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panchayattantra24.com,जगदलपुर। जिला कांकेर की ग्राम आलदण्ड में स्थापित की गई नक्सल कैडर सोमजी की मूर्ति नही तोड़ी जाएगी. यह फैसला पुलिस ने लिया है, क्योंकि सोमजी का स्मारक हिंसा एवं नकारात्मक विचारों के परिणाम दुखद एवं दर्दनाक होने का संदेश माओवादी कैडर को देते रहेगा. इस दुखद परिणाम को देखकर वो हिंसा का रास्ता छोड़ सके और समाज की मुख्यधारा में जुड़ सके। 
दरअसल, 18 फरवरी 2021 को जिला कांकेर के आमाबेड़ा थाना क्षेत्र के चुकलापाल के पास सुरक्षाबल को क्षति पहुंचाने की नीयत से माओवादी के उत्तर बस्तर डिवीजन के कमेटी सदस्य सोमजी उर्फ सहदेव वेदड़ा द्वारा आईईडी लगाया जा रहा था. उसी दौरान आईईडी विस्फोट हो गया. इसकी चपेट में आकर सोमजी का चिथड़े उड़ गए. मौके पर ही उसकी दर्दनाक मौत हो गई। 
घटना के बाद सोमजी उर्फ सहदेव वेदड़ा की गृह ग्राम आलदण्ड थाना छोटे बेठिया जिला कांकेर में उनकी मूर्ति स्थापित करने के संबंध में परिजन एवं स्थानीय पुलिस से ग्रामीणों द्वारा संपर्क की गई. परिजन एवं ग्रामीणों द्वारा अवगत कराया गया कि सोमजी का घर का नाम मनीराम है, इसका बचपन गांव के अन्य बच्चों जैसे खेलते-कूदते एवं पढ़ते बीता है. इस दौरान वर्ष 2004 में उत्तर बस्तर डिवीजन के सीपीआई माओवादी कैडर सुजाता, ललिता एवं रामधेर द्वारा 14 साल की उम्र में जबरन उनको माओवादी संगठन में भर्ती कर दिया और उसके हाथ में बंदूक थमा दिया गया। 
आंध्रप्रदेश, तेलंगाना एवं महाराष्ट्र की बाहरी माओवादी कैडर की साजिश की चाल में फंसकर मनीराम वेदड़ा, सोमजी का स्वरूप लेकर विगत 17 वर्षों से खुद अपनी आदिवासी समाज की भक्षक बनकर कई निर्दोष आदिवासी ग्रामीणों की हत्या करना, आगजनी, तोड़फोड़ एवं अन्य विनाशकारी गतिविधियों में शामिल रहा. परिजन एवं ग्रामीणों के लोगों द्वारा हिंसा छोड़कर घर वापस आने के लिए कई बार गुहार लगाया. इसके बाद भी बाहरी माओवादी कैडर के चंगुल में फंसे हुए नक्सल कैडर सोमजी लगातार नकारात्मक एवं हिंसात्मक कार्यों में लगा रहा. अंत में खुद हिंसा का शिकार होकर 18 फरवरी 2021 को दर्दनाक मौत हो गई। 
ग्राम आलदण्ड में परिजन एवं ग्रामीण द्वारा स्थापित की गई सोमजी की मूर्ति क्षेत्र की जनता को हमेशा बाहरी माओवादी नेतृत्व की स्थानीय आदिवासी युवा एवं युवतियों की विरूद्ध रचे जा रही साजिश को याद दिलाएगा. साथ ही हिंसात्मक विचारों के परिणाम दर्दनाक एवं दुखद होने का संदेश भी समाज को देता रहेगा। 
बस्तर आईजी सुन्दरराज पी. द्वारा बताया गया कि ग्राम आलदण्ड में स्थापित की गई सोमजी उर्फ मनीराम की मूर्ति को ध्वस्त नहीं किया जाएगा. उस स्थान को हिंसा एवं नकारात्मक विचार के विरूद्ध सीख लेने की पाठशाला के रूप में प्रचारित की जाएगी। 
 

