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panchayattantra24.com-बलरामपुर। जिले के चनान नदी में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। गोताखोर की टीम ने तीनों बच्चों का शव बरामद किया है। जानकारी के अनुसार मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव का है। बताया जा है कि तीनों बच्चे नवाडीह गांव नहाने के लिए नदी गए थे। वहीं नदी के तेज बहाव में तीनों बच्चे एक-एक कर बह गए।
बताया जा रहा है कि एक दूसरे को बचाने के चक्कर में तीनों मासूम डूब गए। नदी में तीन बच्चों के डूबने की सूचना पाकर मौके पर पहुंची गोताखोर की टीम ने तलाशी अभियान शुरू किया। वहीं एक-एक कर तीनों की लाश बरामद किया। मौत की से गांव में मातम पसर गया।

panchayattantra24.com,जगदलपुर। कोरोना के घटते मामलों के साथ बस्तर जिला प्रशासन ने शनिवार को पूर्ण लॉकडाउन के साथ अन्य दिनों में छूट प्रदान की गई है. कलेक्टर रजत बंसल द्वारा जारी नए आदेश में तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठानों को रात 8 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई है, वहीं होटलों और रेस्टॉरेंट से रात 10 बजे तक पार्सल की सुविधा रहेगी. ग्राम पंचायतों में साप्ताहिक हाट-बाजार को कोविड-19 के नियम के पालन के साथ खोलने की अनुमति प्रदान की गई है. लेकिन पर्यटन स्थल अभी भी बंद रहेंगे।



panchayattantra24.com, बीजापुर। बस्तर में हर साल अरबों रुपए का तेंदूपत्ता उत्पादन होता है. वनोपज के रूप में तेंदूपत्ता आदिवासियों को सर्वाधिक रोजगार एवं आर्थिक रूप से सक्षम बनाता है. लेकिन इस साल मौसम के चलते खरीदी में कमी आने की आशंका है. फड में रखे हरे सोने में दाग लग चुके हैं।
दरअसल, प्रत्येक वर्ष मार्च अप्रैल माह में तेंदू के छोटे छोटे पौधों में नये पत्ते लगने प्रारंभ हो जाते हैं. ग्रामीण अपने परिवार सहित इन तेंदू के पौधों से पत्तों की तोड़ाई करते हैं. इन पत्तों की गडिड्यां बनाकर इन्हें धूप में सुखाया जाता है. इस साल से तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रति मानक बोरा 4000 की मजदूरी मिलेगी।
517 फड़ में तेंदूपत्ता संग्रहण
बीजापुर ज़िले में कुल 28 समतियों के 517 फड़ो में तेंदूपत्ता की खरीदी की जा रही है. जिले में कुल 54000 लाभार्थी है. जिले में साल 2020 में 82000 मानक बोरी की खरीदी हुई थी।
वहीं इस साल 80500 मानक बोरी का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 50 प्रतिशत, 40000 मानक बोरियों की खरीदी की जा चुकी है. बिगड़ते मौसम की वजह से पत्तियों में काले दाग और पत्तियां सड़ने भी लगे हैं. आंधी तूफान के कारण सुखाये हुए पत्ते के बंडल भी उड़ चुके है, जिससे बहुत नुकसान हुआ है. अनुमान लगाया जा रहा है की इस साल तेंदूपत्ता संग्रहण में कमी आएगी।

panchayattantra24.com,बस्तर। जगदलपुर में कोरोना वैक्सीन की नई खेप पहुंचने के बाद रविवार को टीकाकरण में तेजी देखी गई. जगदलपुर शहर में टीकाकरण के लिए 6 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं. हर दिन प्रत्येक टीकाकरण केंद्र में औसतन 100 से 150 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
बस्तर पहुंची कोरोना वैक्सीन
बता दें कि शनिवार देर शाम रायपुर से 7700 टीका जगदलपुर पहुंचे, हालांकि जिस मात्रा में टीके राजधानी से यहां पहुंचे हैं. इस हिसाब से यह स्टॉक भी 3 से 4 दिन में समाप्त हो जाएगा. वहीं टीकाकरण के लिए स्थानीय प्रशासन ने सीजी टीका एप का उपयोग शुरू कर दिया है।
टीकाकरण केंद्र का चयन कर रजिस्ट्रेशन
इसके पहले बीपीएल-एपीएल और अंत्योदय के लिए निर्धारित आरक्षण के आधार पर टीका लगाया जा रहा था. अब सीजी टीका एप में टीकाकरण केंद्र का चयन कर खुद पंजीकृत कर सकते हैं. टीका लगवाया जा सकेगा. पूर्व में निर्धारित आरक्षण को खत्म कर दिया गया है।
वहीं कई हितग्राही टीका एप में पंजीयन कराने हेल्प डेस्क भी केंद्र भी पहुंच रहें हैं. केंद्रों में भीड़ का सामना करना पड़ रहा है. शहर में एप के माध्यम से सिर्फ एक ही केंद्र दिख रहा है, जिससे हितग्राहियों में नाराजगी भी देखने को मिली है. इस संबंध में महापौर का कहना है कि कुछ तकनीकी कारणों से एप में थोड़ी समस्या आ रही है. बहुत जल्द ही इस समस्या को सुधारा जाएगा।

