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Home » स्वतंत्रता दिवस पर CM साय की बड़ी घोषणा, रायपुर में जल्द लागू होगी पुलिस आयुक्त प्रणाली
रायपुर

स्वतंत्रता दिवस पर CM साय की बड़ी घोषणा, रायपुर में जल्द लागू होगी पुलिस आयुक्त प्रणाली

adminBy adminAugust 15, 2025No Comments24 Mins Read
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panchayattantra24.-रायपुर। सीएम साय ने स्वतंत्रता दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी। ध्वजारोहण के बाद उन्होंने कहा, आज का दिन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव का दिन है। अंग्रेजी साम्राज्यवाद से लड़ते हुए हमारे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपना सर्वस्व बलिदान कर हमें स्वतंत्रता का उजाला सौंपा। आज स्वतंत्रता दिवस की इस प्रभात बेला में हम अपने सभी वीर सपूतों को कृतज्ञता से नमन करते हैं। 
2 देश के उन्यासीवें (79वें) स्वतंत्रता दिवस के साथ-साथ हम छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के 25 गौरवशाली वर्षाे की विकास यात्रा को ’’छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव’’ के रूप में मना रहे हैं। मुझे आपसे यह बात साझा करते हुए खुशी हो रही है कि हम आज के इस शुभ दिन से छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ कर रहे हैं। आप सभी की भागीदारी से हम इस महोत्सव को अविस्मणीय बनाएंगे। 
 3 आज का दिन परलकोट विद्रोह के नायकों के पुण्य स्मरण का भी है। देश की आजादी की लड़ाई में स्वर्णिम अक्षरों में लिखे गये परलकोट विद्रोह के 200 वर्ष पूरे हो गए हैं। आज भी शहीद गेंदसिंह की वीरता के किस्से पीढ़ी दर पीढ़ी प्रदेश की जनता उतने ही गौरव भाव से सुन रही है। 
4 भूखे और उत्पीड़ित लोगों को न्याय दिलाने के लिए शहीद वीरनारायण सिंह द्वारा की गई लड़ाई को कौन भूल सकता है। रायपुर सिपाही विद्रोह के नायक हनुमान सिंह जी का इस अवसर पर स्मरण करना चाहूँगा। भूमकाल विद्रोह के माध्यम से वीर गुंडाधुर ने अपनी मातृभूमि के लिए जिस अद्भुत शौर्य का प्रदर्शन किया, वो इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है। शहीद यादव राव, वेंकट राव, धुरवा राव, डेबरी धुर, आयतु माहरा सहित हमारे अनेक जनजातीय नायकों का बलिदान देशभक्ति की अद्भुुत मिसाल है।
5 हम अपने राज्य के निर्माता पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हैं, जिन्होंने अपना अटल संकल्प पूरा किया और देश के नक्शे में छत्तीसगढ़ का एक नये राज्य के रूप में उदय हुआ। अटल जी के जन्म शताब्दी वर्ष को हम अटल निर्माण वर्ष के रूप में मना रहे हैं।
 6 छत्तीसगढ़ की पुण्य धरा प्राकृतिक संसाधनों से सम्पन्न है। हमारे पास समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर हैं और अपार उत्साह समेटे हुए विपुल मानव संसाधन हैं। एक नवंबर 2000 को जब यह राज्य बना, तब हमने एक सपना देखा था, एक विकसित, आत्मनिर्भर और समावेशी छत्तीसगढ़ का। आज मैं गर्व से कह सकता हूँ कि हम उस दिशा में तेजी से आगे बढ़़ रहे हैं। 
7 आपातकाल के पचास बरस पूरे हो गये हैं। हम अपने लोकतंत्र सेनानियों को नमन करते हैं, जिन्होंने आपातकाल के बेहद कठिन दौर में यातनाओं की परवाह न करते हुए लोकतंत्र की मशाल थामें रखी। 
8 मातृभूमि के लिए अपने हिस्से की जिम्मेदारी हमें निभानी है। हमें यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को मूर्त रूप देना है।
 9 हमें अपने वीर जवानों पर गर्व है, जिन्होंने अपने असीम शौर्य और साहस से मातृभूमि का शीश हमेशा ऊंचा रखा। वर्ष 1947 में देश की आजादी के बाद पाकिस्तान की ओर से हुए आक्रमण से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक हर बार हमारे जवानों ने तिरंगे का मान बढ़ाया है। पहलगाम में हुए जघन्य आतंकी कृत्य का बदला लेने हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में ऑपरेशन सिन्दूर चलाया गया। यह ऑपरेशन दुनियाभर में भारत के पराक्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक बना। 
