रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने अंतागढ़ फोन टेपकांड की जांच के आदेश दे दिए हैं। रायपुर एसपी को सरकार ने जांच अधिकारी नियुक्त किया है। वे रायपुर आइजी के मार्गदर्शन में मामले की जांच करेंगे। इस टेपकांड ने 2014 में सियासत को गरम कर दिया था। ज्ञात हो कि 2014 में अंतागढ़ के तत्कालीन विधायक विक्रम उसेंडी ने लोकसभा का चुनाव जीतने के बाद इस्तीफा दिया था। वहां हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने पूर्व विधायक मंतू राम पवार को प्रत्याशी बनाया था। भाजपा से भोजराम नाग खड़े हुए थे।
नाम वापसी के अंतिम वक्त पर मंतूराम ने अपना नामांकन वापस ले लिया था। इससे भाजपा को वाकओवर मिल गया था। बाद में फिरोज सिद्दीकी नाम से एक व्यक्ति का फोन कॉल वायरल हुआ था। आरोप लगे थे कि तब कांग्रेस में रहे पूर्व सीएम अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने मंतू की नाम वापसी कराई। इसमें वर्तमान जकाँछ सुप्रीमो अमित जोगी और तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद पुनीत गुप्ता के बीच हुई कथित बातचीत का मामला सुर्खियों में रहा था। सरकार ने अब इस टेपकांड की जांच के आदेश दे दिए हैं। इससे पहले नागरिक आपूर्ति निगम में घोटाले की जांच भी हो रही है। पुरानी सरकार के समय के मामलों को नई सरकार चुन- चुनकर बाहर निकाल रही है।
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