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panchayattantra24.com,मुंबई। रिलायंस समूह के मुखिया मुकेश अंबानी ने अपना मुंबई स्थित बंगला एंटीलिया छोड़ कही और शिफ्ट हो गए है।
यह सब पिछले दिनों हुई घटना के बाद हुआ है. सूत्रों के मुताबिक मुकेश अंबानी अब यहां अपने घर कब आएंगे इसकी जानकारी किसी को नहीं है. बताया जा रहा है कि वे मुंबई छोड़ गुजरात शिफ्ट हो गए है।
वे देश के सबसे बड़ी रिफाइनरी जामनगर के बख्तरबंद बंगले में शिफ्ट हो गए है. वहां 200 से ज्यादा सीआईएसएफ के कमांडो उनकी सुरक्षा में तैनात बताएं जा रहे है।
घटना के बाद डरे हुए हैं परिजन
एंटीलिया के बाहर विस्फोटक मिलने के बाद अंबानी परिवार के सदस्य काफी डरे सहमें हुए है. यही कारण है कि उन्होंने मुंबई छोड़ गुजरात के जामनगर शिफ्ट होने का फैसला लिया है।
गृह मंत्रालय ने भी जताई खतरें की आशंका
सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी मुकेश अंबानी समेत पूरे परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा होने की बात कही है. यही कारण है कि परिवार ने मुंबई छोड़ने का फैसला किया है।
कितनी संपत्ति है अंबानी के पास गाठिया बेचते थे धीरूभाई अंबानी,
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी अब दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए है. 2020 में मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति में करीब 22 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स की अनुसार, मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति अब 80.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई है. हालांकि, इस बीच फ्रांस के बर्नार्ड अर्नाल्ट की संपत्ति में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि अर्नाल्ट की संपत्ति में इस साल गिरावट का सबसे बड़ा कारण ग्राहकों द्वारा कम खर्च रहा है।
ये हैं टॉप 3 अरबपति
दुनिया के सबसे बड़े अरबपतियों की लिस्ट में अब मुकेश अंबानी से आगे और पहले पायदान पर अमेजन इंक के संस्थापक जेफ बेज़ोस हैं. बेज़ोस की कुल संपत्ति करीब 187 अरब डॉलर है. वहीं, दूसरे पायदान पर 121 अरब डॉलर के साथ बिल गेट्स हैं. जबकि, 102 अरब डॉलर के साथ फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग तीसरे पायदान पर है।

पंचायत तंत्र- बीजिंग । चीन ने मंगल ग्रह के लिए अपने पहले अंतरिक्ष यान ‘तिआनवेन-1’ को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। यह यान मंगल की सतह पर किन जगहों पर बर्फ है, इसका पता लगाएगा। चीन का सबसे हैवी रॉकेट लॉन्ग मार्च-5 Y4 यान को लेकर रवाना हुआ। तिआनवेन 1 दक्षिण चीन के हेनान प्रांत के वेनचांग स्पेस लॉन्च सेंटर से रवाना किया गया है।
चीन के नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, 2000 सेकेंड की उड़ाने के बाद तिआनवेन 1 पृथ्वी और मंगल की कक्षा में प्रवेश कर, मंगल ग्रह की तरफ रवाना हो गया। यान को मंगल ग्रह के गुरुत्वाकर्षण वाले इलाके में प्रवेश करने के लिए, करीब सात महीने का समय लगेगा और अगले साल 2021 में यह वहां पहुंचेगा। इसके अलावा, मंगल की सतह पर लैंड करने के लिए अंतरिक्ष यान अपने साथ रोवर ले गया है।
पढ़ें इसकी खासियतें-
तिआनवेन-1 को मंगल के इक्वेटर के ठीक उत्तर में ‘यूटोपिया इंपैक्ट बेसिन’ के पास उतारने का लक्ष्य रखा गया है। यह रोवर मंगल ग्रह पर वातावरण का अध्ययन करेगा। बताया जा रहा है कि, इस यान की रूपरेखा नासा के 2000 के दशक के ‘स्पिरिट एंड अपॉर्च्युनिटी’ से मिलती-जुलती है।
तिआनवेन-1 का भार 240 किलोग्राम के लगभग है और इसमें आसानी से मोड़े जा सकने वाले सोलर पैनल लगे हुए हैं। इसके अलावा इसमें एक लंबा पंखा भी लगा है, जिससे तस्वीर खींचने और यान को नैविगेट करने में भी सहायता मिलती है। चीन का कहना है कि इस मिशन का लक्ष्य मंगल की सतह पर किन जगहों पर बर्फ है इसका पता लगाना है। इसके लिए इसमें पांच उपकरण भी लगाए गए हैं, जिनसे मंगल ग्रह पर मौजूद पत्थरों का विशलेषण करने एवं पानी या बर्फ की तलाश करने में मदद मिलेगी।