10 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई में भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हो गई है। हमारा चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिण धु्रव पर पहुंच चुका है और शुभांशु शुक्ला ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में तिरंगा लहरा दिया है। 
11 इस सफलता के पीछे देशवासियों की कड़ी मेहनत और हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और अथाह इच्छा शक्ति की विशेष भूमिका है। आज के इस गौरवशाली दिन, हम अभिनंदन करते हैं, अपने सुरक्षाबलों के जवानों का, जिन्होंने नक्सलियों को उनके ठिकानों में घुसकर मात दी।
 12 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केन्द्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में हम मार्च 2026 तक देश को माओवादी आतंक से मुक्त करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले 20 महीनों में हमारे जवानों ने 450 माओवादियों को न्यूट्रलाइज और 1578 को गिरफ्तार किया है। 
13 हमारे जवानों ने माओवादियों के शीर्ष नेताओं बसवराजू और सुधाकर को न्यूट्रलाइज करने में सफलता पायी। राज्य सरकार की आकर्षक आत्मसमर्पण नीति से प्रभावित होकर 1589 माओवादी हथियार छोड़ चुके हैं। इनके पुनर्वास, कौशल विकास और रोजगार की व्यवस्था की गई है। 
14 सुशासन का असली मतलब तब है, जब आखिरी व्यक्ति तक इसका लाभ पहुँचे। ताड़मेटला में जहां हमारे 76 जवानों ने माओवादी हमले में शहादत दी थी, उसके समीप ही चिंतागुफा के स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण-पत्र मिला है। यहां हर महीने औसतन 20 प्रसव होते हैं और हजारों ग्रामीण निःशुल्क इलाज की सुविधा ले रहे हैं। 
15 नक्सलवाद के कम होते ही बस्तर में विकास की रफ्तार तेजी से बढ़ी है। 50 बंद स्कूल फिर से खोले गए और कई गांवों में पहली बार बिजली पहुंची। नियद नेल्ला नार अर्थात आपका अच्छा गाँव योजना से 327 गांवों में बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं। पामेड़, जो कभी नक्सलियों का गढ़ था, वहां अब बैंक की शाखा खुल गई हैं। 
16 पिछले 20 महीनों में हमने प्रदेश के नागरिकों को प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दी गई गारंटियों को पूरा करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किये हैं। 
17 कैबिनेट की पहली बैठक में हमने 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए। पीएम जनमन योजना में विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए 34 हजार और नक्सल पीड़ित व आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार आवास मंजूर किए गए। पात्रता नियम आसान किए गए हैं और नए लाभार्थियों के लिए आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वे कराया गया है। इस तरह हर नागरिक का पक्का घर पाने का सपना पूरा हो रहा है। 
18 महिला सशक्तीकरण हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। सरकार बनने के तीन महीने के भीतर हमने महतारी वंदन योजना शुरू की। प्रदेश में 70 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भरता की राह पर कदम बढ़ा रही हैं। 
19 महतारी वंदन योजना के तहत माताओं-बहनों को अब तक 11 हजार 728 करोड़ रूपए की राशि दी जा चुकी है। रायगढ़ जिले से हमने महिला समूहों को रेडी टू ईट फूड निर्माण का काम सौंपा है और इसका विस्तार जल्द ही हम अन्य जिलों में करेंगे। 
20 राज्य के किसान भाइयों का कल्याण हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। कृषक उन्नति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के किसानों को धान का सबसे ज्यादा मूल्य मिल रहा है। हमने पिछले खरीफ सीजन में 149 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी की है। 
21 राज्य में फसल विविधता को बढ़ावा देने के लिए हमारी सरकार नेकृषक उन्नति योजना के दायरे का विस्तार किया है। धान के बदले अब अन्य खरीफ फसल लेने वाले किसानों को प्रति एकड़ 11 हजार रूपए तथा दलहन-तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की फसल लेने वाले कृषकों को प्रति एकड़ 10 हजार रूपए की आदान सहायता राशि दी जाएगी। 