panchayattantra24.com,छत्तीसगढ़। नारायणपुर जिले के उपस्वास्थ्य केंद्र नेलवाड़ में टीकाकरण के काम में लगी एएनएम कोरोना से संक्रमित हो गई हैं. वह आठ महीने की गर्भवती हैं।
जानकारी के मुताबिक नारायणपुर में पदस्थ उक्त एएनएम की दो दिन पहले कोरोना रिपोर्ट पॉजीटिव आई है. उक्त एएनएम का नाम पुनई सोरी बताया जा रहा है।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उक्त स्वास्थ्य कर्मी के संक्रमित होने के बाद उनके पति भी कोरोना संक्रमित हो गए हैं. बता दें कि कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि स्वयं एएनएम पुनई सोरी ने की है. फिलहाल पति-पत्नी दोनों होम आइसोलेशन में हैं।
एक गर्भवती नर्स की हो चुकी है मौत
स्वास्थ्य विभाग की ऐसी ही एक लापरवाही की वजह से पिछले दिनों बेमेतरा में गर्भवती महिला की मौत का मामला सामने आ चुका है. बावजूद इसके उक्त नर्स को विभाग ने मेटरनिटी लीव पर नहीं भेजा. जिसका नतीजा ये हुआ कि वह कोरोना संक्रित हो गई है. बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी भया वह होती जा रही है. नारायणपुर जिले में इसका असर देखने को मिल रहा है।
जाने कोरोना से किस जिले में कितने मरीज हुए ठीक
प्रदेश में कोरोना संक्रमण की शुरुआत के बाद से रायपुर जिले में सर्वाधिक एक लाख 35 हजार 358 लोगों ने कोरोना को मात दी है. वहीं दुर्ग जिले में 84 हजार 799, बिलासपुर में 50 हजार 208, राजनांदगांव में 45 हजार 956, रायगढ़ में 38 हजार 697, कोरबा में 37 हजार 133, जांजगीर-चांपा में 35 हजार 818, बलौदाबाजार-भाटापारा में 28 हजार 788 और महासमुंद में 21 हजार 010 लोग कोविड-19 से स्वस्थ हो चुके हैं।
सरगुजा जिले में अब तक 19 हजार 738, बालोद में 19 हजार 099, धमतरी में 17 हजार 862, बेमेतरा में 15 हजार 155, कबीरधाम में 14 हजार 813, सूरजपुर में 14 हजार 731, कांकेर में 14 हजार 292, बस्तर में 13 हजार 813, गरियाबंद में 13 हजार 670, जशपुर में 13 हजार 349, कोरिया में 12 हजार 482, मुंगेली में 12 हजार 185, बलरामपुर-रामानुजगंज में 9105, कोंडागांव में 8060, दंतेवाड़ा में 7650, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 5143, बीजापुर में 4687, सुकमा में 4654 और नारायणपुर में 2333 कोरोना संक्रमित ठीक हो चुके हैं।

