रायपुर। छत्तीसगढ़ कैबिनेट की पहली बैठक मंगलवार को महानदी भवन में संपन्न हुई। बैठक में शराब बंदी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया। कृषि विभाग का नाम बदल कर कृषक कल्याण विभाग किए जाने का प्रस्ताव कैबिनेट की बैठक में लाया गया है।
छत्तीसगढ़ में मंत्रिमण्डल के गठन के बाद मंगलवार को पहली बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में तत्कालीन आबकारी विभाग की अध्ययन दल की रिपोर्ट और शराब बंदी के प्रस्ताव को कैबिनेट ने खारिज कर दिया। बैठक के दौरान किसानों के हित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं को लेकर भी चर्चा की गई।
इस दौरान यह प्रस्ताव तैयार किया गया कि कृषि विभाग का नाम बदलकर कृषक कल्याण विभाग किया जाए। भूपेश कैबिनेट ने बैठक के दौरान एक और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। प्रदेश के बहुचर्चित नान घोटाले की फाइल फिर से खुलेगी। एसआईटी नान घोटाले की जांच करेगी। आईजी स्तर के अधिकारी इस मामले के जांच अधिकारी होंगे। इस मामले में राज्य के कई बड़े अधिकारियों के नाम सामने आए थे। पूर्ववर्ती सरकार ने मामले की जांच रोक दी थी।
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