22 दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषक मजदूर कल्याण योजना हमने शुरू की है। इसके तहत राज्य के 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि श्रमिकों को प्रतिवर्ष 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दे रहे हैं। 
23 छत्तीसगढ़ के 26 लाख किसान भाइयों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ मिल रहा है। खास बात यह है कि इस योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति के 32 हजार 500 किसान भी लाभान्वित हो रहे हैं।
 24 खरीफ सीजन में हमने खाद-बीज की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की है। वैश्विक तनाव के कारण जहां डीएपी की आपूर्ति में कुछ कमी आयी, वहां हमने भरपूर मात्रा में नैनो डीएपी उपलब्ध कराकर किसान भाइयों की दिक्कत दूर की। 
25 हम राज्य में सहकारिता की सम्भावनाओं को साकार कर रहे हैं। खेती-किसानी के साथ-साथ हम पशुधन और मत्स्यपालन को भी बढ़ावा दे रहे हैं। राज्य में दुग्ध उत्पादन और पशुपालकों की आय को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से हमने एमओयू किया है। 
26 वर्ष-2025 को अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष घोषित किया गया है। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में हम सहकार से समृद्धि के मंत्र पर चलते हुए राज्य में सहकारी गतिविधियों को नई ऊंचाई दे रहे हैं। 
27 महात्मा गांधी कहते थे कि शिक्षा के जरिए समाज में बड़े बदलाव लाए जा सकते हैं। हमने नई शिक्षा नीति को लागू करने के साथ ही इसके प्रावधानों के अनुरूप स्कूलों और शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया है। अब सुकमा के दुर्गम गांव में भी शिक्षक हैं। राजधानी रायपुर से लेकर पहाड़ी कोरवा बसाहट वाले स्कूलों तक पूरे प्रदेश में शिक्षक-छात्र अनुपात एक समान है। हमारे स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। 
28 हम शासकीय विद्यालयों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान भी संचालित कर रहे हैं। पेरेण्ट्स टीचर मीटिंग तथा न्यौता भोज के माध्यम से हमने बच्चों के शैक्षणिक विकास में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की है, जिसका बेहतर परिणाम मिल रहा है। हमने स्कूलों के रखरखाव एवं अधोसंरचना विकास के लिए 133 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। 
29 नवा रायपुर में हम सौ एकड़ में एजुकेशन सिटी बना रहे हैं। विज्ञान और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए यहां साइंस सिटी का भी निर्माण कर रहे हैं।
 30 नवा रायपुर में हमने नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी के कैंपस का भूमिपूजन किया है। देश में लागू नये कानूनों में फारेंसिक का महत्व काफी बढ़ गया है, जिससे राज्य के युवाओं को इस क्षेत्र में करियर निर्माण के अवसर सुलभ होंगे। 
31 छत्तीसगढ़ में आईटी और एआई क्रांति दस्तक दे चुकी है। हम नवा रायपुर को सेंट्रल इंडिया की सिलिकॉन वैली के रूप में तैयार कर रहे हैं। नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफार्मेशन टेक्नॉलाजी की स्थापना करने जा रहे हैं, जिससे आईटी का बड़ा टैलेंट पूल यहां तैयार होगा। 
32 हम जॉब मार्केट की जरूरत के मुताबिक वर्क फोर्स तैयार कर रहे हैं। प्रदेश के युवाओं को कौशलयुक्त बनाने के लिए स्किल इंडिया मिशन पर काम किया जा रहा है। नवा रायपुर में हम लाइवलीहुड सेंटर आफ एक्सीलेंस आरंभ कर रहे हैं। हम जनजातीय बहुल बस्तर संभाग के सभी 32 विकासखंडों में, कौशल विकास केन्द्र के माध्यम से युवाओं को विभिन्न व्यवसायों का प्रशिक्षण दे रहे हैं। 
33 आईआईटी के पूर्व विद्यार्थियों की संस्था पैन आईआईटी के साथ वंचित समुदायों को सशक्त करने हमने एमओयू किया है। यह संस्था कौशल विकास को बढ़ावा देने का काम करेगी। युवाओं के कौशल विकास के साथ ही उन्हें विदेशी भाषाओं का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि हमारे युवाओं को विदेशों में भी रोजगार के अवसर मिल सकें। 
