शनिवार को स्नान कर नीले वस्त्र पहनें, गणेश-शिव-हनुमान की पूजा के बाद सरसों तेल का दीपक जलाएं, शनिदेव मंत्र जपें, गुड़-चने का भोग लगाएं और पीपल पूजन करें।
शनि देव पूजा घर पर विधिपूर्वक
शनिवार को घर पर ही शनि देव की पूजा करने के पहले सुबह में स्नान कर काले या नीले वस्त्र पहनें। गणेश जी की पूजा के बाद शनिदेव के चित्र के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं और विधि-विधान से पूरी तैयारी करें। आइए जानते हैं इनके बारे में-
शनिवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करें। साफ और सादे कपड़े पहनें। काला या गहरा नीला रंग शुभ माना जाता है। घर के मंदिर या पूजा स्थान को अच्छी तरह साफ करें।
सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें ताकि सभी बाधाएँ दूर हों। उसके बाद भगवान शिव और हनुमान जी को फल और फूल चढ़ाएं। तभी शनिदेव की पूजा शुरू करें।
सरसों के तेल का दीपक जलाएं और उसे शनिदेव के चित्र या प्रतीक के पास रखें। मान्यता है कि घर में शनिदेव की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए। पूजा में काले तिल, लोहे की वस्तुएँ और फूल चढ़ाएं। चाहें तो शनिदेव को पंचामृत से स्नान भी करा सकते हैं।
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए उनका नाम-स्मरण करें। आप ये मंत्र जप सकते हैं —“ॐ शं शनैश्चराय नमः” या “ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नमः।” 108 बार या कम से कम 21 बार मंत्र बोलें।
पूजा पूरी होने पर शनिदेव को फल, मिठाई या गुड़-चने का भोग लगाएं। इसके बाद कपूर से आरती करें। आरती के बाद शनिदेव से जीवन में शांति, सुख और समृद्धि की प्रार्थना करें।
पूरे दिन उपवास रखें और शाम को दोबारा दीपक जलाकर पूजा करें। यदि मंदिर न जा सकें, तो घर पर ही श्रद्धा से पूजा करें। ब्रह्मपुराण के अनुसार, शनिवार को पीपल के पेड़ को छूकर “ॐ नमः शिवाय” का दस बार जाप करें। इससे ग्रहदोष दूर होते हैं और शनिदेव की कृपा बनी रहती है।
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