पंचायत तंत्र- कोरोना वायरस के चलते देशभर में हर किसी के लिए अब फेस मास्क पहनना अनिवार्य हो गए है, ऐसे में सूरत के एक जूलरी शॉप मालिक को हीरे लगे हुए मास्क बेचने का आइडिया आया। वह अपनी शॉप में ऐसे मास्क बेच रहे हैं, जिसकी कीमत डेढ़ लाख से लेकर चार लाख तक की है। जूलरी शॉप के मालिक दीपक चोकसी का कहना है कि उन्हें यह आइडिया उस ग्राहक से मिला, जिसके घर पर शादी थी। वह हमारी दुकान पर आया और दूल्हा-दुल्हन के लिए यूनिक मास्क की मांग की।
चोकसी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि जैसे ही लॉकडाउन हटा तो उनके एक ग्राहक जिनके घर पर शादी थी, हमारी दुकान में आएं और उन्होंने दूल्हे और दूल्हे के लिए अलग तरह के मास्क की मांग की। इसके बाद हमने अपने डिजाइनरों को मुखौटे बनाने का काम दिया, जिसे ग्राहकों ने बाद में खरीदा। इसके बाद हमने अलग-अलग कीमतों के मास्क बनाए। उन्होंने कहा कि इन मास्क को बनाने के लिए हमने सोने के साथ प्योर डायमंड और अमेरिकन डायमंड का इस्तेमाल किया है।
उन्होंने कहा कि मास्क बनाने के लिए अमेरिकी हीरे के साथ पीले सोने का इस्तेमाल किया गया है और इसकी कीमत 1.5 लाख है। एक अन्य मास्क जो सफेद सोने और रियल हीरे से बना है और इसकी कीमत 4 लाख रुपये है। दुकान के मालिक ने कहा कि इन मास्क को बनाने के लिए सरकार के दिशा निर्देश के अनुसार कपड़े का इस्तेमाल किया जाता है।
उन्होंने कहा कि इन मास्क से हीरे और सोने को ग्राहकों की इच्छा के अनुसार निकाला जा सकता है और इसका उपयोग अन्य आभूषणों को बनाने में किया जा सकता है।
जूलरी में आए एक ग्राहक देवांशी ने कहा कि मैं आभूषण खरीदने के लिए दुकान पर आई थी, क्योंकि परिवार में शादी है। फिर मैंने हीरे के मास्क देखे, जो मुझे ज्वैलरी की तुलना में ज्यादा अच्छे लगे। इसलिए, मैंने मास्क खरीदने का फैसला किया। मेरी मैचिंग ड्रेस के अनुसार।
हाल ही में, पुणे में शंकर कुराडे नाम के एक व्यक्ति ने खुद को कोविड-19 महामारी के बचानो के लिए 2.89 लाख रुपये के सोने का एक मास्क बनाया था।

