रायपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पत्रकारो से चर्चा करते हुये कहा कि कल सरकार की तरफ़ से एक प्रेस नोट जारी किया गया तथा उसके बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रेस कांफ्रेंस भी किया प्रचारित किया गया की सरकार ने गाइड लाइन की दरों में कमी कर दिया जबकी हक़ीक़त यह है कि न सरकार के द्वारा जारी प्रेस नोट में और न ही वित्त मंत्री के प्रेस कांफ्रेंस में दरों के कम करने की बात की गई है। सरकार ने गाइड लाइन की दर जो 10 से 800 प्रतिशत तक बढ़ाया है, उसमे कमी करने का कोई घोषणा न्ही किया है। केवल बहुमंजिली इमारतो, फ्लैटो के तल वाइस गाड़ना में छूट दी गई है इससे केवल बिल्डरों का फायदा होगा। किसानो के ज़मीनो का जो बेतहाशा रेट बढ़ाया है, उसके बारे में कोई फैसला नहीं लिया है। खुले प्लॉट के जो रेट बढ़ाए गए है, उस पर कोई कमी नहीं की गई है। सरकार ने बिना प्रक्रिया का पालन किए बिना दावा आपत्ति मंगाये गाइड लाइन के रेट बढ़ाए थे, जो अवैध है। अब वह सिर्फ प्रक्रिया पालन करने जा रही। हमारी माँग है सरकार ने २० नवंबर को जो बढ़ोतरी अवैध तरीक़े से की थी उसको वापस ले।
एसआईआर का समय तीन महीना बढ़ाया जाय
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि एसआईआर में अब केवल दो दिन ही बचे है। अभी भी आधे से अधिक नागरिकों के एसआईआर पूरे नहीं हो पाए है। आयोग इस बात की पुष्टि अपने बीएलओ से कर ले, अभी कितना एसआईआर पूरा हुआ है। कांग्रेस मांग करती है कि आयोग छत्तीसगढ़ में एसआईआर के काम को तीन महीना और बढ़ाए। ताकि प्रदेश के सभी नागरिकों का एस आई आर काम पूरा हो सके।
डबल इंजन की सरकार रायपुर एयरपोर्ट बेचने जा रही
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आज खबर छपी है की मोदी सरकार रायपुर एयरपोर्ट निजी हाथों को सौंपना चाह रही। इसके लिए एयरपोर्ट का मूल्यांकन भी शुरू हो गया है। एयरपोर्ट निजी हाथों को सौपने पर यहां यात्री सेवाएं भी महंगी हो जाएगी। यह भी खबर है की एयरपोर्ट पर शराब दुकान भी खोली जाएगी। कांग्रेस सरकार के इस निर्णय का विरोध करती है। हम आंदोलन करेंगे एयरपोर्ट का निजीकरण नहीं होने देंगे। सरकार की एकाधिकार और निजी करण नीति का परिणाम है की आज देश में जहाज़ का संकट है उसके बाद भी सरकार होश में नही आई है।
स्मार्ट मीटर के कारण भी बिजली बिल अधिक आ रहे
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बिजली उपभोक्ता को लूटने में कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रही। 400 यूनिट बिजली के दाम की छूट को कम कर दिया, बिजली के दाम 4 बार बढ़ा दिया, सभी घरों में स्मार्ट मीटर लगा दिया। स्मार्ट मीटर सामान्य मीटर से तेज गति से चल रहा, उसके कारण बिजली की खपत वास्तविकता से अधिक दिख रही। उपभोक्ता इससे परेशान है। सरकार स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर लगाए ताकि लोगों को यह पता लग सके कि उनकी खपत में कोई गड़बड़ी नहीं हो रही। उनका बिजली बिल सही आ रहा या नहीं। सरकार ने मीटर चेक करवाने के लिए उपभोक्ता से 1000 और 1500 रु. लेने का प्रावधान रखा है यह गलत है। मीटर मुफ्त में चेक किया जाय।