 
 panchayattantra24.com,जगदलपुर। बस्तर में नक्सलियों ने भारत बंद के आह्वान से ठीक पहले यात्री ट्रेन पर हमला कर दिया था. इस हमले से रेल प्रबंधन दबाव में हैं. रेल प्रबंधन ने आनन-फानन में अगले 1 महीने के लिए किरंदुल स्टेशन के लिए जाने वाली यात्री ट्रेनों को स्थगित कर दिया है. अब जगदलपुर से विशाखापट्टनम ही ये ट्रेन चलाई जाएंगी। 
मुख्य रूप से किरंदुल एक्सप्रेस ट्रेन किरंदुल से विशाखापट्टनम के बीच चलाई जा रही थी. इससे यात्रियों को राहत मिली थी. बड़ी संख्या में लोग ट्रेन का इस्तेमाल करते थे. कोरोना संक्रमण के बीच ये ट्रेन सुविधा आंशिक तौर पर बाधित हुई थी, लेकिन दोबारा इसे शुरू किया गया था। 
कई अन्य ट्रेनें भी अब तक बस्तर के लिए शुरू नहीं की गई है, जिससे यात्रियों को मुश्किलें पेश आ रही हैं. कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होने के साथ लोग उम्मीद कर रहे थे कि यात्री ट्रेनें फिर से शुरू की जाएंगी, लेकिन 1 साल से बस्तर में अधिकांश यात्री ट्रेनों की आवाजाही बाधित है. ऐसे में नक्सलियों की हमले ने यात्रियों के लिए मुसीबत और बढ़ा दी है। 
छत्तीसगढ़ के बस्तर के साथ ही झारखंड के सोनुआ, लोतापहर इलाके में भी नक्सलियों ने रेलवे ट्रैक हावड़ा मुंबई मेन लाइन को विस्फोट कर उड़ा दिया था, जिससे कई ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हुआ है. नक्सलियों का रेलवे ट्रैक पर आक्रामक होना यात्रियों के साथ-साथ सरकार के लिए भी चिंता का विषय है। 
 

 
panchayattantra24.com,रायपुर। जनसंपर्क कार्यालय के असिस्टेंट डायरेक्टर छेदीलाल तिवारी का सोमवार रात एक निजी अस्पताल में निधन हो गया. वे कोरोना संक्रमित पाये गए थे. इलाज के लिए उन्हें कोटा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 
इस दौरान वे जनसंपर्क कार्यालय के अपने सहयोगियों के संपर्क में रहे. सहयोगी लगातार डॉक्टर के संपर्क में रहकर उनके लिए प्रयास करते रहे. अन्य साथियों ने भी अपने अपने स्तर पर प्रयास किए. लेकिन होनी को कोई रोक नहीं सका। 
उनके साथ काम करने वाले साथी बताते है कि छेदीलाल तिवारी का हंसमुख चेहरा, क़िस्सा सुनाने की उनकी शैली बार बार याद आती रहेगी. अपने काम के प्रति समर्पित थे. मासिक बैठक में हमेशा सबसे ज़्यादा समाचार उन्ही के होते थे। 
 
 

 
 
