हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों का पर्व कहा जाता है। पितृ पक्ष के 15 दिनों की अवधि में पितरों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद पाने के लिए पिंडदान और तर्पण किया जाता है।
ऐसी मान्यता है कि पितृ पक्ष में मृत परिजनों की आत्मा अपने परिवार वालों से मिलने के लिए आती है। इसलिए इस दौरान घर को साफ-सुथरा और पवित्र रखना चाहिए। साथ ही ऐसी नकारात्मक चीजों को भी घर से हटा देना चाहिए, जो पितरों को पसंद नहीं।
टूटे-फूटे बर्तन- जिन बर्तनों का इस्तेमाल आप नहीं करते या जो बर्तन टूट गए हैं। उन्हें पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही घर से हटा देना चाहिए। इन बर्तनों से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और पितरों की कृपा भी प्राप्त नहीं होती।
खंडित मूर्ति- देवी-देवताओं की खंडित मूर्तियां या टूटी हुई तस्वीर को कभी भी घर पर न रखें। ऐसी मूर्ति घर पर रखना या इसमें पूजा करना बहुत अशुभ माना जाता है। आप पितृ पक्ष शुरू होने से पहले ही इन्हें किसी पवित्र नदी में विसर्जित कर दें।
बेकार की वस्तुएं- घर पर बेकार का जंग जगा सामान, कबाड़ का सामान या रद्दी-पुराने कपड़े रखना भी अच्छा नहीं माना जाता है। ऐसी चीजें घर की पवित्रता को भंग करती हैं। इसलिए इन वस्तुओं को भी पितृ पक्ष के पहले ही हटा लें।
बंद पड़ी घड़ियां- बंद या खराब घड़ियों से जीवन की गति और तरक्की बाधित होती है। अगर आपके घर पर भी ऐसी घड़ियां हैं तो इन्हें पितृ पक्ष से पहले ठीक करवा लें या फिर हटा दें। लेकिन बंद घड़ियों को कभी भी दीवार पर न लटकाएं।