गरियाबन्द । पुल निर्माण की मांग को लेकर बहिष्कार करने वाले 11 गांव में शामिल निष्तिगुड़ा गांव में भाजपा प्रत्यशी पहुंचे, तो पूरा गांव स्वागत में जुट गया. गांव के सरपंच ने कहा कि कुछ लोग बहकावे में आकर सभा में पहुंच गए थे. बाकी 10 गांव जाने की हिम्मत भाजपाई नहीं जुटा पाए. उधर कांग्रेसी नेता झिरिपानी में सभा लेकर कांग्रेस के पक्ष में मतदान करने की अपील की ।
दरअसल पांच दिन पहले 11 गांव के लोगों ने पुल निर्माण शूरू नहीं होते तक किसी भी मतदान में भाग नहीं लेने का निर्णय लिया था. उन्ही 11 में शामिल निष्तिगुडा ग्राम जब भाजपा प्रत्याशी चुन्नी लाल साहू पहुंचे, तो ग्रामीणों ने जमकर स्वागत किया. गांव के बरगद पेड़ के नीचे सभा भी लिया. 700 की आबादी वाले इस गांव में 300 से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटी थी. ग्रामीणों ने भाजपा प्रत्याशी के साथ सीधे संवाद कर विकास के नाम पर मतदान करने की अपनी मंशा जाहिर कर दिया. मामले में ग्राम सरपँच शिव शंकर नायक ने कहा कि ग्राम के प्रमुख व आधे से ज्यादा लोग अभी भी अपने निर्णय ओर अडिग है. कुछ लोग बहकावे में आकर सभा में शामिल हो गए ।
कांग्रेसी नेता झिरिपानी पहुंच मतदान करने की अपील
कांग्रेस में चुनाव का कमान सभांल रहे कछरू भट्टर व प्रचार अभियान प्रभारी जनक ध्रुव आज झिरिपानी ग्राम पहुंचकर बहिष्कार के लिए मन बना चुके ग्रामीणों को मताधिकार का प्रयोग करने की अपील किया है. पुल की समस्या को भाजपा की देन बताते हुए विकास के लिए मतदान करने की अपील की है ।
अन्य 10 गांव जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाए
बहिष्कार का ऐलान करने वाले सभी गांव में नेताओं का प्रवेश वर्जित का बोर्ड लगा दिए हैं, ऐसे में इन गावों में अब तक किसी भी पार्टी की प्रचार टोली या नेता ग्राम प्रवेश करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं. आज भाजपा प्रत्याशी का काफिला बहिष्कृत गांव के सीमा से लगे ग्राम दहीगाव, डूमरबहाल, केंदूबन, झाखरपारा तो गया पर घोषित गांव नहीं जा पाए. चुन्नी लाल साहू ने कहा कि निष्टिगुड़ा में ग्रामीणों का अपार स्नेह मिला. केंद्र में सरकार बनाना है इसलिए क्षेत्रीय मुद्दा से बढ़ कर राष्ट्रीय मुद्दे को लेकर ग्रामीण सहमत है. देश के विकास के नाम पर वो जरूर वोट देंगे. बाकी अन्य गांव में भी स्थानीय नेता ग्रामीणों को मना लेंगे. पूर्व भाजपा विधायक गोवर्धन माँझी जिनके कार्य काल में सेनमूड़ा घाट पर पूल को स्वीकृति मिली थी. उन्होंने ने भी कहा कि गलती नेता राजनेता की नहीं है. प्रशासनिक चूक के कारण काम अटका है, इस बात को हर गांव में जाकर बताया जाएगा. उन्हें मतदान के अधिकार का उपयोग करने मना लिया जाएगा ।
कांग्रेसी नहीं ले रहे रूचि
बहिष्कार करने वाले 11 गांव में सागुनभाड़ी को छोड़ कर अन्य सभी 10 गांव में भाजपा को बढ़त मिलती है. 70 फीसदी वोट भाजपा के झोली में जाता है. इसलिए इन गांव के ग्रामीणों को मनाने की पहल भाजपाई ने शूरू कर दिया है, जबकि वोट बैंक के गणित में माईनस मार्किंग के चलते कांग्रेस इन्हें मनाने की पहल नहीं कर रहा है ।
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