panchayattantra24.com,कांकेर/ कवर्धा। बस्तर के नक्सल इलाकों में जवान तैनात हैं. ऐसे में पिछले 17 दिनों में 2 जवान लापता हो गए हैं, लेकिन पुलिस को अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. जबकि इस मामले में प्रदेश के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू भी संज्ञान ले चुके हैं. उन्होंने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल पतासाजी करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं. परिजनों का हाल बेहाल है ।
आखिर कहां लापता हो गए 2 जवान
दरअसल, पिछली 28 अप्रैल को थाने से घर जाने की बात कहकर आरक्षक मनोज नेताम निकला था, लेकिन आज 10 वां दिन है. न तो अपने घर पहुंचा और न ही उसका कोई सुराग कांकेर जिले की पुलिस को मिला है. कांकेर जिला पुलिस आज तक अपने सिपाही की तलाश में हाथ पैर मार रही है, लेकिन एक सुराग तक नहीं मिल रहा है. लापता आरक्षक को नक्सलियों ने अगवा किया या कोई अन्य मामला है, इस बात की तह तक कांकेर जिले की पुलिस अब तक नहीं पहुंच सकी है ।
आज भी पुलिस के हाथ खाली
हालांकि अनुविभागीय अधिकारी पुलिस भानुप्रतापपुर अमोलक सिंह ढिल्लों का कहना है कि इस पूरी घटना में नक्सली संलिप्तता नहीं दिखाई दे रही है, इसलिए पुलिस भी यह मानकर चल रही है कि आपसी रंजिश का मामला हो सकता है. हालांकि घटनास्थल जहां से पुलिस को लापता आरक्षक की मोटरसाइकिल मिली थी, उसके आसपास का पूरा क्षेत्र पुलिस ने तलाशी की है, संभावित गांव की तलाशी ली जा चुकी है. कांकेर जिले की पुलिस के साथ सीमावर्ती राजनांदगांव जिले के मानपुर थाना की पुलिस भी आरक्षक की खोज में लगी है ।
आरक्षक की पत्नी ने की हाथ जोड़कर अपील
आरक्षक की पत्नी ने कहा है कि अगर किसी ने मेरे पति को अगवा कर लिया है, तो वे उसे छोड़ दें. मेरे छोटे बच्चे हैं, मेरे ससुर देख नहीं सकते. पूरे घर की जिम्मेदारी मेरे पति पर है. किसी भी हाल में मेरे पति को छोड़ दें, उन्होंने एक मार्मिक अपील की है. 10 दिनों तक पुलिस के हाथ खाली रहना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, सबसे बड़ा सवाल तो पुलिस की इंटेलीजेंस पर हैं जो इस बार पूरी तरह फेल दिखाई दे रही है ।
CAF कैंप का ASI लापता 21 दिन से लापता
वहीं कवर्धा के घोर नक्सल प्रभावित इलाका पंडरीपानी से CAF कैंप का ASI लापता हो गया है. जवान 21 अप्रैल को लापता हुआ है. आज 17 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस गुमशुदा जवान का कोई सुराग नहीं लगा पाई है ।
एसपी शलभ सिन्हा के मुताबिक कृषटोफर लकड़ा लापता 21 की शाम पंडरीपानी कैंप से गायब हुआ है. पंडरीपानी जंगल घोर नक्सली सवेदनशील इलाका है. पंडरीपानी प्रभारी ने रेंगाखार थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है. SP शलभ सिन्हा ने बताया कि कई दिन से मानसिक स्थिति उनकी ठीक नहीं थी. उनको भूत दिख रहे थे, इसी को लेकर वह कैंप से भाग गए हैं ।
जवान की लगातार तलाश जारी
एसपी शलभ सिन्हा ने कहा कि आसपास के गांव से जानकारी मिली है कि जंगल की ओर अकेले गए हैं. रेंगाखार पुलिस और सीएएफ की टीम लगातार तलाश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है. रेंगाखर थाना क्षेत्र के पंडरीपानी जंगल की घटना है. घोर नक्सल क्षेत्र होने के कारण कई तरह कि अटकलें लगाई जा रही है. फिलहाल मामले में ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है. जवान की लगातार तलाश कर रहे हैं ।

