जज ने कहा: डॉक्टर और पुलिस जैसे रक्षक ही भक्षक बन जाएं तो नरमी संभव नहीं, मरते दम तक जेल में रहेंगे

दुर्ग। सुपेला के सरकारी अस्पताल में भर्ती छात्रा के दुष्कर्मी डॉक्टर सहित दो पुलिसकर्मियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। भिलाई की छात्रा के साथ पांच साल पहले डॉ. गौतम पंडित, पुलिसकर्मी सौरभ भट्ट और चंद्रप्रकाश पांडेय ने गैंगरेप किया था। पंचम अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश शुभ्रा पचौरी ने सजा सुनाते हुए कहा, तीनों आरोपी लोक कर्तव्य के पेशे से जुड़े थे। ऐसे में उनका काम रक्षक का होने पर भी वे स्वंय पीडि़ता के भक्षक बन गए।
इन परिस्थतियों में आरोपियों के साथ किसी भी दशा में नरमी बरती नहीं जा सकती है। कोर्ट ने तीनों को जीवन समाप्त होने तक जेल में रहने की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। ट्रॉयल में खुद के बयान से पहले ही पीडि़ता ने कर ली खुदकुशी-प्रकरण में आरोपियों के खिलाफ सुपेला थाना में 7 जनवरी 2015 को अपराध दर्ज हुआ। अगले ही दिन पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार न्यायिक रिमांड पर जेल दिया। इस बीच पीडि़ता धारा 164 के तहत मजिस्ट्रियल बयान दर्ज हुए और आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में ट्रायल शुरू हुआ। इसके बाद से पीडि़ता अपने को असहज महसूस करने लगी। इसी वजह मानसिक परेशान रहने लगी। प्रकरण दर्ज होने के सालभर बाद 28 जनवरी 2016 को फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। जबकि उस दौरान कोर्ट में चल रहे ट्रायल में बयान पूरे भी नहीं हुए। इस मामले में 25 गवाह कोर्ट में पेश हुए।