34 स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए हमने नई स्टार्टअप नीति बनाई है। इसके माध्यम से हम राज्य के 100 तकनीकी संस्थाओं के 50 हजार छात्र-छात्राओं तक पहुंच बनाएंगे। राज्य में हमने 150 स्टार्टअप स्थापित करने का लक्ष्य रखा है। 
35 ईज ऑफ लिविंग के साथ ही स्पीड ऑफ बिजनेस की ओर बढ़ते हुए हमने 350 से अधिक रिफॉर्म किये हैं। सिंगल विंडो सिस्टम से प्रदेश में निवेश सरल, सहज और पारदर्शी हो गया है। 
36 नई औद्योगिक नीति की बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की भव्य इमारत तैयार होगी। नई औद्योगिक नीति में हमने सबसे ज्यादा जोर पॉवर सेक्टर पर दिया है। इस सेक्टर में हमें 3 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इससे छत्तीसगढ़ विकसित भारत का पावर हाउस बनेगा। 
37 निवेशकों के लिए छत्तीसगढ़ पसंदीदा राज्य बन चुका है। हमने दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरू के साथ ही रायपुर में भी इन्वेस्टर्स समिट किये। इन समिट के माध्यम से अब तक 6 लाख 65 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हमें मिल चुके हैं। 
38 नई औद्योगिक नीति में हम नये जमाने के उभरते हुए उद्योगों को भी विशेष अनुदान दे रहे हैं। छत्तीसगढ़ में पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का भूमिपूजन हमने किया है। लगभग 11 सौ करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली इस यूनिट से हमने चिप निर्माण के क्षेत्र में कदम रख दिया है। 
39 हम टैक्सटाइल क्षेत्र में संभावनाओं को अवसर में बदलना चाहते हैं। इसके लिए हम नवा रायपुर में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ फैशन टेक्नॉलाजी का कैंपस स्थापित करने जा रहे हैं। इसकी अनुमानित लागत 271 करोड़ रुपए होगी। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 
40 हमने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की तर्ज पर राज्य राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए प्राधिकरण गठन का निर्णय लिया है। यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के सुव्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास के लिए कार्य करेगा। 
41 यह प्राधिकरण राजधानी क्षेत्र के लिए योजना बनाने, निवेश को बढ़ावा देने, विभिन्न सरकारी और निजी संगठनों के बीच समन्वय तथा शहर के विस्तार को सही ढंग से नियंत्रित करने का भी काम करेगा। 
42 अब जमाना ई-कॉमर्स का है। इसे प्रोत्साहित करने हमारी लॉजिस्टिक नीति विशेष रूप से उपयोगी होगी और प्रदेश में तेजी से इनलैंड कंटेनर डिपो तथा ड्राईपोर्ट में निवेश होगा 
43 जब हमारे राज्य का गठन हुआ तब प्रदेश की अधोसंरचना औद्योगिक वातावरण के अनुकूल नहीं थी। छत्तीसगढ़ में निवेश की जो संभावनाएं पैदा हुई हैं, उसके पीछे एक दशक में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर हुए कामों की बड़ी भूमिका है। वर्ष 2030 तक हम उतनी ही रेल लाइन बिछा देंगे, जितनी 1853 में रेलवे शुरू होने से लेकर वर्ष 2014 तक बिछाई गई थी। 
44 रावघाट से जगदलपुर, केके लाइन का दोहरीकरण, तेलंगाना के कोठागुडेम से किरंदुल तक नई रेल परियोजनाएं बस्तर की भाग्य रेखा साबित होंगी। खरसिया से परमालकसा जाने वाली रेल लाइन प्रदेश के महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों को जोड़ेगी। नई रेल लाइनें ‘‘विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़‘‘ की धमनियां साबित होंगी। 
45 स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से हमने कार्गाे सुविधा भी आरंभ की है। धनबाद और विशाखापट्नम जैसे औद्योगिक केंद्रों को जोड़ने वाले एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी से हो रहा है। 
46 किसी प्रदेश की आर्थिक सेहत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहां बिजली की खपत कितनी है। हमारा प्रदेश जीरो पॉवर कट स्टेट है। हमारे राज्य में प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत 2 हजार 211 यूनिट है, जबकि देश का औसत ऊर्जा खपत प्रति व्यक्ति 1 हजार 255 यूनिट है। 
