनाई थी। उसके बाद से आसाराम जेल से बाहर आने के लिए अपनी सजा को हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