panchayattantra24.com,जगदलपुर। छत्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश में कोरोना के नए वैरियंट मिलने के बाद सीमाओं पर पहरा बिठा दिया गया है. जिले की सभी सीमाएं जहां से लोग आंध्र प्रदेश के रास्ते बस्तर में प्रवेश करते हैं, उन सीमाओं पर जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम को तैनात कर दिया गया है. दो दिन पहले कुछ मजदूरों के बिना टेस्ट कराए जाने पर सुकमा कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए एक सचिव को भी निलंबित कर दिया है. और सीमाओं पर किसी तरह की लापरवाही न हो इसके लिए खुद सीमाओं पर मोर्चा संभाल लिया है. सीमाओं पर बने स्वास्थ कैम्पों में पहले आने वाले लोगों का टेस्ट कराया जा रहा है, उसके बाद ही बस्तर में प्रवेश दिया जा रहा है।
कलेक्टर ने ली टास्क फोर्स की बैठक
दरअसल, दो दिन पहले जब राज्य सरकार के द्वारा लॉकडाउन बढ़ाये जाने को लेकर कवायद की जा रही थी, उसी समय राज्य सरकार ने बस्तर संभाग के सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए थे कि आंध्रप्रदेश में कोरोना का नया वैरियंट मिला है, इसलिए बस्तर में विशेष निगरानी की जाए. हड़कप उस वक़्त मच गया जब आंध्र से आया एक मजदूर जो लोहंडीगुड़ा के कोविड सेंटर में पॉजिटिव आने के बाद भर्ती था, उसकी बुधवार को मौत हो गई. इसके बाद ये खबर फैल गई कि मजदूर की मौत आंध्र में मिले नए वैरियंट से हुई है।
जिला कलेक्टर रजत बंसल ने इस खबर को सिरे से खारिज कर दिया. उनका दावा है कि अभी तक बस्तर पूरी तरह से सुरक्षित है. आगे भी सुरक्षित रहे इस बात को ध्यान में रखते हुए जिले की सीमाओं को सील कर निगरानी की जा रही है।
बस्तर में नया वैरियंट नहीं आया- कलेक्टर रजत बंसल
आंध्र के वैरियंट को लेकर बस्तर में जिस तरह की चर्चाओं का बाज़ार गर्म है, लेकिन कलेक्टर रजत बंसल ने इसे खारिज करते हुए कहा कि कोविड से मौत हुई मरीज का सैम्पल भुवनेश्वर नहीं भेजा गया है. जो सैंपल हर दिन जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, वह एक रूटीन की प्रक्रिया है. हर दिन बस्तर से बायोलॉजी विभाग के द्वारा 5 पॉजिटिव और 5 निगेटिव लोगों के सैंपल वैरियंट की जांच के लिए भेजे जा रहे हैं. लेकिन कुछ सोशल साइट्स पर ये भ्रामक जानकारी फैला दी गई है कि बस्तर में कोरोना नया वैरियंट मिला है. राहत की बात है लेकिन अब बस्तर को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है कि क्योंकि अगर आंध्र का वैरियंट अगर फैल गया तो स्थिति बहुत भयावह हो जाएगी।

panchayattantra24.com,जगदलपुर। बोधघाट पुलिस ने शहर के वाहन चालक से अवैध वसूली करने वाले एक फर्जी पत्रकार और एक फर्जी पुलिस अधिकारी को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध वसूली की रकम समेत अन्य सामान भी जब्त किया है ।
सीएसपी हेमसागर सिदार ने बताया कि 1 मई को ग्राम करकापाल निवासी ट्रैक्टर चालक सुखराम कश्यप ईटा लेकर जा रहा था. इसी दौरान उसे दो अज्ञात लोगों ने रोक लिया. जिसमें से एक ने अपने आप को पत्रकार औऱ दूसरे ने अपने आप को पुलिस अधिकारी बताया. दोनों ने ट्रैक्टर चालक से वाहन का कागजात मांगा. वाहन चालक ने कागजात नहीं होने की बात कही. दस्तावेज नहीं होने के एवज में वाहन चालक से 5 हजार रुपए की मांग की. जब चालक ने रुपये देने में असमर्थता दिखाई, तो माड़िया चौक में उन्होंने उससे अवैध रूप से 4 सौ रुपए ले लिए. बाकी बची रकम बाद में देने की बात कही,
इसके बाद चालक ने घटना की जानकारी वाहन मालिक को दी. जानकारी मिलते ही वाहन मालिक विशेश्वर राव ने बोधघाट थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराया. पुलिस एक टीम का गठित कर आरोपियों की तलाश की जा रही थी. तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी शंकर सिंह उर्फ सोनू और प्रमोद कंवर की शिनाख्त कर ली. पुलिस ने दोनों ही आरोपियों को शहर अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार कर लिया है. कड़ी पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म भी कबूल कर लिया ।
सीएसपी ने बताया कि आरोपी शंकर सिंह अपने आप को बस्तर किरण अखबार का पत्रकार बताकर अवैध रूप से वाहनों की चेकिंग के नाम पर चालकों से वसूली कर रहा था. पूछताछ में दूसरे आरोपी प्रमोद सिंह कंवर ने पुलिस को बताया कि वह पहले बस्तर जिले में आरक्षक के पद में पदस्थ था. बीते अगस्त 2020 में किसी कारण से उसे नौकरी से निकाल दिया गया था. पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 384, 419, 420, 34 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर जेल भेज दिया है ।

