रायपुर। अमेरिका की बड़ी फॉर्मा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन के बनाए हिप रिप्लेसमेंट इंप्लांट पर बबाल मचा हुआ है। देशभर से मरीजों ने केंद्र सरकार को शिकायतें भेजी है कि इंप्लांट सर्जरी के बाद तकलीफ कम नहीं बल्कि और ज्यादा बढ़ गई है। शिकायतों पर केंद्र ने संज्ञान लिया और सभी राज्यों को निर्देशित किया कि वे राज्य स्तरीय कमेटी गठित करें। विशेषज्ञों की कमेटी मरीजों की जांच करेगी। अगर डिस-एबिलिटी (दिव्यांगता) पाई गई तो रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी। छत्तीसगढ़ में मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञों की कमेटी गठित की जा चुकी है। इसकी एक बैठक भी हो चुकी है। केंद्र ने 20 लाख से लेकर एक करोड़ रुपये तक का मुआवजा तय किया है।
प्रदेश के हड्डी रोग विशेषज्ञों इन्होंने बताया कि 2006, 07, 08 में जब कंपनी ने अपना यह इंप्लांट मार्केट में लांच किया तो उस समय हिप रिप्लेसमेंट बड़ी संख्या में हुए। प्रदेश में इंप्लांट करवाने वालों की संख्या काफी अधिक हो सकती है। देश में करीब पांच हजार हिप इंप्लांट हुए थे। छत्तीसगढ़ खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के नियंत्रण ने बकायदा पीड़ितों के लिए विज्ञापन जारी किया है, जहां वे शिकायत कर सकते हैं। गौरतलब है कि देश में दवाओं के निर्माण, बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन की नियामक ने जॉनसन एंड जॉनसन के एएसआर इंप्लांट का लाइसेंस 2012 में रद कर दिया था। सैकड़ों शिकायतों के बावजूद कंपनी के खिलाफ भारत सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया।
यहां करें शिकायत-
कार्यालय नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग, छत्तीसगढ़,
चतुर्थ तल, ब्लॉक 1, इंद्रावती भवन, अटल नगर, रायपुर- 0771-2235226
कंपनी ने भारत को रखा धोखे में
जॉनसन एंड जॉनसन ने भारतीय नियामक को इस बात की सूचना नहीं दी थी कि कंपनी के हिप इंप्लांट से ऑस्ट्रेलिया में कई मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खुद अमेरिका में भी गड़बड़ियां पाई गईं। भारतीय नियामक ने लाइसेंस जारी कर दिया था। 2006 से 2010 तक कंपनी ने मरीजों को इंप्लांट में सब्सिडी दी, जिसे 2010 के अंत में बंद कर दिया गया था।
राज्य स्तरीय समिति-
डॉ. एसएन फुलझेले, प्रोफेसर, पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज रायपुर
डॉ. विनीत जैन, प्रोफेसर, पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज रायपुर
डॉ. विवेक पात्रे, प्रोफेसर, रेडियो डायग्नोसिस, पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज रायपुर
(नोट- समिति के सदस्यों से पं. जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में इनके विभागों में संपर्क किया जा सकता है। इनके मोबाइल नंबर पर भी। मो. नंबर राज्य शासन ने सार्वजनिक किए हैं ताकि मरीज सीधे भी पहुंच सके।)
देखिए, हिप रिप्लेसमेंट के बाद मरीजों में डिस-एबिलिटी (दिव्यांगता) आई होगी तो उनका परीक्षण किया जाएगा। उसकी रिपोर्ट राज्य शासन के माध्यम से केंद्र को भेजी जाएगी। मुझे याद है राज्य में इंप्लांट हुए हैं। – डॉ. एसएन फुलझले, अध्यक्ष, राज्य स्तरीय कमेटी
केंद्र सरकार के निर्देश पर कमेटी गठित कर दी गई है। शिकायत पर कमेटी जांच करेगी और फिर मुआवजे के लिए केंद्र को पत्र लिखा जाएगा। फिलहाल हमारे पास अभी तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। सभी मरीजों को न्याय मिलेगा। – हिरेन पटेल, असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग
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