रायपुर । रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में 40 डॉक्टरों के समक्ष हार्निया का लाइव ऑपरेशन किया गया। डॉ. संदीप दवे, डॉ. विक्रम शर्मा, डॉ. जव्वाद नकवी और डॉ. सिद्धार्थ तामस्कर ने 40 मरीजों की हार्निया का ऑपरेशन किया। डॉ. संदीव दवे ने बताया कि हार्निया आम बीमारी है, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दें तो जान भी जा सकती है। हमने प्रदेश भर के डॉक्टरों को लेप्रोस्कोपी के माध्यम से जाली लगाकर ऑपरेशन करना सिखाया।
नहीं होगा चीरफाड़
डॉ. संदीप दवे ने बताया कि पूर्व में हार्निया के ऑपरेशन के लिए चीरफाड़ करना पड़ता था। अब लेप्रोस्कोपी के माध्यम से आसानी से ऑपरेशन हो जाता है। अंदर की जो भी आंत अव्यवस्थित हो जाती है, उसे टाइटेनियम की जाली लगातर सही स्थिति में कर दिया जाता है।
एक दिन में ही मरीज हो जाएग डिस्चार्ज
हार्निया की लाइव सर्जरी में डॉक्टरों ने बताया कि अब मरीज के ऑपरेशन के बाद एक से दो दिनों में डिस्चार्ज कर दिया जाता है। खान-पान में भी किसी तरह के परहेज की जरूरत नहीं होती। पूर्व में ऑपरेशन के बाद मरीज को वजन उठाने की मनाही होती थी, खानपान में सावधानी बरतनी होती थी। अब ऐसी कोई बात नहीं है।
नाभि से नहीं होगा ऑपरेशन
डॉक्टर्स की टीम ने बताया कि पूर्व में नाकभ वाले हार्निया पर उसे काट कर ऑपरेशन किया जाता था। अब लेप्रोस्कोपी से नाभि को छुए बगैर आसानी से ऑपरेशन किया जा सकता है। इससे किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होती है।