47 ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में हमने बड़ा कदम उठाया है। हम हाफ बिजली बिल से मुफ्त बिजली की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना के माध्यम से आमजन अब बिजली उपभोक्ता से बिजली उत्पादनकर्ता बन रहेे हैं। 
48 इस योजना के तहत सौर संयंत्रों की स्थापना पर केन्द्र और राज्य सरकार द्वारा आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। एक किलोवॉट के सौर संयंत्र पर केन्द्र सरकार द्वारा 30 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 45 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। दो किलोवॉट पर केन्द्र द्वारा 60 हजार रूपए और राज्य द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल 90 हजार रूपए तथा तीन किलोवॉट का सौर संयंत्र लगाने पर केन्द्र सरकार द्वारा 78 हजार रूपए और राज्य सरकार द्वारा 30 हजार रूपए, इस प्रकार कुल एक लाख 8 हजार रूपए की सब्सिडी दी जा रही है। मैं प्रदेश की जनता से आग्रह करता हूँ कि इस योजना का त्वरित लाभ उठाएं।स्वच्छ ऊर्जा केवल पर्यावरण का विकल्प नहीं, अपितु वर्तमान समय की आर्थिक और रणनीतिक आवश्यकता है।
 49 सुशासन हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। हमने ई-ऑफिस प्रणाली को सभी विभागों में कार्यान्वित किया है। फाइलें अब ऑनलाइन मूव हो रही हैं। इन पर निश्चित समय में निर्णय लिये जा रहे हैं और हर स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित हो रही है। हमने सरकारी खरीदी में पारदर्शिता लाने जेम पोर्टल को अपनाया है। भ्रष्टाचार के मामलों की ईओडब्ल्यू द्वारा पूरी तत्परता से जांच की जा रही है। पब्लिक पॉलिसी में युवाओं को आगे लाने हमने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना आरंभ की है। इसके जरिए युवा आईआईएम रायपुर में दो वर्षीय फेलोशिप कर रहे हैं। 
50 सुशासन तिहार के माध्यम से हम आपके गांव, आपके मोहल्ले तक पहुंचे। वहां हितग्राहियों के चेहरे की खुशी और उत्साह देखकर लगा कि हमारी मेहनत सार्थक हुई है। सुशासन तिहार में 41 लाख से अधिक आवेदन आये और इनमें से अधिकतर आवेदनों का हमने गुणवत्तापूर्ण निराकरण किया है। 
51 भ्रष्टाचार तब पनपता है जब आम जनता को कार्यालयों के बार-बार चक्कर काटने पड़ते हैं। यह तब ठीक होता है, जब जनता को कार्यालय जाने की जरूरत ही न पड़े। हमने रजिस्ट्री से संबंधित 10 क्रांतिकारी पहल की है। अब ऑनलाईन रजिस्ट्री की सुविधा भी हमने सुनिश्चित की है। रजिस्ट्री के साथ ही अब नामांतरण भी हो जाता है। आधार प्रमाणीकरण के चलते किसी तरह की धोखाधड़ी की आशंका नहीं रहती। रजिस्ट्री से संबंधित दस्तावेज बनाने आम नागरिकों को कानूनी विशेषज्ञों की भी जरूरत नहीं। पारिवारिक दान, हक त्याग और बंटवारा अब केवल पांच सौ रुपए शुल्क में हो जाता है। 
52 हमने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक के माध्यम से नियमों को सरल किया है। 5 डिसमिल से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री नहीं होगी। इसका उद्देश्य अवैध प्लाटिंग और जमीन को छोटे टुकड़ों में बांटकर बिक्री पर रोक लगाना है। 
53 जनविश्वास विधेयक पारित करने वाले हम अग्रणी राज्य हैं। हमने जनविश्वास विधेयक के माध्यम से राज्य के 8 अधिनियमों के 163 प्रावधानों में संशोधन किया है। छोटे-छोटे प्रकरणों में कोर्ट का बहुमूल्य समय नष्ट होता है और नागरिकों का भी काफी समय इसमें बर्बाद होता है। आम नागरिकों और कारोबारियों द्वारा किये गये छोटे-छोटे तकनीकी उल्लंघन अब अपराध की श्रेणी में नहीं आएंगे। 
54 विकसित छत्तीसगढ़ का नेतृत्व युवा शक्ति के हाथों में होगा। युवाओं के लिए शासकीय पदों में भर्ती पर सरकार तेजी से काम कर रही है। राज्य निर्माण के बाद पहली बार व्यापम की परीक्षा का साल भर का कैलेंडर जारी किया गया है। 
