
धमतरी । देशभर में अक्षय तृतीया पर्व 7 मई को धूमधाम से मनाया जा रहा है। 16 साल बाद ग्रहों का महासंयोग बनने से इस पर्व का महत्व और बढ़ गया है। इस पर्व में सोना-चांदी की खरीदी को शुभ माना जाता है, जिसके चलते पर्व के पहले ही सराफा बाजार ग्राहकों से गुलजार हो गया है।
होगी सैकड़ों शादियां
उल्लेखनीय है कि धर्मशास्त्रों में अक्षय तृतीय के पर्व का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन सुबह से स्नान कर पूजा-अर्चना और दान-पुण्य करने से व्यक्ति को अक्षय फल मिलता है। इसी मान्यता के चलते पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस साल अक्षय तृतीय के पर्व पर सैकड़ों शादियां होगी। इसे लेकर वर और वधु के पक्ष के लोग तैयारी में जुटे हुए हैं। अक्षय तृतीय में शादी करने के लिए किसी मुहूर्त का इंतजार नहीं करना पड़ता है। यही कारण है कि लोग शादी की तैयारी में लगे हुए हैं। उधर 16 साल बाद महासंयोग बनने से इस पर्व में मंदिरों में हवन-पूजन का कार्यक्रम भी होगा।
16 साल बाद बन रहा महासंयोग
विद्वत परिषद के अध्यक्ष पंडित होमन प्रसाद शास्त्री, राजकुमार तिवारी ने बताया कि अक्षय तृतीया पर योग चर्तुग्राही योग बन रहा है। 16 वर्ष बाद सूर्य, शुक्र, राहु व चंद्र उच्च राशि वृष में प्रवेश करेंगे। अक्षय तृतीया के इस पर्व में दान-पुण्य करना श्रेष्ठ माना गया है।
सोने की कीमत गिरी
उधर अक्षय तृतीय पर्व के नजदीक आते ही सराफा बाजार ग्राहकों से गुलजार हो गया है। सराफा व्यवसायी विनय पारख, प्रकाश लुंकड़ ने बताया कि शादी का सीजन होने के चलते सोना और चांदी से बने आभूषणों की डिमांड बनी हुई है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 24 कैरेट सोना 32,400 तथा 23 कैरेट सोना 31,500 रूपए में बिक रहा है। जबकि चांदी 378 रूपए प्रति तोला हैं। पिछले एक सप्ताह में सोना की कीमत में 600 रूपए की गिरवट आई है। इसी का नतीजा है कि ग्राहक सोना और चांदी से बने आभूषणों की डिमांड बढ़ गई है।
