समय पर पंजीयन से धान खरीदी, डिजिटल क्रॉप सर्वे और कृषि योजनाओं का लाभ होगा सुनिश्चित
panchayattantra24.-रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों को डिजिटल कृषि व्यवस्था से जोड़ने के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह पंजीयन किसानों के लिए केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य की कृषि सेवाओं तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बनता जा रहा है। समय पर पंजीयन कराने वाले किसान अब इसे अपनी डिजिटल सुरक्षा कवच के रूप में देख रहे हैं।
बलरामपुर जिले के ग्राम भनौरा निवासी किसान नंदू राम सिंह ने समय रहते एग्रीस्टैक पंजीयन कराकर अन्य किसानों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभ में उन्हें एग्रीस्टैक के महत्व की जानकारी नहीं थी, लेकिन राजस्व एवं कृषि विभाग की टीम द्वारा गांव में दी गई जानकारी के बाद उन्होंने तुरंत ग्राम पंचायत स्थित कॉमन सर्विस सेंटर पहुंचकर अपना पंजीयन करा लिया।
नंदू राम सिंह ने बताया कि पंजीयन की पूरी प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और कम समय में पूरी हो गई। आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद बिना किसी परेशानी के उनका पंजीयन सफलतापूर्वक हो गया।उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक पंजीयन से किसानों की भूमि और फसल संबंधी जानकारी डिजिटल रूप से सुरक्षित रहती है, जिससे भविष्य में धान उपार्जन, डिजिटल क्रॉप सर्वे, खाद-बीज वितरण, किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ प्राप्त करना अधिक आसान और व्यवस्थित होगा।
उन्होंने सभी किसानों से अपील करते हुए कहा कि आखिरी समय का इंतजार न करें। यदि समय रहते एग्रीस्टैक पंजीयन नहीं कराया गया तो भविष्य में धान खरीदी, फसल सर्वे और शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई आ सकती है।
राज्य शासन किसानों को लगातार जागरूक कर रहा है कि वे अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर, ग्राम पंचायत या अधिकृत पंजीयन केंद्र में पहुंचकर शीघ्र एग्रीस्टैक पंजीयन कराएं। समय पर किया गया यह पंजीयन किसानों को भविष्य की संभावित परेशानियों से बचाने के साथ-साथ डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ समय पर और सहज रूप से प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
