Close Menu
Panchayat Tantra 24
  • Home
  • संपादकीय
    • रायपुर
    • दुर्ग
    • बस्तर
    • बिलासपुर
    • सरगुजा
  • राष्ट्रीय
    • दिल्ली
    • छत्तीसगढ़
    • मध्य प्रदेश
  • अंतरराष्ट्रीय
  • एंटरटेनमेंट
  • खेल
  • धर्म आध्यात्म
  • बिज़नेस
  • Contact Us

Subscribe to Updates

Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

What's Hot

सुकमा में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान को मिली रफ्तार, कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं को दी गई एल्बेंडाजोल की खुराक

August 10, 2026

सरहद पर तैनात जवानों के लिए सुकमा की आंगनबाड़ी दीदियों का अनोखा स्नेह, भेजे 2,055 रक्षा सूत्र

August 10, 2026

राजनांदगांव में 5 दिन तक गूंजेगी बैडमिंटन की रफ्तार, 25वीं राज्य जूनियर रैंकिंग प्रतियोगिता का आगाज

August 10, 2026
Facebook X (Twitter) Instagram
Monday, August 10
  • Home
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact Us
Panchayat Tantra 24
  • Home
  • संपादकीय
    • रायपुर
    • दुर्ग
    • बस्तर
    • बिलासपुर
    • सरगुजा
  • राष्ट्रीय
    • दिल्ली
    • छत्तीसगढ़
    • मध्य प्रदेश
  • अंतरराष्ट्रीय
  • एंटरटेनमेंट
  • खेल
  • धर्म आध्यात्म
  • बिज़नेस
  • Contact Us
Panchayat Tantra 24
Home » संक्रमण से मौतें
संपादकीय

संक्रमण से मौतें

adminBy adminNovember 24, 2022No Comments3 Mins Read
Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Tumblr Email
Share
WhatsApp Telegram Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Copy Link

     

  K.W.N.S.-इस अध्ययन में यह सामने आया कि वर्ष 2019 में तैंतीस तरह के सामान्य जीवाणुओं के संक्रमण से करीब चौदह लाख लोग मारे गए और इनमें से छह लाख अस्सी हजार लोगों की मौत का कारण सिर्फ पांच तरह के जीवाणुओं के होने वाला संक्रमण था। वैश्विक स्तर पर देखें तो दुनिया में सबसे ज्यादा मौतों का दूसरा बड़ा कारण जीवाणु संक्रमण रहा। यानी वर्ष 2019 में दुनियाभर में सतहत्तर लाख मौतें तैंतीस तरह के जीवाणुओं से हुर्इं। 
भारत के संदर्भ में यह कम चिंताजनक स्थिति नहीं है। जिन पांच जीवाणुओं के संक्रमण से लाखों लोग मौत के मुंह में चले गए, उनमें निमोनिया, मूत्र संक्रमण और टायफायड जैसे रोगों के मामले कहीं ज्यादा हैं। आमतौर पर ये बीमारियां हमारे रहन-सहन और खानपान से ही होती हैं। इससे पता चलता है कि स्वास्थ्य, रहन-सहन, खानपान, प्रदूषण, स्वच्छ पेयजल और शौचालयों की उपलब्धता के मोर्चे पर हम कहां खड़े हैं। और फिर ये आंकड़े तो वे हैं जो कहीं न कहीं दर्ज रहे होंगे। भारत के ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में तो ऐसी संक्रामक बीमारियों से न जाने कितनी मौतें हर साल हो जाती हैं, जो सरकारी रिकार्ड में दर्ज भी नहीं हो पातीं! 
 ऐसे अध्ययन और शोध सिर्फ चौंकाते ही नहीं हैं, बल्कि सचेत भी करते हैं कि हमें किस मोर्चे पर क्या काम करना है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि सामान्य संक्रमणों से भी मरने वालों का आंकड़ा कम नहीं है। इससे पता चलता है कि लोगों को मामूली बीमारियों के इलाज भी आसानी से मुहैया नहीं हो पाते हैं। भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति आज भी किस हाल में है, यह किसी से छिपा नहीं है। कहने को देश में बड़े-बड़े पांच सितारा और निजी अस्पतालों की भरमार होती जा रही है, लेकिन आबादी के बड़े हिस्से की यहां तक पहुंच ही नहीं है।
 सरकारी अस्पतालों में मरीजों के बोझ से लेकर दूसरी अनगिनत समस्याएं हैं। हजारों लोगों पर एक डाक्टर, एक बिस्तर दशकों से चली आ रही समस्या है। अस्पतालों में उपकरणों और दवाइयों की भारी कमी हमेशा की बीमारी है। जिला अस्पतालों से लेकर ग्रामीण इलाकों में बने प्राथमिक और सामुदायिक चिकित्सा केंद्रों की हालत कौन नहीं जानता। यह भी जगजाहिर है ही कि चिकित्सा सेवा का कर्म किस तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा चुका है। जाहिर है, ऐसे में सामान्य संक्रमण से भी लोग मरेंगे ही! 
 संक्रामक रोग फैलाने वाले जीवाणुओं के पनपने और फैलने का बड़ा कारण स्वच्छता से भी जुड़ा है। भारत के ज्यादातर शहरों में सीवर समस्या से लेकर कूड़े के पहाड़ तक गंभीर संकट का कारण बने हुए हैं। घरों में नलों के जरिए पहुंचाए जाने वाले पानी में सीवर लाइनों का पानी और कीड़े मिलने जैसी शिकायतें इतनी आम हैं कि स्थानीय निकाय और प्रशासन इन्हें समस्या के रूप में देखते ही नहीं। देश की राजधानी दिल्ली में तीन बड़े कूड़े के पहाड़ करीब चार दशकों से खड़े हैं, जो समय-समय पर धधकते रहते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि लाखों लोग किस तरह के प्रदूषण में रहने को मजबूर हैं। ऐसे में बीमारियां नहीं फैलेंगी तो क्या होगा? अगर सामान्य जीवाणुओं के संक्रमण से लाखों लोग मर रहे हैं तो निश्चित ही इसके लिए जिम्मेदार हमारे नीति-नियंता और दोषपूर्ण नीतियां हैं। संक्रमित बीमारियों पर काबू पाना है तो इसके लिए व्यवस्था को संक्रमणमुक्त करना होगा।
 

