रायपुर- मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज राज्य अतिथि गृह पहुना में राज्य वीरता पुरस्कार के लिए चयनित बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बच्चों से आत्मीयता से बात-चीत की और उनका मुंह मीठा कर स्वागत किया। बघेल ने बच्चों के साहस और सूझबूझ की सराहना की और उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकानाएं दी। इन बच्चों को कल राजधानी रायपुर में आयोजित गणतंत्र दिवस मुख्य समारोह में पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बच्चों से हाथ मिलाकर उनसे परिचय प्राप्त किया और साहस और वीरता भरे कार्यों की जानकारी ली। सरगुजा की कांति कंवर ने बताया कि उनके घर की बाड़ी में हाथियों के झुंड ने मक्के की फसल बर्बाद कर दी। हाथियों के डर से घर के सभी सदस्य बाहर निकल आए लेकिन छोटी बहन सोनिया घर के अंदर रह गयी थी। घर का कोई भी सदस्य घर के अंदर जाकर उसे बाहर निकालने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। ऐसी स्थिति में भी कांति कंवर ने निर्भयतापूर्वक हाथियों के बीच से होते हुए छोटी बहन को घर से बाहर निकाल लिया। मुख्यमंत्री ने हेलीकाप्टर की सैर कैसी रही पूछने पर बच्चों ने बताया कि हेलीकाप्टर की सैर में बहुत आनंद आया। भिलाई से गुजरते वक्त मुख्यमंत्री का आवास और नया रायपुर में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और मंत्रालय सहित अनेक स्थान भी देखा है।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ बाल कल्याण परिषद द्वारा चार बच्चों का राज्य वीरता पुरस्कार के लिए चयन किया गया है। इनमें महासमुंद जिले के ग्राम खल्लारी के सोमनाथ वैष्णव और पूनम यादव, सरगुजा जिले के ग्राम मोहनपुर की कांति कंवर, रायगढ़ जिले के ग्राम सरिया के प्रशांत बारीक शामिल है। इस अवसर पर वीरता पुरस्कार के लिए चयनित बच्चों के पालकगण और अध्यापक, छत्तीसगढ़ बाल कल्याण परिषद की संयुक्त सचिव और राज्य वीरता पुरस्कार कार्यक्रम की संयोजिका इंदिरा जैन, सह संयोजक राजेन्द्र निगम, सदस्यगण सुनील चंदसोरिया, कृष्ण कुमार निगम और सुभाष बुंदेलेे भी उपस्थित थे।
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