55 खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। हम इसके लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी पर भी काम कर रहे हैं। नई औद्योगिक नीति में हमने खेल अकादमी और निजी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए विशेष अनुदान प्रावधान किये हैं। युवा प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए हमने युवा रत्न सम्मान योजना आरंभ करने का निर्णय लिया है। 
56 स्वास्थ्य सेवाओं को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए 441 करोड़ रुपए की लागत से हम स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था बेहतर कर रहे हैं। राज्य के 543 सरकारी अस्पतालों को क्वालिटी सर्टिफिकेशन प्राप्त हुआ है। अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की लगातार भर्ती की जा रही है। पिछले महीने हमने एनएचएम के तहत 109 संविदा चिकित्सकों तथा 563 बांड अनुबंधित चिकित्सकों की नियुक्ति की है। हम नवा रायपुर में मेडिसिटी बना रहे हैं, जहां राष्ट्रीय स्तर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल संचालित होंगे।
 57 स्थानीय निकायों में हुए निर्वाचन के पश्चात अब प्रदेश के विकास को तीसरा इंजन भी मिल गया है। जनाकांक्षाएं तेजी से पूरी हो रही हैं। ग्रामीण विकास के लिए नई सोच के साथ काम हो रहा है। नगरीय निकायों की सूरत संवारने मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना आरंभ की गई है। इसके तहत सात नगर निगमों में 157 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। इनमें आक्सीजोन, बस टर्मिनल, बायपास, आडिटोरियम निर्माण जैसे काम शामिल हैं। 
58 प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा स्वच्छ भारत मिशन को जनांदोलन बनाने का प्रयास अब हर गांव-शहर में दिखने लगा है। मुझे खुशी है कि हमारे प्रदेश के नगरीय निकायों ने स्वच्छता सर्वेक्षण में अच्छी रैंक हासिल की है। प्रधानमंत्री जी ने मन की बात कार्यक्रम में बिल्हा की हमारी स्वच्छता दीदियों की विशेष रूप से प्रशंसा की। सफाई के इस महायज्ञ से जुड़ी प्रदेश की पूरी टीम को मैं इस सफलता के लिए बधाई देता हूँ। 
59 हमारी सरकार शहरों के साथ-साथ गाँवों में भी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना को प्रथम चरण में हम बस्तर और सरगुजा संभाग में शुरू करने जा रहे हैं। इन बसों का संचालन स्थानीय लोग ही करेंगे। इससे ग्रामीणों की आवाजाही आसान होगी और उनकी रोज़मर्रा की परेशानियाँ दूर होंगी। 
60 हम बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना पर आगे बढ़ रहे हैं। 50 हजार करोड़ रुपए की इस परियोजना के माध्यम से 200 मेगावाट बिजली के उत्पादन के साथ ही लगभग 7 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार होगा। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 9 सिंचाई परियोजनाओं में 522 करोड़ रुपए की राशि से सुधार कार्य कराया जाएगा।
 61 हम जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक कदम उठा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को दी जाने वाली संग्रहण राशि 4 हजार रुपए से बढ़ाकर साढ़े 5 हजार रुपए कर दी गई है। इससे साढ़े 12 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों के 50 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं। 
62 वनांचल में रहने वाले लोगों के लिए तेंदूपत्ता हरा सोना है। तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान संग्राहकों के पैरों में छालें न पड़े, कांटे न चुभे, इसके लिए हमने चरण पादुका योजना फिर से शुरू की है। यह योजना तेन्दूपत्ता संग्राहकों की सुरक्षा, सम्मान और अंत्योदय का सुन्दर उदाहरण है। 
63 हर्बल औषधियों को बढ़ावा देने हमने फॉरेस्ट टू फार्मेसी मॉडल के तहत दुर्ग जिले के जामगांव (एम) में हाल ही में हर्बल एक्सट्रैक्शन यूनिट का लोकार्पण किया है। इससे दो हजार लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार के अवसर सुलभ हुए हैं। 
