रायपुर । लोकसभा चुनाव के लिए देशभर में सात चरणों में मतदान होना है. पहले चरण के लिए 11 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. मतदान की जिम्मेदारी जिन कर्मचारियों के ऊपर होती है उन्हें मतदान केन्द्रों के लिए रवाना करने का कार्य भी किया जा रहा है. ईवीएम-वीवीपैट लेकर मतदान दलों को मौजूद साधनों से केन्द्रों में भेजा जाता है लेकिन छत्तीसगढ़ में एक ऐसी जगह भी है जहां मतदान दलों को जीप, बस या कार से नहीं बल्कि हेलीकाप्टर से भेजा जाता है ।
दरअसल छत्तीसगढ़ का एक बड़ा भू-भाग दुर्गम इलाकों से भरा पड़ा है, भूगौलिक चुनौतियों के साथ-साथ यहां नक्सलवाद सबसे बड़ी चुनौती रहा है.छत्तीसगढ़ के उत्तर बस्तर, दक्षिण बस्तर, राजनांदगांव और कवर्धा जिला नक्सलग्रस्त क्षेत्र हैं. जिसमें कि बस्तर संभाग से दो लोकसभा सीटें जिनमें बस्तर और कांकेर लोकसभा सीट धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र हैं. चप्पे-चप्पे पर नक्सली खौफ और जानलेवा बारुदी सुरंगों का बिछा खतरा मौजूद है ।
ऐसे में यहां मतदान कराना एक बड़ी चुनौती के साथ ही चुनाव आयोग के लिए एक बड़ी उपलब्धि भी है. नक्सली खौफ की वजह से इन इलाको में मतदान कराने के लिए आयोग द्वारा दल और चुनाव सामग्री को हेलीकॉप्टर के माध्यम से भेजा जाता है ।
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