Panchayattantra24. Com – नई दिल्ली। अभी तक आपने दूध वाली चाय, लेमन टी, ग्रीन टी या फिर कॉफी का सेवन किया होगा, लेकिन आज हम आपको एक ऐसी चाय के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके बारे में सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। शायद आपने इसके बारे में पहले न सुना हो और न ही पढ़ा हो…इसका नाम सुनते ही इसे पीने की इच्छा जरूर जागृत होगी। हम बात कर रहे हैं गेंदा के फूल से बनी चाय की, जो अपने आप में एक औषधीय पेय है।
गेंदा का फूल, जिसे आमतौर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पूजा-पाठ में उपयोग किया जाता है, आयुर्वेद में एक औषधीय पुष्प माना गया है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं। इन्हीं में से एक है गेंदा के फूल से तैयार की जाने वाली चाय। यह चाय हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है, क्योंकि इसमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को अनेक बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं। आइए, आयुष चिकित्सक से जानते हैं कि गेंदा की चाय किस प्रकार फायदेमंद है और इसे कैसे तैयार किया जाता है।
आयुष चिकित्सा के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखने वाली रायबरेली जिले के कस्बा शिवगढ़ स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आयुष चिकित्सक डॉ. आकांक्षा दीक्षित (एमडी आयुर्वेद, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद, जयपुर, राजस्थान) ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि गेंदा के फूल को आयुर्वेद में औषधि पुष्प माना गया है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं। गेंदा के फूल से बनी चाय का नियमित सेवन कई बीमारियों में राहत देता है और विशेष रूप से महिलाओं के लिए यह बेहद फायदेमंद है।
गेंदा के फूल में पाए जाने वाले पोषक तत्व
डॉ. आकांक्षा दीक्षित के अनुसार, गेंदा के फूल में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें ऐसे तत्व मौजूद होते हैं जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं।
इन बीमारियों में मिलती है राहत
गेंदा के फूल से बनी चाय का सेवन महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द और ऐंठन से राहत देता है। यह इम्युनिटी को मजबूत करता है, त्वचा संबंधी समस्याओं में लाभकारी होता है, दांत दर्द को कम करता है और तनाव घटाने में भी सहायक है। इसके नियमित सेवन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव में भी मदद मिलती है।
ऐसे बनाएं गेंदा की चाय
डॉ. आकांक्षा दीक्षित बताती हैं कि गेंदा की चाय साधारण चाय की तरह ही बनाई जाती है। इसमें चाय पत्ती की जगह गेंदा के फूल की पंखुड़ियों का उपयोग किया जाता है।