64 सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को प्रोत्साहित करने हमारी सरकार ने बैगा, गुनिया, सिरहा लोगों को 5-5 हजार रुपए की सालाना सम्मान निधि प्रदान करने का निर्णय लिया है। प्रदेश की सुंदर जनजातीय संस्कृति के बारे में लोगों की उत्सुकता बढ़े, इसके लिए नवा रायपुर में हमने ट्राइबल म्यूजियम का लोकार्पण तीन महीने पहले किया है। 
65 प्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम के जनजातीय नायकों को समर्पित शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक-सह-संग्रहालय का निर्माण कराया जा रहा है। 
66 बस्तर की जनजातीय संस्कृति की झलक देश-दुनिया को दिखाने हमने बस्तर पंडुम का आयोजन किया। बस्तर अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र में है। बस्तर के धुड़मारास को यूएन पर्यटन संगठन ने सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में चुना है। होम-स्टे को प्रोत्साहित करने हमने छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति बनाई है।
 67 अपनी प्राकृतिक संपदा को न केवल हम सहेजे हुए हैं अपितु उसका निरंतर संवर्धन भी कर रहे हैं। वन पारिस्थितिकी सेवा को हमने ग्रीन जीडीपी के साथ जोड़ने की पहल की है। हाल ही में भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट आई है, इसमें बताया गया है कि छत्तीसगढ़ में 683 वर्ग किलोमीटर संयुक्त वन एवं वृक्ष आवरण की वृद्धि हुई है, जो देश में सबसे ज्यादा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर प्रदेश में ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के तहत विगत वर्ष में साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।
 68 राज्य की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नवा रायपुर में कलाग्राम की स्थापना के लिए 10 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कलाकारों और साहित्यकारों को दी जाने वाली पेंशन राशि को हमने 2 हजार रुपए से बढ़ाकर 5 हजार रुपए प्रति माह कर दिया है। 
69 हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश के 22 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना के माध्यम से भांचा राम के दर्शन लाभ कराने के निमित्त बन सके। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से भी हम तीर्थयात्रियों को देश भर के पुण्यस्थलों की यात्रा करा रहे हैं। 
70 यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वदेशी को जन-आंदोलन का रूप दिया है। आत्मनिर्भर भारत 140 करोड़ भारतीयों का संकल्प है – अपने पैरों पर खड़े होने का, नवाचार करने का और अपनी ताकत दुनिया के सामने साझा करने का। 
71 स्वतंत्रता दिवस के इस अवसर पर हम सभी को स्वदेशी वस्तुओं के अधिक से अधिक उपयोग का संकल्प लेना होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के वोकल फॉर लोकल अभियान को आगे बढ़ाने में हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका हो, इसके लिए हम सभी को आगे आना होगा। स्वदेशी सिर्फ रोजगार सृजन का ही माध्यम नहीं है, यह देशभक्ति का भी एक उपक्रम है। 
72 हम नई औद्योगिक नीति के जरिए प्रदेश में बनने वाले उत्पादों को वैश्विक मंच प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री जी के लोकल फॉर ग्लोबल विजन पर काम कर रहे हैं। दैनिक जीवन में छोटी-छोटी पहल से हम स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को अपना सकते हैं। इससे स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, शिल्पकारों के साथ ही बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को रोजगार मिलता है, जो हमारी अर्थव्यवस्था के स्तंभ हैं। 
73 स्वदेशी वस्तुओं का उत्पादन तथा उपयोग बढ़ने का सीधा परिणाम देश और प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के रूप में सामने आता है। इससे हमारी आयात निर्भरता कम होती है। उदाहरण के लिए स्वदेशी के सबसे बड़े प्रतीक खादी का उपयोग बढ़ाकर हम स्थानीय बुनकरों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकते हैं, इससे हमें टैक्सटाइल क्षेत्र में अपनी वैश्विक पहचान बनाने में मदद मिलेगी। 