panchayattantra24.com,कांकेर। अंतागढ़ कोविड अस्पताल में मौत का पहला केस सामने आया है. कोरोना संक्रमण से शनिवार को केशलाल कौशल 44 वर्ष ग्राम कोयलीबेड़ा की मौत हो गई. स्वर्गीय केशलाल कौशल कोयलीबेड़ा के निवासी थे. वे प्राथमिक शाला जिरामतराई में शिक्षक थे, जिनका कोरोना कांटेक्ट ट्रेसिंग में डयूटी लगी थी।
केशलाल कौशल अपनी टीम के साथ कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों के घर-घर जाकर संपर्क में आने वाले सभी लोगों की जानकारी एवं सूची तैयार कर रहे थे. इसी दौरान कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आने से 24 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हो गए, जिनका इलाज कोयलीबेड़ा अस्पताल में चल रहा था लेकिन तबियत में कुछ सुधार नहीं हुआ. इसके बाद उन्हें अंतागढ़ कोविड अस्पताल में बेहतर इलाज के लिए भर्ती किया गया, लेकिन शनिवार शाम को केशलाल कौशल कोरोना से जंग हार गए।
गर्मियों की छुट्टियों में शिक्षकों की कोरोना कांटेक्ट ट्रेसिंग में ड्यूटी लगी हुई है, जिसमें शिक्षक अपनी जान को जोखिम में डालकर कोरोना संक्रमितों के घर-घर जाकर अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहे हैं, क्योंकि कांटेक्ट ट्रेसिंग के जरिए कोरोना वायरस के संक्रमण को रोक सकते हैं।

panchayattantra24.com,कांकेर। अंतागढ़ में लॉकडाउन नियमों का उल्लंघन कर हाफ शटर खोलकर सामान बिक्री करने वालों के खिलाफ व्यापारियों ने नगर पंचायत कार्यालय में शिकायत की. मुख्य नगर पालिका अधिकारी से व्यापारियों ने कहा कि जब से लॉकडाउन हुआ है तब से हम सब लॉककडाउन का ईमानदारी से पालन कर रहे हैं, लेकिन कुछ दुकानदार हाफ शटर खोलकर ग्राहक को सामान बेच रहे हैं, और दुकानों के सामने भारी भीड़ रहता है लेकिन इन लोगो पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं होती।
आप भी हमें दुकान खोलने की अनुमति दीजिये हम भी लॉकडाउन में बेरोजगार हो गए हैं. इस शिकायत पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी अन्तागढ़ ने व्यापारियों से कहा कि लगातार हम नगर पंचायत क्षेत्र में ऐसे दुकानदारों पर कार्यवाही कर रहे है, और जब भी हमे इस प्रकार का कोई शिकायत पहुंचता है तो हम जाकर कार्यवाही भी करते हैं. आप हम सबको लॉकडाउन के नियमों का पालन करना चाहिए. मास्क पहनना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भी बहुत जरूरी है, जिससे क्षेत्र में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण की रोकथाम की जा सके।
बता दें कि अंतागढ़ क्षेत्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या प्रत्येक दिन तेजी से बढ़ता जा रहा है. कोरोना का दूसरा लहर इतना तेज है कि लोगों को संभलने का मौका भी नहीं दे रहा है. बढ़ते संक्रमण की दर को रोकने के लिए पूरे कांकेर जिले में स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह यानी लॉकडाउन की घोषणा की गई है. जिला कांकेर के द्वारा जारी किए गए गाइडलाइन का पालन करवाने को लेकर जिला प्रशासन भी मुस्तैद नजर आ रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करते हुए सहयोग करें और इस महामारी को रोकने में हमारा साथ दे।