पंचायत तंत्र- कोरोना वायरस से अभी पूरी दुनिया परेशान है. लेकिन इसी बीच एक और खतरनाक वायरस के सामने आने की पुष्टि हुई है. वैज्ञानिकों का कहा है कि इस वायरस से महामारी फैलने की संभावना ज्यादा है. फ्लू की वर्तमान वैक्सीन इस वायरस के खिलाफ मानव शरीर की रक्षा करने में सक्षम नहीं है. जानकारों के मुताबिक सुअरों में मिला यह वायरस इंसानों को संक्रमित करने की क्षमता रखता है ।
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इस वायरस का नाम G4 EA H1N1 दिया गया है. वैज्ञानिकों को डर सता रहा है कि यह वायरस और ज्यादा म्यूटेट होकर आसानी से एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकता है ।
इस नए वायरस G4 EA H1N1 के अंदर अपनी कोशिकाओं को कई गुना बढ़ाने की क्षमता है. वैज्ञानिकों को चीन के अधिकारियों से बात करनी पड़ी है. फ्लू की वर्तमान वैक्सीन इस वायरस के खिलाफ रक्षा करने में सक्षम नहीं है. प्रफेसर किन चो चांग ने कहा कि हम अभी कोरोना संकट में घिरे हुए हैं, लेकिन हम अभी संभावित खतरनाक वायरसों पर से अपनी नजर हटाने की कोशिश नहीं कर रहे हैं ।
जर्नल में रिसर्चर्ज़ ने ये भी कहा कि सुअरों में वायरस को नियंत्रित करने के उपाय और सुअर उद्योग के श्रमिकों की करीबी निगरानी को तेजी से लागू किया जाना चाहिए ।

पंचायत तंत्र- गुजरात के अहमदाबाद की एक फैक्ट्री में भीषण आग लग गई है. बुधवार दोपहर सांणद स्थित जीआईडीसी में भीषण आग लगी है. बताया जा रहा है कि आग यूनीचेर नामक कंपनी में लगी है, जो डायपर बनाने का काम करती है. मौके पर दमकल की 27 गाड़ियां पहुंच गई हैं और आग को बुझाने की कोशिश की जा रही है ।
इसके साथ ही आस-पास की कई फैक्ट्रियों को खाली करा लिया गया है. आग तेजी से बढ़ती जा रही है. साणंद के जीआईडीसी के उपर धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है. फिलहाल, किसी के हताहत की खबर नहीं, लेकिन लाखों रुपये के सामान जलकर खाक हो गए हैं ।

पंचायत तंत्र- मुंबई । देश के सर्वाधिक कोरोना प्रभावित राज्यों में शामिल महाराष्ट्र और गुजरात पर अब निसर्ग चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है. मौसम विभाग के अनुसार, यह समुद्री चक्रवात अगले 12 से 24 घंटे के भीतर मुंबई के तट से टकरा सकता है. इससे भारी बारिश के साथ तूफान का खतरा है ।
जानकारों के अनुसार, वर्ष 1882 के बाद पहली बार देश की व्यावसायिक राजधानी मुंबई पर समुद्री चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है. स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ, नेवी के अलावा बचाव कार्य के लिए अन्य एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया है. खतरे को भांपते हुए मुंबई महानगर पालिका ने चौपाटी पर खतरे के निशान के तौर पर लाल झंडे के निशान लगाए हैं ।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, चक्रवात ईस्ट-सेंट्रल अरब सागर के ऊपर 15 डिग्री उत्तर, पणजी (गोवा) के पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम में 280 किलोमीटर और गुजरात में दक्षिण-दक्षिण पश्चिम सूरत से 490 किमी दूर है. निसर्ग तूफान का असर दिखना शुरू हो गया है. महाराष्ट्र और गुजरात तटों पर अलर्ट जारी कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि 110 किलोमीटर प्रति घंटे की तरफ्तार के साथ यह तूफान तटों से टकराएगा ।
निसर्ग के खतरे को देखते हुए राज्य सरकारों के साथ केंद्र सरकार ने भी मोर्चा संभाल लिया है. सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए चर्चा करते हुए राज्य की तैयारियों का जायजा लिया ।