panchayattantra24.com,जगदलपुर। कोरोना के संक्रमण से जहाँ पूरा विश्व भयभीत है, वहीं इस विपदा की घड़ी में स्वच्छता कर्मियों ने अपना दायित्व पूरी निष्ठा के साथ निभाकर नगर को आपदा से बचाने के कार्य मे जी जान से जुटी हुई हैं।
कोरोना के संक्रमण को देखते हुए लगाए गए  लॉकडाउन में सब अपने घरों में घिर गए है परंतु ऐसे समय में नगर की सफाई का दायित्व स्वच्छता कर्मियों ने बखूबी निभाया है ।वे सामान्य दिनों के समान लॉक डाऊन की अवधि में भी अपने कर्तव्य के प्रति समर्पित हो कर प्रतिदिन नागरिकों के घर-घर दस्तक दे रही हैं और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन कर कर रही हैं। इसके साथ ही सड़कों की साफ-सफाई और घरों से उठाए गए कचरे के प्रबंधन के कार्य को भी अंजाम दे रही हैं। पूरे शहर की साफ-सफाई के लिए प्रतिबद्ध होकर वे कोविड-19 की इस विषम परिस्थितियों में समर्पित भाव से अपनी सेवाएं दे रही हैं। जगदलपुर नगर निगम अंतर्गत 48 वार्डों में 663 स्वच्छता कर्मियों द्वारा जगदलपुर शहर की साफ-सफाई का कार्य किया जा रहा है।
जहाँ कोरोना के प्रकरण सामने आते हैं, वहाँ सबसे अधिक भय का वातावरण निर्मित होता है, वहां भी निगम का स्वच्छता दल ही क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सेनेटाइज करने का कार्य किया जा रहा है। सेनेटाईजर के लिए समर्पित एक दल कार्यालयों तथा होम आईसोलेशन में रह रहे मरीजों के घरों को सेनेटाईज करने का कार्य कर रही है। इसके अलावा 48 वार्ड में दवाई छिड़काव मशीन (नीला बक्सा) भी प्रदाय किया गया है। आॅफिस कोरोना के बढ़ते प्रकरण को देखते हुए शहर के जागरूक पार्षद द्वारा भी मोहल्लों में सेनेटाईज करने के लिए स्वयं निगम के स्वच्छता कर्मियों की सेवाएं ले रहे हैं।
इसके साथ ही निगम के अमले द्वारा कोरोना संक्रमित व्यक्ति के शव का अंतिम क्रियाकर्म भी परम्पराओं के अनुसार पूरे सम्मान के साथ कर समाज को महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। कोरोना वायरस ने ऐसी परिस्थिति निर्मित कर दी है कि कोरोना मरीज की यदि मृत्यु हो गई तो उसे प्रोटोकॉल के आधार पर ही अंतिम संस्कार किया जा रहा है। इस कार्य के लिए निगम के कर्मचारियों का सहयोग स्वास्थ्य विभाग, राजस्व- पुलिस विभाग और जिला रेडक्रास सोसायटी के द्वारा किया जा रहा है। कई बार परिवार के सदस्य उपस्थित नहीं होने की दशा में निगम के कर्मचारी के द्वारा ही मुखाग्नि दी जा रही है।
निगम जगदलपुर द्वारा इस लॉकडाऊन अवधि में शहर के नागरिकों को रोजमर्रा की आवश्यक सामग्रियों की आवश्यकता की पूर्ति के लिए राशन, किराना,फल, दवाई दुकानों से संपर्क कर उन व्यापारियों का संपर्क नम्बर वार्डवार साझा किया गया है ताकि लोंग जरूरत के सामानों के लिए शहर में इधर-उधर भटकना नहीं पड़े और लॉकडाऊन के नियम का उल्लंघन नहीं हो। साथ ही कालाबाजारी और मुनाफाखोरी रोकने के लिए भी सम्पर्क नम्बर जारी किया गया है। मुनाफाखोरी को नियंत्रण हेतु निगम द्वारा हरी सब्जी और फलों की दर प्रतिदिन निर्धारित किया गया है।इसका प्रचार- प्रसार के लिए सोशल मीडिया का उपयोग किया जा रहा है।
कोरोना की इस विकराल परिस्थिति से भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए कोरोना टीकाकरण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है। इसके लिए नगर निगम के वार्ड स्तरीय कोरोना दल के द्वारा घर-घर जाकर कोरोना टीका का सर्वे कर जानकारी इकट्ठा किया जा रहा है कि हेल्थ केयर वर्कर, फ्रंट लाईन वर्कर और 45 वर्ष पूर्ण कर चूके कितने लोगों ने अब तक कोरोना टीका लगाया है। जो लोग कोरोना टीका लगाने के लिये पात्र हैं लेकिन अभी तक टीका नहीं लगाये हैं उन्हे तत्काल टीका लगाने हेतु प्रेरित किया जा रहा है।
 