74 एमएसएमई को प्रोत्साहित कर हम मेक इन इंडिया अभियान में अपनी भागीदारी बढ़ा रहे हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष जोर देना होगा।एमएसएमई के लिए प्रधानमंत्री जी द्वारा दिया गया जीरो डिफेक्ट – जीरो इफेक्ट का मंत्र अत्यंत कारगर है। 
75 हमारे गांव, नगरऔर जिले स्तर पर तैयार होने वाली वस्तुएं गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं है। इसके लिए उन्हें डिजिटल संसाधनों, नवाचार, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और एआई जैसी तकनीक को अपनाना होगा। अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान के साथ जय अनुसंधान… के ध्येय वाक्य के साथ हम आगे बढ़ेंगे। 
76 मेक इन इंडिया अभियान के जरिए रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत सैन्य उपकरणों का निर्यातकके रूप में उभर रहा है।
 77 आज जलवायु संकट का सीधा असर हमारे जीवन पर पड़ रहा है। कृषि क्षेत्र इससे अछूता नहीं है। ऐसे समय में रसायन मुक्त, प्राकृतिक खेती किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ हमारे स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी साबित होगी। श्रीअन्न, दलहन-तिलहन और मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा देकर छत्तीसगढ़ के हमारे किसान भाई कृषि लागत को कम कर सकते हैं। इससे रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों पर हमारी निर्भरता भी कम होगी। 
78 स्वतंत्रता दिवस का यह प्रेरक अवसर हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की प्रेरणा देता है। आत्मनिर्भर भारत बनाने के लिएमैं प्रदेशवासियों से आह्वान करता हूं कि यह संकल्प राष्ट्रहित में अवश्य लें कि – -हर नागरिक स्वदेशी वस्तु खरीदना देशभक्ति का कार्य माने… -हर व्यवसाय गुणवत्ता और स्थिरता को अनिवार्य मानें… -हर नवाचारी सबसे पहले भारत के बारे में सोचे… -हर किसान पर्यावरण अनुकूल समावेशी कृषि को अपनाए… -हर क्षेत्र निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े… 
79 प्रधानमंत्री जी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में हमने ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन’ डॉक्यूमेंट के रूप में एक ऐसा रोडमैप तैयार किया है, जिसके माध्यम से हम विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को साकार करेंगे। 
80 छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य है जिसने विजन डाक्यूमेंट तैयार किया है। इसमें हमने निकटवर्ती, मध्यवर्ती और दीर्घकालीन लक्ष्य रखे हैं। इन्हें प्राप्त करने हमने सामाजिक आर्थिक विकास के 13 थीम चुने हैं और इनके क्रियान्वयन के लिए 10 मिशन तैयार किये हैं। 
81 “रायपुर में शीघ्र ही पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की जाएगी, जिससे पुलिस-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।” 
82 छत्तीसगढ़ राज्य को संवारने के लिए आप सभी के सहयोग से हम दृढ़ संकल्प के साथ निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। जयशंकर प्रसाद जी की पंक्तियां याद आती हैं – ‘‘इस पथ का उद्देश्य नहीं है श्रांत भवन में टिक रहना िकंतु पहुंचना उस सीमा पर जिसके आगे राह नहीं’’ गोस्वामी तुलसीदास जी का ‘‘रामकाजु कीन्हें बिनु मोहि कहां बिश्राम‘‘ हमारा आदर्श वाक्य है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय के सिद्धांत हमारे पथप्रदर्शक हैं। 
83 हमारे राज्य के निर्माता श्रद्धेय अटल जी के सुशासन का दृढ़ संकल्प हमें शक्ति देता है। हम निश्चित ही जन-जन की सहभागिता से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लक्ष्य को साकार करेंगे। 
84 आइए हम सब छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के इस रजत जयंती वर्ष में स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प लें। 
85 सभी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को पुनः शत्-शत् नमन, हमारे वीर जवानों का अभिनंदन, आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की पुनः बहुत-बहुत बधाई।
 

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