पंचायत तंत्र — चीन । जब से कोरोना वायरस दुनिया में कहर बरपा रहा है, तभी से चमगादड़ भी चर्चाओं में है. माना जा रहा था कि कोरोना चमगादड़ से इंसान में पहुंचा. लेकिन हैरानी की बात ये है कि जिस हार्स शू प्रजाति के चमगादड़ की वजह से कोरोना वायरस फैला, उस प्रजाति का चमगादड़ वुहान में पाया ही नहीं जाता. और ना ही वुहान के सी-फूड मार्केट में इसे खरीदा या बेचा जाता है. इतना ही नहीं, चमगादड़ का मांस या सूप भी वुहान के लोगों को कभी पसंद नहीं रहा. तो ऐसे में सवाल उठता है कि वुहान में चमगादड़ कहां से आया? चीन के दो वैज्ञानिकों ने खुद इस राज से भी पर्दा हटा दिया है ।
चीन के वुहान में मौजूद है इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी. यही वो लैब है, जहां चीन चमगादड़ समेत बाकी जानवरों पर शोध करता है. इसी वायरोलॉजी लैब में हॉर्स शू प्रजाति के चमगादड़ पर भी रिसर्च चल रहा था. दरअसल, 2002-2003 में इसी हॉर्स शू बैट नाम की प्रजाति के चमगादड़ से सार्स वायरस भी फैला था. लिहाजा चमगादड़ के वायरस पर रिसर्च के लिए अमेरिका ने इसी वायरोलॉजी लैब को 2015 में फंड का देने का फैसला किया. पिछले पांच सालों में अमेरिका वुहान की इस लैब को करीब 3.7 मिलियन डॉलर यानी लगभग 28 करोड़ रुपये दे चुका है ।
अब इसी लैब को लेकर दुनिया भर की आंखें टेढ़ी हैं. क्योंकि दुनिया ये मानती है कि कोरोना का कहर इसी लैब से बाहर निकला. हालांकि चीन शुरू से ये दावे कर रहा है कि कोरोना का वायरस वुहान की सी-फूड मार्केट से फैला. लेकिन सच्चाई क्या है, इस सच को भी जान लीजिए. साउथ चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के दो साइंटिस्ट बुताऊ जियाऊ और ली जियाऊ ने कोरोना के जन्म को लेकर अपनी एक रिसर्च रिपोर्ट तैयार की है ।
छह फरवरी को तैयार इस रिपोर्ट में इन दोनों चीनी साइंटिस्ट ने ये दावा किया है कि कोरोना वायरस वुहान के वायरोलॉजी लैब से ही लीक हुआ है, ना किसी फूड मार्केट से. रिपोर्ट में कहा गया है कि हॉर्स शू प्रजाति के चमगादड़ अमूमन गुफाओं या पेड़ों पर ही लटके पाये जाते हैं. आमतौर पर ये आबादी से बहुत दूर रहते हैं. वुहान शहर की आबादी लगभग डेढ़ करोड़ है. जबकि वुहान का सी फूड मार्केट बेहद घनी आबादी के बीच है. ऐसे में इस तरह के चमगादड़ों का इतनी घनी आबादी के बीच होना नामुमकिन है. तो फिर वुहान में चमगादड़ कहां से आए ।