panchayattantra24.com,सुकमा\जगदलपुर। तीन कृषि कानून के विरोध में नक्सलियों ने आज भारत बंद का ऐलान किया है. भारत बंद को सफल बनाने नक्सलियों ने जमकर उत्पात मचाया. सुकमा, दंतेवाड़ा जिले में नक्सलियों ने कही वाहनों को आग लगाई तो कहीं पर सड़क काट दी. नक्सलियों ने बंद को सफल बनाने पिछले 10 दिनों छुटपुट घटनाओ को अंजाम दे रहे हैं। 
वहीं सुकमा में एनएच 30 पर आगजनी कर दी. जिसके कारण कोण्टा व दोरनापाल में वाहनों का जाम लग गया. कोण्टा सीमा पर सैकड़ों ट्रक रात से खड़ी है. वहीं कोण्टा में 3 एर्राबोर में 1 व दोरनापाल में 2 यात्री बसे भी फंसी हुई है. जिसमें सैकड़ों यात्री रातभर भूखे रहे. रास्ता क्लियर होने के बाद ही वाहनों को रवाना किया जाएगा। 
जानकारी के मुताबिक, नक्सलियों ने नेशनल हाइवे-30 पेंटा ग्राम के पास नक्सलियों ने मार्ग जाम किया है. पेंटा पुल के पास साइड डिवाइडर को लगा दिया है. वहीं कुछ दूरी पर पेड़ गिराने की भी खबर है। 
 

 
panchayattantra24.com,जगदलपुर।  एक तरफ सरकार कोरोना का संक्रमण का फैलने से रोकने के लिए रोज नए गाइडलाइन तैयार कर रही है. वहीं दूसरी तरफ इन सरकार और ICMR जैसी संस्थाओं की गाइडलाइन का खुले आम सरकारी अधिकारी ही धज्जियां उड़ा रहे हैं. ऐसा ही एक मामला बस्तर में भी देखने को मिला है. पद संभालने की लालच में अधिकारी कोरोना पॉजिटिव में कार्यालय पहुंच गए। 
दरअसल, जगदलपुर सीएमएचओ आरके चतुर्वेदी को हटाने जिला प्रशासन ने आदेश जारी किया गया था.  इसकी जिम्मेदारी जीपी शर्मा को सौंपा दिया गया, लेकिन जीपी शर्मा कोरोना पॉजिटिव होकर होम आइसोलेशन पर थे. जैसे प्रशासन ने आदेश जारी किया. उन्होंने कोविड के होम क्वॉरंटाइन नियमों को दरकिनार करते हुए 9वें दिन ही पद संभालने कार्यालय पहुंच गए। 
कार्यालय पहुंचे नए सीएमएचओ
शनिवार को उन्होंने बस्तर सीएमएचओ के रूप में पदभार ग्रहण किया है. ऐसे में अब विभागीय कर्मचारियों के साथ बाकी लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. ICMR  की गाइडलाइन के मुताबिक होम क्वॉरंटाइन में रह रहे मरीज को कम से कम 17 दिन तक आइसोलेट रहना जरूरी है. यह नियम बीच में रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद भी जारी रहती है. इस बीच वह बाहर निकलता है तो उसके उपर महामारी अधिनियम के तहत कार्रवाई हो सकती है। 
कार्यालय में संक्रमण का खतरा बढ़ा
अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. क्योंकि कोरोना संक्रमित होने के आठ दिन बाद ही नव नियुक्त सीएमएचओ अपना पदभार ग्रहण करने कार्यालय पहुंच गए हैं. ऐसे में कार्यालय के कर्मचारियों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. यह खतरा यहीं नहीं थम रहा बल्कि कोविड के लिए एक्शन प्लान तैयार करने के जिलेभर के स्वास्थ्य अधिकारियों, कलेक्टर व अन्य विभाग के अधिकारियों की बैठक में बतौर स्वास्थ्य प्रमुख शामिल होंगे. ऐसे में इन सभी में भी संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ गया है। 
महामारी एक्ट के तहत नहीं हुई कार्रवाई
राज्य सरकार द्वारा जो गाइडलाइन जारी की है. उसके मुताबिक प्रत्येक कोरोना संकमित मरीज जो होम आइसोलेशन पर हैं, उन्हें कम से कम 17 दिन क्वारंटाइन रहना है. पिछले आदेश में दिनों की संख्या 14 थी. इस बीच वह बाहर नहीं निकल सकता था. अगर वह इस नियम का उल्लंघन करता है तो उसके उपर महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई हो सकती है, लेकिन अधिकारी सरकार के आदेश को ही दरकिनार कर रहे हैं। 
पिछले एक साल में कई ऐसे मामले हैं, जब कोविड नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ मामले बनाए गए, लेकिन यही गलती एक अधिकारी द्वारा किए जाने पर प्रशासन मौन हैं. ऐसे में फिर से आम व्यक्ति और शासकीय अधिकारी में फर्क पैदा हो गया है। 
इस संबंध में सीएमएचओ जीपी शर्मा का कहना है कि वो 12 अप्रैल को अपना सैंपल दिए थे, जिसके बाद 15 अप्रैल को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी. इसके बाद से वे होम आइसोलेशन पर चल रहे थे. 23 मार्च को कोरोना की फिर से जांच कराई. रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद नई जिम्मेदारी संभालने पहुंचे थे. इस बीच जिला प्रशासन के आला अधिकारियों का मार्गदर्शन भी लिया गया है। 
देखिए आदेश की कॉपी-
 