Share. WhatsApp Facebook Twitter Pinterest LinkedIn Copy Link Telegram Email
admin
  • Website

Related Posts

BJP ने कर्नाटक–तेलंगाना निकाय चुनावों के लिए प्रभारी नियुक्त किए, चंडीगढ़ मेयर चुनाव हेतु ऑब्ज़र्वर तय

January 21, 2026

पहलगाम आतंकी हमले के बाद मोदी सरकार का पाकिस्तान के खिलाफ आक्रामक रुख

May 2, 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय न्याय प्रणाली में बड़े सुधारों की शुरुआत की: तीन नए आपराधिक कानून लागू

December 7, 2024
Advertisement
× Popup Image


RO No. 13728/1

Recent Posts

  • सुकमा में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान को मिली रफ्तार, कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं को दी गई एल्बेंडाजोल की खुराक
  • सरहद पर तैनात जवानों के लिए सुकमा की आंगनबाड़ी दीदियों का अनोखा स्नेह, भेजे 2,055 रक्षा सूत्र
  • राजनांदगांव में 5 दिन तक गूंजेगी बैडमिंटन की रफ्तार, 25वीं राज्य जूनियर रैंकिंग प्रतियोगिता का आगाज
  • हरेली तिहार: छत्तीसगढ़ की हरियाली, खेती और लोकजीवन का उत्सव
  • रायपुर में गूंजा भारत माता का जयघोष, 1500 मीटर तिरंगे के साथ निकली भव्य तिरंगा यात्रा

Recent Comments

No comments to show.

 

Panchayat Tantra 24

panchayattantra24.com एक ऐसा न्यूज बेबसाईट है, जिसके माध्यम से विभिन्न दैनिक समाचार पत्र एवं अन्य पत्रिका को समाचार एवं फोटो फीचर की सेवायें न्यूनतम शुल्क में प्रदान किया जाता है। साथ ही लिंक के द्वारा भी अन्य पाठकों को फेसबुक, व्हाट्सएप, यूट्यूब व अन्य संचार माध्यम से प्रतिदिन समय-समय पर न्यूज भेजा जाता है।

Email Us: panchayattantra24@gmail.com
Contact: +91 7000291426

Categories

  • Uncategorized
  • अंतरराष्ट्रीय
  • एंटरटेनमेंट
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • दिल्ली
  • दुर्ग
  • धर्म आध्यात्म
  • बस्तर
  • बिज़नेस
  • बिलासपुर
  • मध्य प्रदेश
  • रायपुर
  • राष्ट्रीय
  • संपादकीय
  • सरगुजा

Contact Details

Owner and Editor
Kanya Kumari pandey

Mobile No.
7000291426

Address
Subhas Nagar Near Jal Vihar Colony Raipur Chhatisgarh

© 2026 Designed by RT Internet Services.
  • Home
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Contact Us

Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.