पंचायत तंत्र – मुंबई । महाराष्ट्र के पालघर जिले से मॉब लिंचिंग की शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई थी. यहां करीब 200 लोगों की भीड़ ने 2 साधु और 1 ड्राइवर को पीट-पीट कर मार डाला था. घटना को लेकर विपक्ष, उद्धव सरकार पर लगातार हमलवार है. वहीं तीन लोगों की निर्मम हत्या पर महाराष्ट्र सरकार ने कार्रवाई करते हुए 101 लोगों को हिरासत में ले लिया है. इसकी जानकारी महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय ने दी ।
दरअसल, दो साधु और एक ड्राईवर को महाराष्ट्र के पालघर में बीते गुरुवार की देर रात करीब 200 लोगों ने मॉब लिंचिंग कर दी. पुलिस ने इस घटना पर बीते शुक्रवार को बताया कि तीन दिन में यह दूसरी ऐसी घटना है. पुलिस के मुताबिक, मॉब ने इको वैन में बैठे दोनों साधु और उनके ड्राईवर को चोर समझकर उनकी मॉब लिंचिंग कर दी. कासा थाना पुलिस के मुताबिक वैन नासिक से आ रही थी जब गुस्साई भीड़ ने दधाडी-खानवेल रोड पर गधचिंचाले गांव के नजदीक रोका ।
मॉब ने पहले वैन रोककर सवाल पूछे और उसके बाद खींचकर उनकी पिटाई शुरू कर दी. ड्राईवर किसी तरह पुलिस को कॉल किया और टीम मौके पर पहुंच गई. पुलिस के मुताबिक मॉब में काफी संख्या लोग थे और पुलिस ने साधुओं और ड्राईवर को बचाने की कोशिश की लेकिन मॉब ने पुलिस पर भी हमला किया और पत्थर फेंकने लगे. जिसका नतीजा ये हुआ कि तीनों ने पिटाई के चलते वहीं पर दम तोड़ दिया. मृतक की पहचान सुशील गिरी महाराज (35), चिकने महाराज कल्पवरुक्षगिरी और ड्राईवर नीलेश तेलगाडे के तौर पर हुई है ।

मुंबई। कोरोना वायरस का गहरा असर इंसानों के साथ-साथ शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है. बीएसई सेंसेक्स 1375 अंकों की गिरावट के साथ 28,440 अंकों पर पहुंचने से शेयर धारकों के 2.85 लाख करोड़ रुपए हवा हो गए. इसी तरह निफ्टी50 भी सोमवार की मार नहीं झेल पाया और 379.15 अंकों की गिरावट के साथ 8281.10 अंक तक पहुंच गया ।
कोरोना वायरस की वजह से न केवल भारत बल्कि वैश्विक बाजार में मंदी से लक्षण नजर आने लगा है, जिसका सीधा असर दुनिया के तमाम शेयर बाजार में देखने को मिल रहा है. जापान के निक्कई, चीन का शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग का हेनसेंग में 0.9-1.6 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली ।
यूरोपीय शेयर बाजार में नीचे पर रहा. फ्रांस के सीएसी, जर्मनी का डैक्स और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.4 से 1 पाइंट नीचे पर रहे. केवल आस्ट्रेलिया के बाजार में तेजी देखने को मिली, जहां आस्ट्रेलियन एएसएक्स 200 सरकार की नौकरियों को सुरक्षित रखने के लिए की गई 80 बिलियन डालर की घोषणा के बाद 7 प्रतिशत ऊपर पर बंद हुआ ।

सीरिया । सीरिया के इदलिब प्रांत में विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों में गुरुवार को हवाई हमले में 34 तुकीर् सैनिकों की मौत हो गयी। सीरियन ऑब्जवेर्टरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि इदलिब देहात क्षेत्र और बारा और बिलियन शहरों में रूसी और सीरिया के हवाई हमलों ने 34 तुर्की सैनिक मारे गये।
रुस के तुर्की पर विद्रोहियों को मोबाइल विमान रोधी लांचर उपलब्ध कराये जाने के आरोप के बाद गुरुवार को इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। विद्रोहियों ने विमान रोधी लांचर से रूसी युद्धक विमानों को निशाना बनाया ।
ऑब्जवेर्टरी ने कहा कि पूर्वी इदलिब देहात क्षेत्र में सरायकेब शहर के आसपास भी लड़ाई जारी है। तुकीर् समर्थित विद्रोहियों ने सरायकेब पर कब्जा कर लिया और दमिश्क को अलेप्पो से जोड़ने वाले एम 5 राजमार्ग को काट दिया।
इदलिब में दो महीने तक चलने वाले सीरियाई अभियान का उद्देश्य राजमार्ग की सुरक्षा करना था। इस सप्ताह की शुरुआत में सीरियाई सेना ने राजमार्ग को सुरक्षित करने की घोषणा की। स्थानीय रिपोर्टरों ने कहा कि रूसी समर्थित सेना एम 5 राजमार्ग को फिर से खोलने के लिए जवाबी कार्यवाही कर रही है।