panchayattantra24.com,कांकेर। धुर नक्सल प्रभावित कामतेड़ा में शनिवार को बीएसएफ कैम्प में नक्सलियों ने फायरिंग कर दी. दोनों ओर से बहुत देर तक गोलीबारी हुई. इसके बाद नक्सली भाग खड़े हुए. इसमें किसी भी जवान के हताहत की सूचना नहीं है. वहीं नक्सलियों को हुई क्षति की जानकारी के लिए सर्चिंग की गई। 
बस्तर आईजी सुदंरराज पी ने बताया कि 24 अप्रैल को रात लगभग 8.30 बजे जिला कांकेर के थाना कोयलीबेड़ा अंतर्गत बीएसएफ कैम्प कामतेड़ा के पास नदी के किनारे से माओवादियों द्वारा फायरिंग की गई. कैम्प में सतर्क BSF एवं DRG जवानों द्वारा तत्काल जवाबी कार्यवाही करते हुए फायरिंग की गई. लगभग 30 मिनट चली फायरिंग के बाद माओवादी अंधेरे एवं जंगल का फायदा उठाकर भाग गए. कैम्प के सभी जवान सुरक्षित हैं. माओवादियों को हुई क्षति के संबंध में जानकारी लेने के लिए आसपास के इलाके में सर्चिंग की जा रही है। 
 

 पंचायत तंत्र – रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज नारायणपुर के केरलापाल गौठान का निरीक्षण किया। इस अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री गुरू रूद्र कुमार, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, लोकसभा सांसद दीपक बैज, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष और विधायक चंदन कश्यप सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। 
मुख्यमंत्री के गौठान पहुंचने पर ग्रामीणों ने खुमरी पहनाकर उनका स्वागत किया। श्री बघेल ने गौठान में महिला समूहों द्वारा वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन तथा समूहों द्वारा की जा रही आयमूलक कार्याें की जानकारी ली और महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों की जानकारी ली।

 पंचायत तंत्र – उत्तर बस्तर कांकेर। शासकीय पाॅलीटेक्निक कांकेर में डिप्लोमा इंजीनियरिंग कोर्स में प्रथम वर्ष एवं लेटरल एंट्री द्वारा द्वितीय वर्ष के रिक्त सीटो में प्रवेश हेतु संस्था स्तरीय कांउसलिंग के तृतीय चरण के लिए आनलाइन रजिस्ट्रेसन की प्रक्रिया 26 एवं 27 दिसंबर 2020 को की जाएगी। संस्था स्तर पर सीटों का आबंटन 30 दिसंबर को किया जायेगा। संस्था स्तर पर सीटो के आबंटन हेतु आवेदको को 30 दिसंबर प्रातः 11 बजे शासकीय पाॅलीटेक्निक कॉलेज कांकेर में उपस्थित होना अनिवार्य है। आबंटित सीट पर प्रवेश लेने की प्रक्रिया 30 एवं 31 दिसंबर को की जाएगी। वर्तमान में शासकीय पाॅलीटेक्निक कांकेर में मेकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग एंव इलेक्ट्रानिक्स एण्ड टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग के डिप्लोमा इंजीनियरिंग कोर्स संचालित है। अधिक जानकारी के लिए संचालनालय तकनीकी शिक्षा रायपुर छत्तीसगढ़ के वेबसाइट www.cgdteraipur.cgstate.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है। संस्था स्तरीय प्रवेश संबंधी जानकारी हेतु प्रवेश प्रभारी (7000498599) एवं उप प्रवेश प्रभारी (9669605589) से संम्पर्क किया जा सकता है।

 पंचायत तंत्र – जगदलपुर।  मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से बच्चे लाभान्वित होकर सुपोषित हो रहे है। कुपोषित बच्चें और एनीमिया पीड़ित महिलाएं अधिकांशतः आदिवासी और दूरस्थ वनांचलों के निवासी रहे है। राज्य सरकार ने इसे चुनौती के रूप में लेते हुए 02 अक्टूबर 2019 को महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की गई है। इस अभियान में प्रदेश को कुपोषण और एनीमिया से मुक्त करने की रणनीति तैयार की गई है।
 योजना शुरू होने के समय वजन त्यौहार के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में लगभग 4 लाख 92 हजार बच्चे कुपोषित थे। इनमें से 67 हजार से अधिक बच्चे अब कुपोषण मुक्त हो गए हैं इस तरह कुपोषित बच्चों की संख्या में लगभग 13.79 प्रतिशत की कमी आयी है। योजनान्तर्गत प्रदेश के 51 हजार 455 आंगनबाड़ी केंद्रों के लगभग 25 लाख हितग्राहियों को घर-घर जाकर रेडी-टू-ईट का वितरण किया गया। लॉकडाउन के दौरान 2.84 लाख बच्चों एवं महिलाओं को सूखा राशन (चावंल, दाल, सब्जी) एवं 2.36 लाख बच्चों एवं महिलाओं को पौष्टिक आहार का वितरण किया गया। एनीमिया प्रभावितों को आयरन, फोलिक एसिड, कृमि नाशक गोलियां दी जाती है।
 विकासखंड बकावंड के ग्राम भेजरीपदर निवासी श्रीमती गीता और श्री किरण कुमार के घर 04 नवम्बर 2020 को खुशी का माहौल था क्योंकि इस दिन उनके घर पहले बच्चे दिपेश कुमार का जन्म हुआ था। महारानी अस्पताल जगदलपुर में प्रसव हुआ, जन्म के समय दिपेश का वजन 1.700 कि. ग्रा था जिसके कारण दिपेश को गंभीर कुपोषित बच्चा माना गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा सतत् गृह भेंट एवं समझाइश से जच्चा-बच्चा के विशेष देखभाल से दोनों धीरे धीरे स्वस्थ्य होने लगे। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत आंगनबाड़ी केन्द्र भेजरीपदर से दिपेश कुमार की मां को सूखा राशन दिया जाने लगा। सुखा राशन में शामिल दाल, चावल, आटा, दलिया और रागी के साथ-साथ अंडा एवं मूंगफली गुड़ के लड्डू दिए गए। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के लगातार गृहभेट एवं परिवार द्वारा जच्चा-बच्चा के देखभाल के फलस्वरूप ढाई महीने पश्चात बच्चा सामान्य श्रेणी मे हैं। आज की स्थिति में दिपेश कुमार का वजन लगभग 4 किलोग्राम है।